Latest Updates
-
Devshayani Ekadashi Vrat Katha: देवशयनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान विष्णु बरसाएंगे कृपा -
Devshayani Ekadashi Wishes In Sanskrit: देवशयनी एकादशी पर प्रियजनों को संस्कृत में भेजें बधाई संदेश और श्लोक -
Devshayani Ekadashi 2026 Wishes: चार महीनों का शुभ आरंभ...देवशयनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Devshayani Ekadashi 2026 Niyam: देवशयनी एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जान लें व्रत के नियम -
कुदरत का अनोखा करिश्मा! महिला ने एक जैसी दिखने वाली चार जुड़वां बच्चियों को दिया जन्म, डॉक्टर भी हैरान -
Chaturmas 2026: चातुर्मास कब से शुरू होगा? इस दौरान क्या करें और क्या न करें? जानें सभी जरूरी नियम -
International Self Care Day: अच्छी सेहत के लिए सेल्फ-केयर है जरूरी, रोजाना अपनाएं ये 5 सेल्फ केयर हैबिट्स -
रात में राजमा भिगोना भूल गए? इन आसान ट्रिक्स से बिना भिगोए भी बन जाएगा एकदम नरम राजमा -
National Cousins Day 2026 Wishes: नेशनल कजिन्स डे पर अपने भाई-बहन भेजें ये खास मैसेज, यादगार बन जाएगा दिन -
CJP Protest Delhi: आलिया भट्ट से लेकर सलमान खान तक, छात्रों के समर्थन में उतरे ये बॉलीवुड सितारे
द ग्रेट वॉल ऑफ चायना के ये राज जो आप नहीं जानते होंगे
इस दुनिया में वैसे तो सात अजूबे है पर अगर हम द ग्रेट वॉल ऑफ चायना की बात करें तो ये सबसे पहले स्थान पर काबिज है। इसका भी अपना अलग इतिहास रहा है।
इस दीवार का निर्माण चीन के राजाओं ने हमलावरों से बचने के लिए करवाया था। इसका निर्माण पांचवी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर सोलहवी शताब्दी के बीच करवाया गया था।
आपको बता दें कि इस दीवार का निर्माण मिट्टी और अव्वल दर्जे के पत्थर से करवाया गया था। इसकी बनावट किसी किले की तरह है। इसके बनने के बाद भी कई दीवारे बनी जिनसे मिलकर ये विशाल दीवार बनी है।
इसका निर्माण किन शी हुआंग ने करवाया था बाद में कई लोगों का इसमे हिस्सा रहा। इसके अलावा भी इससे जुड़े कई ऐसे तथ्य है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगें। आपको बता दें कि इनसे जुड़ी है कई ऐसी बाते है जो इस आर्टिकल में जानकर आप दंग रह जाएंगें।

वान ली छंग छंग
इस दीवार को जिसका नाम हम ग्रेट वाल ऑफ चायना से जानते है। इसको चीन के नागरिक वान ली छंग छंग कहते है। अरे सोचिए मत दरअसल इसका मतलब चीन की विशाल दीवार ही होता है। इस नाम से इसको चीन में ही जाना जाता है।

कई बार टूटी दीवार
आपको बता दें कि विदेशी हमलावरों को रोकने के लिए ही इस दीवार का निर्माण करवाया गया था। इसके बाद भी ये दीवार की बार तोड़ी गई है। इसके बाद कई बार बनी भी है। हमलावरों ने इसपर विजय प्राप्त करके हमला भी किया है।

चंगेज खां ने तोड़ी दीवार
इस दीवार को सर्वप्रथम एक मुस्लिम शासक चंगेज खां ने 1211 में तोड़ा था और वो चीन में दाखिल हो गया था। इस दीवार को तोड़ने की हिम्मत तब किसी में ना थी। इस दीवार के टूटने के खबर ने पूरे चीन में दहशत फैला दी थी।

एक जैसी नही है ये दीवार
चीन की ये विशालतम दीवार आपको हर जगह एक जैसी नहीं लगेगी। इस दीवार की अधिकतंम ऊंचाई 35 फीट है पर ये कहीं कहीं पर 8 से 9 फीट तक ही रह जाती है। आपको इसके बारे में अधिक सोचने की आवश्यकता नहीं है।

कहते है लंबा कब्रिस्तान
ऐसा कहा जाता है कि इस दीवार को लंबा कब्रिस्तान भी कहा जाता है। इसमें जो मजदूर काम कर रहे थे और वो ज्यादा मेहनत नहीं करते थे तो उनके जिंदा इसी में दफना दिया जाता था। यही कारण है कि इसको दुनिया का सबसे लंबा कब्रिस्तान कहा जाता है।

भारत में भी है ऐसी एक दीवार
आपको बता दें कि ऐसी ही एक दीवार भारत के मेवाड़ में स्थित कुंभलगढ़ में है। इस दीवार को बादशाह अकबर ने भेदने की कोशिश की थी। इस दीवार का निर्माण कुभलगढ़ के किले को सुरक्षित रखने के लिए करवाया गया था।

36 किमी है दीवार की लम्बाई
कुंभलगढ़ के किले की सुरक्षा के लिए जो दीवार बनवाई गई थी वो 36 किमी लंबी दीवार है। इस दीवार को दुनिया की सबसे लंबी दीवार के बारे में जाना जाता है। इसका भी अपना इतिहास है।



Click it and Unblock the Notifications