Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
वीजा वाला मंदिर : इस मंदिर में हवाई जहाज चढ़ाने से जल्द मिलता है वीजा, जानिए कहां है ये मंदिर
अक्सर देखा जाता है के युवाओं को विदेशों में नौकरी करना बहुत भाता है। आज हर तीसरा युवा अपना करियर बनाने के लिए विदेश जाना चाहता है। जैसा की सभी जानते है कि विदेश जाने के लिए आपके पास पासपोर्ट होना आवश्यक और उससे भी ज्यादा आवश्यक उस देश का वीजा होता है जहां आप जाना चाहते है। अधिकतर युवाओं का सपना वीजा ना मिलने के कारण कभी पूरा नहीं हो पाता। अगर इस समस्या से आप भी गुजर रहें है तो ये आपके खुश होने का समय है क्यूंकि आज हम आपको बताएंगे 500 वर्ष पुराने एक ऐसे मंदिर के बारे में जहां जाने से आपको जल्द ही वीजा मिल जाएगा। पढ़िए आगे....

चिल्कुर बालाजी का मंदिर
आंध्रप्रदेश के हैदराबाद से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर ओसमान सागर लेक के तट पर बसा चिल्कुर बालाजी का ये मंदिर वीजा दिलाने के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर को वीजा वाले बाला जी के मंदिर से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना 500 वर्ष पूर्व की गई और इस मंदिर में देखने के लिए हस्तकला और कारीगरी का समन्वय भी है।

जानें, मंदिर का इतिहास
मान्यता है कि यहां भगवान वेंकटेश बालाजी के एक भक्त रहते थे, जो रोज पैदल चलकर कोसों दूर तिरुमल बालाजी के मंदिर आते थे। एक बार उनकी तबियत खराब हो गई, तबीयत इतनी खराब थी कि वे अपने भगवान से मिलने मंदिर तक यात्रा नहीं कर सकते थे। ऐसे में भगवान बालाजी ने सपने में आए और कहा कि तुमको मेरे दर्शन के लिए इतनी दूर आने की आवश्यकता नहीं है। मै तो यही तुम्हारे पास वाले जंगल में रहता हूं। सुबह भक्त भगवान की बताई हुई जगह पर जाते हैं जहां उन्हे उभरी हुई भूमि दिखाई पड़ती है। भक्त के द्वारा उस जमीन की खुदाई की जाती है जिससे वहां से रक्त निकलने लगता है, तभी एक आकाशवाणी होती है कि इस धरती को दूध से नहलाकर वहां एक मूर्ति की स्थापना कि जाए। जब भक्त वहां दुग्धाभिषेक कर रहा होता है तो वहां श्रीदेवी और भूदेवी की मूर्तियां भी अवतरित होती है।

हवाई जहाज का चढ़ावा चढ़ाया जाता है
प्राचीन काल से ही लोग इस मंदिर पर आकर अच्छी जॉब के लिए प्रार्थना करते है। ऐसी मान्यता है कि बालाजी की 11 परिक्रमा करके मांगी गई मन्नत कभी खाली नही जाती है और जब उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है तो भक्त यहां आकर 108 बार परिक्रमा करते है। यहां पर लोग हवाई जहाज चढ़ाकर मन्नत मांगते है क्यूंकि ऐसी मान्यता है कि हवाई जहाज चढ़ाने से विदेश जाने के लिए वीजा जल्दी मिल जाता है।




Click it and Unblock the Notifications
