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इस मंदिर में शादी करनी है तो पहले आधार कार्ड दिखाओं...
उतराखंड के एक मंदिर में जहां बिना आधारकार्ड दिखाएं यहां जोड़ों की शादी नहीं होती है।
आधार कार्ड आज हर सरकारी योजना का लाभ लेने या किसी सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए जरुरी और अहम दस्तावेज हो गया है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि मंदिर में शादी करने के लिए आधार कार्ड होना जरुरी है! नहीं न आज हम आपको बता रहे है उतराखंड के एक मंदिर के बारे में जहां बिना आधारकार्ड दिखाएं जोड़ों की शादी नहीं होती है।
आइए जानते है इस मंदिर के बारे में आखिर मंदिर का आधारकार्ड से क्या लेना देना हैं?

इसलिए उठाया है ये कदम
अल्मोडा में स्थित गोलू देवता के प्रसिद्ध मंदिर में शादी करने के लिए अब आधार कार्ड जरूरी है। यह कदम मंदिर के पुजारियों ने इसलिए उठाया है। ताकि मंदिर में होने वाली नाबालिगों की शादियों को रोका जा सके। अब अगर किसी जोडे को इस मंदिर में शादी करनी है तो सबसे पहले अपना आधार कार्ड दिखाना होगा।

रोजाना होती है 6 शादियां
आधार कार्ड के अलावा पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों को पर्याप्त नहीं माना जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मंदिर में रोजाना करीब 6 शादियां होती है और प्रतिवर्ष करीब 400 शादियां होती हैं।

नाबालिग शादी रोकने के लिए
इस मंदिर के पुजारी का कहना है कि यहां शादी के बंधन में बंधने आने वाले प्रेमी जोड़ो के बारे में जानकारी हासिल करना बहुत मुश्किल काम होता है। इसके अलावा प्रशासन के सख्त नियम के साथ ही यह पता करना भी मुश्किल हो जाता है कि शादी करने वाला जोडा बालिग है या नहीं। यहां आसपास से अक्सर नेपाली नाबालिग लडकियां भी शादी के लिए यहां आती हैं। इसलिए यहां आने वाले जोड़ों के लिए ये आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।

न्याय का देवता भी कहा जाता है
गोलू देवता को पूरे उत्तराखंड में न्याय का देवता माना जाता है। जो आदमी कोर्ट- कचहरी से उम्मीद खो बैठता है, वो अपनी अर्जी गोलू देवता के दरबार में लगा देता है। अब अर्जी तो अर्जी है प्रॉपर तरीके से ही लगानी होती है। इसलिए स्टाम्प पेपर पर नोटरी वगैरह के साइन करा कर के गोलू देवता के नाम पर चिट्ठी लिखी जाती है। लेकिन कुछ लोगों का कहना ये भी है कि भगवान तो सबके मन की बात जानते हैं तो वो कागज के छोटे से टुकड़े में ही अपनी समस्या लिख कर लटका देते हैं। एक नियम ये भी है कि दूसरे की लटकायी चिट्ठी को कभी पढ़ना नहीं चाहिए।



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