साड़ी को प्रमोट करने के लिए 42 किलोमीटर साड़ी पहनकर भागी महिला

By: salman khan
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जब हम अपने दम पर जमाने की सोच बदलने की कोशिश करते हैं तो हमें दूसरो पर प्रभाव छोड़ने के लिए दूसरों से अलग कुछ हटकर काम करने की जरुरत होती है। लीक से हटकर कुछ करने की होड़ में हैदराबाद की एक महिला ने मैराथन में 42 किलोमीटर साड़ी में भाग कर उन लोगों की बात को गलत साबित कर दिया जो लोग कहते हैं कि साड़ी पहनना असहज होता है। दरअसल जयंती संपत हैंडलूम साड़ी को प्रमोट करने के लिए साड़ी में ही मैराथन में दौड़ लगाई थी, ताकि वो ये बात साबित कर सकें कि साड़ी में काम करना या पहनना असहजता नहीं है। आइए जानते है उनकी इस प्रेरणादायी काहानी के बारे में-

दूसरे मैराथन में हुआ ये कारनामा

दूसरे मैराथन में हुआ ये कारनामा

भारत के हैदराबाद में आयोजित दूसरे मैराथन में करीब 20 हजार लोगों ने भाग लिया था जिसमें ये कारनामा हुआ लोग अपने-अपने पहनावे को बढ़ावा देने का काम भी कर रहे थे।

कौन है ये महिला

कौन है ये महिला

पूरे मैराथन में सबका ध्यान अपनी ओर खींचने वाली इस महिला का नाम जयंती संपत कुमार है, 42 किलोमीटर की दौड़ के बाद जब उसने फोकस लाइन पार की तो उनकी लंबी साड़ी देखकर सभी दंग रहे गए।

साड़ी में दौड़ने का मकसद बताया

साड़ी में दौड़ने का मकसद बताया

उन्होने बताया मैं साड़ी पहनकर इसलिए भागी क्योंकि मैं इस पहनावे को बढ़ावा देना चाहती हूं साथ ही बताया कि मैं साईकिल चालक हूं लोगों को भी चलानी चाहिए इससे प्रदूषण नहीं होता और पैसे भी बचते है जो लोग प्लास्टिक की चीजें उपयोग करके फेंक देते उससे प्रदूषण होता है जो बहुत चिंताजनक है, हो सकता है अगली बार मै प्लास्टिक के रैपर से बनी साड़ी में भागूं।

इस दौड़ में कोई और भी था साथ

इस दौड़ में कोई और भी था साथ

संपत इस दौड़ में अकेले नहीं थी बल्कि उनके साथ एक 27 साल का युवक उदय भास्कर दंडमुडी भी था जो संपत के साथ धोती और कुर्ते में हाथियों के बीच भागा था।

ऐसा थे उनके विचार

ऐसा थे उनके विचार

संपत से जब गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के बारे में पूछा गया तो उन्होने बताया कि अगर रिकॉर्ड रखने की बात है तो मै अपने साथ किसी को भी साईकिल पर दौड़ाकर अपनी वीडियो बनवा सकती हूं कि मैने ये दौड़ पांच घंटे में पूरी की है कि नहीं क्योंकि ये मै अपने कोच को दिखाना चाहती हूं जिन्होने इसके लिए मेरी बहुत मदद की।

सभी महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत है

सभी महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत है

संपत उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत हैं जो साड़ी नहीं पहनती हैं क्योंकि वो साड़ी में बहुत ही कंफर्ट लग रहीं थी, पहले उन्होने नंगे पैर ही दौड़ने का विचार बनाया था पर बाद में पैरों पर पत्थर लगने के डर से सैंडल पहन ली।

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English summary

Saree-Clad Woman Ran 42 KM To Promote Hand looms

The name of this woman who draws her attention to the entire marathon, is named after Jayanti Sampat Kumar, after a 42-kilometer race, when she crossed the Focus Line, all were stunned by her long sari.
Story first published: Thursday, August 24, 2017, 15:10 [IST]
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