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बहराइच के जंगलों में मिली मोगली गर्ल, सालों से रह रही थी बंदरों के झुंड के साथ
इंसानी सभ्यता से दूर इस मोगली गर्ल को बहराइच के कतरनियाघाट अभ्यारण्य हाल ही में बचाया गया है। अब तक ये बंदरों की एक टोली में रहती थी।
जंगल बुक के मोगली के बारे में तो हर कोई जानता है। लेकिन यूपी के बहराइच के जंगल से पुलिस को 8 साल की एक ऐसी रियल मोगली गर्ल मिली है जो बंदरों के झुंड में रहती है।
खास बात यह है कि वो न तो हमारी आपकी बोल पाती है और न ही व्यवहार करती है। उसका बोलना चलना और उठना बिल्कुल बंदरों की तरह है।
इस बच्ची को बहराइच के कतरनियाघाट अभ्यारण्य (सैंक्चुरी) में बंदरों की एक टोली में रहती थी। आइए इस मोगली गर्ल के बारे में ज्यादा पढ़ते हैं।

गांववालों से भिड़ गया बंदरों का झुंड
कई दिनों पहले गांववालों ने भी इस लड़की को देखा था, उन्होंने लड़की को बंदरों से बचाने की कोशिश भी की, लेकिन बंदरों के झुंड ने गांववालों पर हमला कर दिया। गांव वालों के इतला देने पर ही पुलिस ने कई दिनों से लड़की को खोजने के लिए जंगलों में गश्त किया। इसके बाद उसे मिलने के बाद वो लड़की को जंगल से निकालकर मिहीपुरवा के सामुदायिक स्वास्थ्य में भर्ती कराया है।

बंदरों की तरह जमीन से उठाकर खाती है खाना
अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि ये ठीक से खाना भी नहीं खा पाती है। थाली के खाने को जमीन पर फैला देती है, फिर बिल्कुल बंदरों की तरह जमीन से खाना उठाकर खाती है।

इंसानों से डर रही है
इस लड़की को काफी मशक्कत करने के बाद जंगल से बाहर निकाला गया। इस लड़की को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। जंगल में यह लड़की नग्नावस्था में मिली। उसके बाल और नाखून बढ़े हुए थे। पुलिस को और दूसरे ग्रामीणों को देखकर लड़की चिल्लाने लगी और डरने लगी।
व्यववहार में ला रहे है सुधार
वो अपने दोनों पैरों पर ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाती है, क्योंकि ये बंदरों की तरह दोनों हाथों और पैरों से चलती है। डॉक्टर और वन्यकर्मी दोनों मिलकर बच्ची के व्यवहार में सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल ये बच्ची अब तक इंसानी सभ्यता से दूर थी।



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