Latest Updates
-
Hantavirus Outbreak: बीच समंदर क्रूज पर फैला हंतावायरस, 3 की मौत; जानें कैसे फैलता है यह वायरस? -
Met Gala 2026: सोने की साड़ी और हीरे जड़ा ब्लाउज पहन रेड कार्पेट पर उतरीं ईशा अंबानी, बनाने में लगे 1200 घंटे -
Bada Mangal 2026 Upay: ज्येष्ठ के पहले बड़े मंगल पर करें ये आसान उपाय, हनुमान जी दूर करेंगे सभी संकट -
39 की उम्र में शादी करने जा रही हैं हुमा कुरैशी? जानें कौन है उनका होने वाला दूल्हा -
Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी आज, जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
Bada Mangal Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से प्रियजनों को दें बड़े मंगल की शुभकामनाएं -
Bada Mangal 2026 Wishes: संकट मोचन नाम तुम्हारा...पहले बड़े मंगल पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 5 May 2026: साल का पहला 'बड़ा मंगल' आज, बजरंगबली की कृपा से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत -
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: कितने पढ़े-लिखे हैं असम के CM हिमंता बिस्व सरमा? नेट वर्थ जानकर दंग रह जाएंगे आप
Bold & Beautiful : शालिनी सिंह, एक्स आर्मी ऑफिसर से मिसेज इंडिया 2017 बनने का सफर
मिसेज इंडिया क्लासिक क्वीन ऑफ सबस्टेंस (Mrs. India Classic Queen of Substance-MIQS) 2017 का खिताबी ताज पहनने वाली कैप्टन (रिटायर्ड) शालिनी सिंह का मिसेज इंडिया बनने का सफर इतना आसान भी नहीं था।
शालिनी 23 साल की थीं, जब पति मेजर अविनाश सिंह भदौरिया कश्मीर में चार आतंकियों का सामना करते हुए शहीद हो गए थे। उस वक्त बेटा ध्रुव महज दो साल का था। पति को कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) मिला। इसे शालिनी ने लिया तो उनकी आंखों में आंसू थे। पर आज शालिनी 17 साल के बेटे ध्रुव को भी वर्दी में देखना चाहती हैं। ध्रुव ने 12वीं की परीक्षा ने अभी एनडीए के एग्जाम दिए है।

पहली आर्मी ऑफिसर
शालिनी पहली महिला फौजी हैं, जिन्होंने जिसने मिसेज इंडिया क्लासिक का खिताब जीता है।

जब मिली पति के शहीद होने की खबर
वह 28 सितंबर को शालिनी को मालूम चला कि मेजर अविनाश को गोली लगी है। 2 घंटे बाद ही दूसरी कॉल से मालूम चला कि अविनाश शहीद हो गए हैं। शालिनी बताती है कि उस वक्त मेरी नजर बस पास में ही खेल रहे ध्रुव पर जाती थी। शालिनी ने फैसला लिया, ‘मैं भी फौज में जाऊंगी।' लेकिन इस फैसले तक पहुंचने का फासला तय करना बेहद तकलीफ भरा था।

किया संघर्ष
शालिनी सिंह ने सर्विस सलेक्शन बोर्ड (SSB) की परीक्षा दी और अचानक मेजर अविनाश की शहादत को सिर्फ तीन महीने के अंदर शालिनी का सलेक्शन हो गया था। इलाहाबाद में इंटरव्यू के लिए एक हफ्ते रहना हुआ। ये अनुभव किसी भी मां के लिए बेहद कष्टदायक था। SSB सेंटर में बच्चे के साथ नहीं रहा जा सकता था। लिहाजा परिवार के लोग साथ गए। वे बच्चे को संभालते थे लेकिन बच्चा उनसे कुछ ज्यादा खाता पीता ही नहीं था। लिहाजा परिवार के लोग SSB सेंटर के बाहर पार्क में बच्चे के साथ इंतजार करते थे और मौका पाकर शालिनी थोड़ी देर के लिए सेंटर से बाहर आती थी ताकि बच्चे को कुछ खिला-पिला सके।

20 दिन में मिला कमीशन
7 सितंबर 2002 का दिन था। यानि शालिनी के पति की शहादत की बरसी के सिर्फ बीस दिन शेष थे और शालिनी को सेना में कमीशन हासिल हो गया। इस बीच पति को कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) से नवाजा गया। शालिनी ने फौज की वर्दी पहनी और राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से पति का सम्मान प्राप्त किया।

दूसरी शादी ने दिया बड़ा दर्द
2008 में शालिनी ने घर वालों के दबाव में आकर अपने सीनियर मेजर एसपी सिंह से दूसरी शादी कर ली। शादी के कुछ समय में ही
शालिनी को पता लगा कि मेजर ने विश्वास का फ़ायदा उठाते हुए शादी के पहले ही उसके एकाउंट से कई लाख रूपये शालिनी को बताए बगैर निकाल लिए। इसी बीच मेजर शालिनी से मारपीट करने लगा। 2011 में तो मेजर ने शालिनी के सिर पर गिलास से ऐसा हमला किया कि उसे 32 टाँके लगवाने पड़े। इसके बाद शालिनी ने अपने दूसरे पति से तलाक लेकर केस दर्ज करवाया है।
गरीब बच्चों को पढ़ाई में कर रही मदद
शालिनी मूल रूप से यूपी के जौनपुर जिले की रहने वाली हैं। उनकी पढ़ाई कानपुर में हुई। वह एमए प्रथम वर्ष में थी, जब पति की मौत हो गई। इसके बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। नौकरी के दौरान ही 2007 में एमबीए किया। फिलहाल शालिनी एक कंपनी में बतौर सीनियर मैनेजर कार्यरत हैं। इसके अलावा वह सोशल वर्क भी करती हैं। गरीब और दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई में मदद करती हैं।
All Images: Source



Click it and Unblock the Notifications