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क्या बला है ये ब्लू वेल गेम, जो ले चुका है सैकड़ों मासूमों की जान..
ब्लू व्हेल गेम: अब तक इस सुसाइडर गेम की वजह से दुनियाभर में 250 लोगों की जान जा चुकी है।
खूनी इंटरनेट गेम 'ब्लू वेल' ने मुंबई में एक 14 साल के बच्चे की मनप्रीत की जान ले ली है। अंधेरी ईस्ट में रहने वाले एक बच्चे ने शनिवार को सातवीं मंजिल से छलांग लगा ली, इस बच्चे को ऑनलाइन सूसाइड गेम का शिकार बताया जा रहा है।
अब तक इस सुसाइडर गेम की वजह से दुनियाभर में 250 लोगों की जान जा चुकी है इसमें से सिर्फ रूस में 130 लोगों की जान गई है। आखिर क्या बला है ये ब्लू वेल गेम क्यों अचानक से सुर्खियों का कारण बन गया और क्यों लोग इसे खेलने की कीमत अपनी जान देकर चुका रहे हैं?

मरने के लिए उकसाता रहा एडमिन
जांच करने वाले एक अफसर के मुताबिक मनप्रीत जब छलांग लगाने के लिए छत पर गया था, तो दूसरी बिल्डिंग के एक शख्स ने उसे देख लिया था। उसने मनप्रीत से नीचे उतरने के लिए भी कहा था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक मनप्रीत ने इस बात का जिक्र गेम के एडमिन से भी किया था, लेकिन एडमिन उसे आत्महत्या करने के लिए उकसाने में सफल रहा।

50 दिनों में पूरा करना होता है ये गेम
द ब्लू वेल गेम को 2013 में रूस से फिलिप बुडेकिन ने बनाया था। इस खेल की शुरुआत सबसे पहले VKontakte नामक सोशल नेटवर्किंग साइट पर हुई थी। इस खेल में एक एडमिन होता है, जो खेलने वाले को अगले 50 दिन तक बताते रहता है कि उसे आगे क्या करना है।
यह गेम क्लोज्ड ग्रुप में खेला जाता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसे साइट्स पर इंविटेशन के जरिए इस गेम में आप शामिल हो सकते हो। अंतिम दिन खेलने वाले को खुदकुशी करनी होती है और उससे पहले एक सेल्फी लेकर अपलोड करनी होती है

जानलेवा टास्क होते हैं
गेम खेलने वाले को हर दिन एक कोड नंबर दिया जाता है, जो हॉरर से जुड़ा होता है।
इसमें हाथ पर ब्लेड से F57 लिखकर इसकी फोटो अपलोड करने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा हर रोज के खेल के लिए एक कोड होता है, जो सुबह 4.59 बजे ही ओपन हो सकता है। इस गेम का एडमिन स्काइप के जरिए गेम खेलने वाले से बात करता रहता है।
हर टास्क के पूरा होने पर हाथ में एक कट लगाने के लिए कहा जाता है और उसकी फोटो अपलोड करने को कहा जाता है। गेम का विनर उसे ही घोषित किया जाता है, जो अंतिम दिन जान दे देता है।

गेम छोड़ने पर मिलती है धमकी
अगर किसी ने एक बार गेम खेलना शुरू कर दिया, तो वो इसे बीच में नहीं छोड़ सकता। एक बार गेम शुरू हो जाने पर गेम खेलने वाले का फोन एडमिन हैक कर लेता है और फोन की सारी डिटेल उसके कब्जे में आ जाती है। अगर कोई बीच में गेम छोड़ना चाहे, तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती रहती है कि उसे या फिर उसके माता-पिता को जान से मार दिया जाएगा।

बॉयोलॉजिकल वेस्ट कहा मरने वालो को
यह गेम 2013 में रूस में बना था, लेकिन सुसाइड का पहला मामला 2015 में आया था। इसके बाद गेम बनाने वाले फिलिप को जेल भेज दिया गया। जेल जाने के दौरान अपनी सफाई में फिलिप ने कहा था कि ये गेम समाज की सफाई के लिए है। जिन लोगों ने भी गेम की वजह से आत्महत्या की, वो बॉयोलॉजिकल वेस्ट थे। जो लोग सोसायटी के किसी तरह से काम नहीं आने वाले याजो सिर्फ सोसायटी को नुकसान पहुंचा रहे हैं या पहुंचाएंगे। मैं अपनी सोसायटी को ऐसे लोगों से मुक्त कर रहा था।'

ऐसे पहुंचा भारत
फिलिप बुडेकिन पर आरोप है की उसने ख़ुद 16 बच्चों को इस गेम के जरिए आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। जिस मामले उसकी गिरफ़्तारी भी हुई लेकिन इसके बाद भी यह गेम अमेरिका, इंग्लैंड, सऊदी अरब के बाद भारत तक पहुंच चुका है ये लोग किशोर अवस्था के बच्चों को इस गेम मे शामिल करते है।

किसी देश ने नहीं किया बैन अब तक
250 से अधिक मौतों के बाद भी इस गेम को दुनिया के किसी भी देश में बैन नहीं किया गया है. ये अभी तक ब्रिटेन में लॉन्च नहीं हुआ है, लेकिन अब वहां भी इसे लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। एक ब्रिटिश वेबसाइट के मुताबिक ब्रिटेन में कई जगह स्कूल प्रशासन आगे आकर पैरेंट्स से अपने बच्चों को इस गेम से सचेत रहने के लिए आग्रह कर रहे हैं।



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