Latest Updates
-
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय -
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम
रेस्तरां जहां, कमोड पर बिठा कर लैट्रिन में होता है खाना सर्व
हाल ही में अभी एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इंडोनेशिया में एक एक टॉयलेट थीम का कैफे बनाया गया है, जिसमें लोंगो को कमोड पर बैठा कर लैट्रिन में खाना सर्व किया जाता है।
हम टॉयलेट सिर्फ एक काम के लिये जाते हैं और वो भी केवल पेट खाली करने के लिये। लेकिन अगर इसी टॉयलेट में आपको खाना परोस कर दिया जाए तो आप उास इंसान को जिंदा नहीं छोड़ेंगे जिसने ये काम किया होगा।
पर हाल ही में अभी एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इंडोनेशिया में एक एक टॉयलेट थीम का कैफे बनाया गया है, जिसमें लोंगो को कमोड पर बैठा कर लैट्रिन में खाना सर्व किया जाता है।
जी हां, नाक मत सिकोडिये क्योंकि ये बात पूरी सच है। अगर यकीन नहीं होता तो, नीचे की स्लाइड्स में खुद ही देख लीजिये यहां की तस्वीरें:

कहां है ये रेस्ट्रॉन्ट
इंडोनेशिया के सेमरांग में जमबन नामक टॉयलेट रेस्ट्रॉन्ट है। जाबन को इंडोनेशियाई भाषा में टॉयलेट कहते हैं। यहां के मालिक का नाम बुडी लाकसोनो है, जो कि एक डॉक्टर भी हैं।

रेस्ट्रोरेंट की थीम के पीछे एक खास वजह
रेस्ट्रोरेंट के मालिक का कहना है कि यह उन्होंने अपने समाज के लिये किया है। वह लोंगो को साफ टॉयलेट के प्रति जागरुक होने के लिये प्ररित करना चाहते हैं। सफाई की इस कमी के कारण लोग बीमार पड़ते हैं और देश पीछे हो जाता है।

क्या है यहां की सिगनेचर डिश
जमबन की सिगनेचर डिश है बकसो या फिर ट्रेडिशनल मीटबॉल सूप।
Image Source

रेस्ट्रॉन्ट की सफाई देखने लायक
लोंगो को खाना खाते वक्त घिन ना आए इसलिये इस कैफे में सफाई और खाने की गुणवत्ता का खास ध्यान रखते हैं।

इंडोनेशिया में अब भी हैं टॉयलेट्स की कमी
बुडी की शिकायत है कि देश में करीब ढाई करोड़ घरों में अब भी टॉयलेट नहीं हैं।

मन खराब हो जाए तो परेशान ना हों
यहां आते ही जब लोग टॉयलेट में खाना सर्व होते हुए देखते हैं, तो अक्सर उन्हें उल्टियां आने लगती हैं। मगर इसके लिये भी इंतजाम रखा गया है। रेस्ट्रॉन्ट के मालिक ने यहां उल्टी करने के लिये बैग्स की भी सुविधा दे रखी है।

रेस्ट्रॉन्ट की बुकिंग
अगर खाना खाना है तो इस रेस्ट्रॉन्ट में आपको पहले से ही बुकिंग करनी होगी।

इंडोनेशिया में नहीं है जरुरतभर के टॉयेलट्स
इस देश में अधिकतर लोग खुले में ही शौंच करते हैं। इस रेस्ट्रॉन्ट के मालिक यहां आने वाले कस्टमर्स को वीडियो दिखा कर जानकारी देते हैं कि खुले में शौंच करना कितना घातक होता है। साथ ही यहां पर चर्चाएं भी होती हैं।



Click it and Unblock the Notifications