Latest Updates
-
Steel Vs Glass Container: स्टील या ग्लास कंटेनर, किसमें खाना स्टोर करना है ज्यादा सुरक्षित? जानें एक्सपर्ट से -
सावन में जन्मे बेटे को दें भगवान शिव से जुड़े ये यूनिक नाम, यहां देखें अर्थ सहित 100+ मॉर्डन नामों की लिस्ट -
Lock Upp 2 Winner: 'लॉक अप 2' की विनर बनीं श्रेया कालरा, जानें रोडीज से ट्रॉफी तक का सफर और कितनी है नेट वर्थ -
Gujarat Chandipura Virus: गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत, जानें इसके लक्षण और बचाव -
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूर नियम -
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
डायबिटीज होने से पहले शरीर में दिखने लगते हैं Pre-diabetes के ये लक्षण, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ
क्या होता है जब महिला एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में पीरियड आता है?
जानिए, कैसे स्पेस में महिला एस्ट्रोनॉट्स पीरियड्स आने पर कैसे वो स्ट्रेस या दूसरी समस्याओं को मैनेज करती है?
सोवियत संघ की महिला अंतरिक्ष यात्री वलेंटिना तेरेश्कुवा के वर्ष 1963 में अंतरिक्ष में कदम रखने के साथ ही धीरे धीरे दुनियाभर से 60 फीमेल एस्ट्रोनॉस्ट ने अंतरिक्ष में अपने नाम का परचम लहरा चुकी हैं।
अंतरिक्ष में जाना किसी चुनौती से कम नहीं है लेकिन फीमेल एंस्ट्रोनॉस्ट के सामने एक और चुनौती होती है वो है पीरियड। अंतरिक्ष में जाकर ये महिलाएं कैसे पीरियड के दिनों को मैनेज करती होंगी? कभी
सोचा है आपने ऐसा मुश्किल हालात में वो क्या करती होंगी? स्पेस में आसपास ग्रेविटी नहीं होने की वजह से क्या उनके पीरियड के बहाव पर कोई फर्क नहीं पड़ता हाेगा? पीरियड होने की वजह से वो स्पेस में अपने सैनेटरी पेड कैसे बदलती ? कई बार हमारे दिमाग में ऐसे सवाल तो आते ही होंगे?
खासकर महिलाओं के। महीनों तक अंतरिक्ष में वक्त बिताने के दौरान उन्हें मासिक धर्म से गुजरना पड़ता है। ऐसे में हम आपको बताते है कि आखिर कैसे महिला एस्ट्रोनॉट स्पेस में पीरियड्स जैसी समस्याओं से निपटती है।

स्पेस में पीरियड्स
जरा सोचिए साधारण समय में पीरियड्स से निपटना महिलाओं के लिए इतना मुश्किल होता है तो स्पेस में उन्हें कितनी मुश्किल होती होंगी। जहां कि गुरुत्वाकर्षण भी नहीं है। ऐसे में कैसे वो इस समस्या से निपटती है।

स्पेस में पीरियड्स
गायकनोलॉजिस्ट और रिसर्चर के मुताबिक अंतरिक्ष में रहने के दौरान सारे शरीर पर फर्क पड़ता है। फीमेल एस्ट्रोनॉट्स के मेनुस्ट्रेशन पीरियड पर भी इसका फर्क पड़ता है। हर महीनें उनका पीरियड्स अपने फिक्स डेट पर ही आता है। जानकारों के मुताबिक अंतरिक्ष में रहने के दौरान फीमेल एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ दवाइयां ले जाती हैं। जिन्हें खा लेने से उनके पीरियड्स नहीं होते हैं।

डॉक्टरों की टीम करती है मदद
स्पेस में हमेशा डॉक्टर्स की टीम उनके साथ मिशन पर जाती है। जो उन्हें पीरियड्स रोकने के लिए दवाई लेने की सलाह देती है, लेकिन अगर वो वो न मानना चाहें तो सैनेटरी पैड्स का भी इस्तेमाल कर सकती है।

सैनिटरी पैड्स या टैम्पोंस करती है मदद
स्पेस में पीरियड्स के दौरान इससे निपटने के लिए सैनिटरी पैड्स या टैम्पोंस की मदद लेती हैं। टैम्पोन की मदद से वो पीरियड्स के समय होने वाले डिस्चार्ज को सोखने का काम करता है। वैसे यह पूरी तरह से महिलाओं की च्वॉइस होती है उनके किस तरह स्पेस में अपने पीरियड को मैनेज करना है।

दवाई भी है एक उपाय
डॉक्टरों के मुताबिक औरतों के लिए स्पेस में इस तरह की दवा लेना फायदेमंद है। पीरियड्स रोकने वाली ये दवाईयां एस्ट्रोजेन हार्मोन को बढ़ावा देती हैं, जिससे उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं।



Click it and Unblock the Notifications