एक पैर कट गया था, फिर भी एवरेस्ट पर चढ़कर लहराया तिरंगा, कौन है ये महिला

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आपने बहादुरी की बहुत सी कहानियां तो जरूर सुनी होगी कि लोग ऐसा कुछ कर जाते है जो इतिहास बन जाता है। ऐसे में आप ये सोचते है कि ऐसी बहुत सी कहानियां है तो प्रसिद्ध है। आपने ये भी सुना होगा की हिमालय के एवरेस्ट जैसी ऊचाई पर भी लोग चढ़ जाते है।

वैसे भारत में हौसले और जुनून की मिसाल पेश करनेवाली कई अनोखी कहानियां सुनने को मिलती है जो दूसरों के लिए प्रेरणादायक होती है। आज हम आपको एक ऐसी महिला के हौसले की दास्तान बताने जा रहे हैं जिसने एक हादसे में अपना एक पैर खो दिया लेकिन वो दुनिया के सबसे ऊंची जगह माउंट एवरेस्ट पर फतह करना चाहती थी।

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उसने अपने इस जुनून को कम नहीं होने दिया और हौसले के दम पर उसने अपनी मंजिल आखिरकार पा ली। क्या आप जानते है कि ये महिला कौन है जिसके हौसले के सामने एवरेस्ट ने भी घुटने टेक दिए। आइए जानते है इनके बारे में....

यूपी की रहने वाली है अरुनिमा

यूपी की रहने वाली है अरुनिमा

आपको बता दे कि एक पैर ना होने के बावजूद एवरेस्ट पर फतह हासिल करने वाली अरुणिमा उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर की रहनेवाली है। अरुणिमा सिन्हा साल 2011 में कुछ लोगो ने इनको चलती हुई ट्रेन से नीचे फेंक दिया था। ये दिल दहला देने वाला हादसा होने के बाद भी अरुणिमा को नई जिंदगी मिली।

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पूरी रात पड़ी रहीं रेलवे ट्रैक के किनारे

पूरी रात पड़ी रहीं रेलवे ट्रैक के किनारे

उन्होने बताया कि वो पूरी रात वहां पड़ी रही थी और चिल्ला चिल्लाकर मदद लिए लोगों को बुला रही थी। यहां तक की इतनी देर में उनके पैरो को चूहों के द्वारा कुतरा जा रहा था। देखते ही देकते कई ट्रेने वहा से निकल गई पर किसी ने उनको नहीं देखा। सुबह होने के बाद पास के गांव वालों ने उनकी मदद की।

एक पैर गवाना पड़ा था

एक पैर गवाना पड़ा था

इस हादसे के बाद जो हुआ वो किसी भी इंसान के आत्मविश्वास को खत्म कर देगा। दरअसल इसके बाद इनको अपना एक पैर गवाना पड़ा था। दूसरे पैर में एक रॉड लगाई गई थी। इसके बावजूद वो निडर होकर जिंदगी जीती रहीं।

एवरेस्ट पर एक पैर से चढ़कर लहराया तिंरगा

एवरेस्ट पर एक पैर से चढ़कर लहराया तिंरगा

कहते है ना कि जुनून हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। ऐसे हादसे के बाद जिसमें उनका एक पैर कट गया था उसके बाद भी वो हारी नहीं और अपने हौसले को बरकरार रखते हुए एवरेस्ट पर चढ़कर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी

आपको बता दें कि एवरेस्ट इस दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है। वैसो तो कई लोगों ने इसमें चढ़कर भारत का नाम रोशन किया है पर एक अपंग महिला के रुप में अरुणिमा ने इसका इतिहास ही बना डाला है।

कई चोटियों पर की चढ़ाई

कई चोटियों पर की चढ़ाई

आपको बता दें कि ना सिर्फ एवरेस्ट बल्कि कई और जगह भी इन्होने अपने हौसले और हिम्मत का प्रदर्शन किया। उन्होंने इसके बाद भी अलग-अलग महाद्वीपों के पांच दूसरी चोटियों की भी चढ़ाई की जो कि इतिहास में दर्ज हो गई है।

नकली पैर का सहारा

नकली पैर का सहारा

अरुणिमा ने इस पूरे सफर के दौरान अपने नकली पैर का सहारा लिया था। लोग इनकी हिम्मत और हौसले को सलाम कर रहे है। ऐसा करने वाली ये महली महिला है। इस कारण से इनको राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित भी किया गया था।

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    English summary

    first female amputee to climb Mount Everest will make you proud

    Today we are going to tell you the fable of a woman who lost her leg in an accident, but she wanted to conquer Mount Everest, the world's highest place.
    भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
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