Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
क्या है इस की मॉडल की पहचान, ये स्त्री है या पुरुष?
एक एंड्रोजीनस मॉडल जो दिखने में महिला और पुरुष दोनों की तरह है। अपनी इसी खूबी के बदौलत वो दुनिया की जानी मानी मॉडल्स में एक है।
हम जिस दुनिया में रहते है वहां एक इंसान की पहली पहचान उसके लिंग के आधार पर होती है। उसके बाद दूसरे स्तरों पर उसे जाना जाता है। हालांकि लिंग का चयन करना किसी इंसान के हाथ में नहीं होता है। जब किसी व्यक्ति का जन्म होता है। कुछ निश्चित जींस और X-Y क्रोमोसम व्यक्ति का लिंग निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शायद आपको नहीं मालूम होगा कि केवल एक अतिरिक्त क्रोमोसम के कारण भी व्यक्ति का लिंग पूरी तरह बदल जाता है।
आज हम आपको एक ऐसे मॉडल से मिलवाने जा रहे है। जो एक मशहूर ऐन्ड्रॉजनस (उभयलिंगी) मॉडल हैं।
ऐन्ड्रॉजनस का अर्थ है कि ऐसे व्यक्ति के शारीरिक गुण दोनों लिंगों (स्त्री और पुरुष) दोनों से मिलते जुलते होते हैं।
मिलिए मशहूर मॉडल रेन डव से। रेन मॉडलिंग की दुनिया में अपनी अलग स्टाइल और अलग शख्सियत की वजह से मॉडलिंग इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा है। वो न्यूयॉर्क फैशन वीक जैसे इवेंट के लिए वॉक कर चुकी हैं।
रेन की शख्सियत ने लिंगभेद की बनाई हुई एक दीवार को तोड़कर खुद की विशेषता के समझते हुए अपने अलग दृष्टिकोण के कारण के मॉडलिंग में अपना एक अलग मुकाम बनाया।
रेन कभी रैम्प पर मेन्सवियर तो कभी वुमन वियर पहनकर वॉक करती हुई नजर आ जाती है। आइए इस आर्टिकल के जरिए जानते है रेन डव के संघर्ष से लेकर बुलंदी तक का सफर।
खुद को बदसूरत समझती थी
रेन को जब तक उन्हें अपनी विशिष्ट गुणों के बारे में नहीं मालूम चला तो उन्हें लगता था कि वो बदसूरत महिला है। लेकिन उन्हें कभी इस चीज को बुरा नहीं माना न ही अपने ऊपर हावी होने दिया।
उन्होंने बताया, ऐसा तब तक था जब तक.....
" वो बताती है कि वो एक खतरनाक फायरफाइटर हुआ करती थी। इस दौरान उन्हें अपने अपने लिंग की अस्पष्टता और कामुकता की शक्ति का एहसास हुआ।"
जब वो लिंगभेद की जकड़न से बाहर निकली
उन्होंने बताया, "जब मैं एक फायरफाइटर थी तो लोग सोचते थे कि मैं एक पुरुष हूं और मैंने ये स्वीकार किया क्योंकि मुझे उस वक्त नौकरी की सख्त जरुरत थी। और उस वक्त मैं कोलोराडो के आसपास कहीं था। उन्होंने बताया कि, "इसलिए नौकरी पाने के लिए मैंने अपने लिंग की अस्पष्टता का उपयोग किया और उस समय जो भी नौकरी मिली जैसे बच्चों की देखरेख करने वाली आया से लेकर लैंडस्केपिंग का काम किया।"
उसका संघर्ष....
जब कोई उनसे उनके संघर्ष के दिनों के बारे में पूछता है तो वह बताती है कि " मेरे पास कोई नौकरी नहीं थी और न ही रहने के लिए कोई जगह थी। पिछले साल कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। और ठंड से बचने का मेरे पास कोई संसाधन नहीं था । उन्होंने बताया कि जब तक मुझे न्यूयॉर्क फैशन वीक से मॉडलिंग असाइनमेंट नहीं मिला तब तक मैंने एक शॉवर स्टॉल में रहकर दिन गुजारे
वर्तमान में वह एक कार्यकर्ता है
वह एक कार्यकर्ता है जो अभिनय के क्षेत्र में अपना करियर बना रही हैं और वे एक मॉडल भी हैं। वो जब भी रैम्प पर मेन्स या वुमनवियर पहनकर वॉक करती है। उनका आत्मविश्वास काबिले तारीफ होता है।
ब्यूटी विद् ब्रेन
रेन ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया, बेर्कले से जेनेटिक इंजीनियरिंग और सिविल लॉ में डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के शुरआती दिनों में स्कॉलरशिप मिलना कठिन था परन्तु उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से स्कॉलशिप ले ली।
समाज के बारे में उनके विचार....
वे कहती हैं, "मेरे विचार से सभी लोग उभयलिंगी हैं। ये सिर्फ हम लोग ही है जिसने लिंगभेद जैसी दिवारों को बनाया है। मेरे विचार से उभयलिंगी वे लोग होते हैं जो शारीरिक रूप से किसी विशेष लिंग के नहीं दिखते - लेकिन आप यह किसी हद तक नहीं जान सकते कि उनके कपड़ों के पीछे क्या छिपा है।
उन लोगों के लिए सलाह जो अपने शरीर से लड़ रहे हैं....
रेन ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा है कि इस दुनिया में सभी अलग और अद्भूत बनने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जो बात आपको सही मायने में अलग बनाती है वो ये है कि आप जैसे हैं वैसे हीं रहें। वो कहती हे कि लिंग भेद जैसे कोई बात इस दुनिया में अस्तित्व ही नहीं रखती है। इस दुनिया में ऐसे भी लोग है जो आपको आपकी असलियत के साथ स्वीकार करते हैं और आपसे प्यार करते हैं और आगे भी प्यार करते रहेंगे। और मैं उन खुश नसीबों में से एक हूं जिन्हें ऐसे लोग मिले हैं।



Click it and Unblock the Notifications
