Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
क्या होता है जब महिला एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में पीरियड आता है?
जानिए, कैसे स्पेस में महिला एस्ट्रोनॉट्स पीरियड्स आने पर कैसे वो स्ट्रेस या दूसरी समस्याओं को मैनेज करती है?
सोवियत संघ की महिला अंतरिक्ष यात्री वलेंटिना तेरेश्कुवा के वर्ष 1963 में अंतरिक्ष में कदम रखने के साथ ही धीरे धीरे दुनियाभर से 60 फीमेल एस्ट्रोनॉस्ट ने अंतरिक्ष में अपने नाम का परचम लहरा चुकी हैं।
अंतरिक्ष में जाना किसी चुनौती से कम नहीं है लेकिन फीमेल एंस्ट्रोनॉस्ट के सामने एक और चुनौती होती है वो है पीरियड। अंतरिक्ष में जाकर ये महिलाएं कैसे पीरियड के दिनों को मैनेज करती होंगी? कभी
सोचा है आपने ऐसा मुश्किल हालात में वो क्या करती होंगी? स्पेस में आसपास ग्रेविटी नहीं होने की वजह से क्या उनके पीरियड के बहाव पर कोई फर्क नहीं पड़ता हाेगा? पीरियड होने की वजह से वो स्पेस में अपने सैनेटरी पेड कैसे बदलती ? कई बार हमारे दिमाग में ऐसे सवाल तो आते ही होंगे?
खासकर महिलाओं के। महीनों तक अंतरिक्ष में वक्त बिताने के दौरान उन्हें मासिक धर्म से गुजरना पड़ता है। ऐसे में हम आपको बताते है कि आखिर कैसे महिला एस्ट्रोनॉट स्पेस में पीरियड्स जैसी समस्याओं से निपटती है।

स्पेस में पीरियड्स
जरा सोचिए साधारण समय में पीरियड्स से निपटना महिलाओं के लिए इतना मुश्किल होता है तो स्पेस में उन्हें कितनी मुश्किल होती होंगी। जहां कि गुरुत्वाकर्षण भी नहीं है। ऐसे में कैसे वो इस समस्या से निपटती है।

स्पेस में पीरियड्स
गायकनोलॉजिस्ट और रिसर्चर के मुताबिक अंतरिक्ष में रहने के दौरान सारे शरीर पर फर्क पड़ता है। फीमेल एस्ट्रोनॉट्स के मेनुस्ट्रेशन पीरियड पर भी इसका फर्क पड़ता है। हर महीनें उनका पीरियड्स अपने फिक्स डेट पर ही आता है। जानकारों के मुताबिक अंतरिक्ष में रहने के दौरान फीमेल एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ दवाइयां ले जाती हैं। जिन्हें खा लेने से उनके पीरियड्स नहीं होते हैं।

डॉक्टरों की टीम करती है मदद
स्पेस में हमेशा डॉक्टर्स की टीम उनके साथ मिशन पर जाती है। जो उन्हें पीरियड्स रोकने के लिए दवाई लेने की सलाह देती है, लेकिन अगर वो वो न मानना चाहें तो सैनेटरी पैड्स का भी इस्तेमाल कर सकती है।

सैनिटरी पैड्स या टैम्पोंस करती है मदद
स्पेस में पीरियड्स के दौरान इससे निपटने के लिए सैनिटरी पैड्स या टैम्पोंस की मदद लेती हैं। टैम्पोन की मदद से वो पीरियड्स के समय होने वाले डिस्चार्ज को सोखने का काम करता है। वैसे यह पूरी तरह से महिलाओं की च्वॉइस होती है उनके किस तरह स्पेस में अपने पीरियड को मैनेज करना है।

दवाई भी है एक उपाय
डॉक्टरों के मुताबिक औरतों के लिए स्पेस में इस तरह की दवा लेना फायदेमंद है। पीरियड्स रोकने वाली ये दवाईयां एस्ट्रोजेन हार्मोन को बढ़ावा देती हैं, जिससे उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं।



Click it and Unblock the Notifications
