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अवैध संबंध बनाने पर कहीं पड़ते है कोड़े तो कहीं देना पड़ता है जुर्माना, जाने दुनियाभर के कानून
विवोहत्तर संबंध को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। पहले आईपीसी के सेक्शन 497 के मुताबिक अगर कोई विवाहित पुरुष किसी शादीशुदा महिला से उसके पति की मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाता है तो यह अपराध माना जाता था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस सेक्शन को असंवैधानिक करार दिया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद देशभर में शादी की पवित्रता को लेकर बहस सी छिड़ गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के पक्ष में यह दलील थी कि सेक्शन 497 मनमाना और महिला विरोधी है और विदेशों में एडल्टरी को अपराध नहीं माना जाता है। भारत के अलावा एशिया के कुछ देशों में व्यभिचार या एडल्टरी अपराध नहीं है, वहीं कई मुस्लिम देशों में इसे आज भी गंभीर अपराध के रुप में देखा जाता है।
चलिए जानते है दुनियाभर में व्यभिचार को लेकर क्या-क्या कानून हैं।

इस्लामिक देशों में है कठोर सजा का प्रावधान
इस्लाम में कुरान के 24वें अध्याय की दूसरी आयत में लिखा है कि व्यभिचार करने वाले या करने वाली को 100 कोड़ों की सजा दी जानी चाहिए। सऊदी अरब, पाकिस्तान और सोमालिया समेत कई मुस्लिम देशों में विवाहेतर संबंध न सिर्फ अपराध की श्रेणी में है बल्कि वहां इसके लिए गंभीर सजा का प्रावधान है। सऊदी अरब में इसके लिए पत्थर मार-मारकर जान से मारने की सजा है।

पाकिस्तान
पाकिस्तान में ऐसे मामलों को दो श्रेणियों में बांटा जाता है। गंभीर अपराध के लिए पत्थर मार-मारकर मारने या 100 कोड़े सार्वजनिक रूप से मारने का प्रावधान है और दूसरे मामले में दस साल तक जेल की सजा हो सकती है।

सोमालिया और अफगानिस्तान
सोमालिया में भी पत्थर मार-मारकर मारने की सजा का प्रावधान है। अफगानिस्तान में सार्वजनिक रूप से 100 कोड़े मारे जाते हैं।

मिस्त्र
मिस्र में महिलाओं को 2 साल तक जेल की सजा और पुरुष को छह महीने तक जेल की व्यवस्था है। वहीं, ईरान में इसे गंभीर अपराध माना जाता है और इसके लिए फांसी की सजा भी हो सकती है।

इंडोनेशिया
इंडोनेशिया में, 'ज़िना' कानून केवल व्यभिचार के लिए लागू होता है, न कि एक्स्ट्रा मेरेटियल सेक्स के लिए। हालांकि इस कानून के नए विस्तार पर काम किया जा रहा है, इसे लेकर भी नया कानून पारित हो सकता है।

तुर्की
तुर्की में 1996 में इसे अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था।

दक्षिण कोरिया
2015 में नए कानून के तहत दक्षिण कोरिया में व्यभिचार के 1953 के पुराने कानून को रद्द कर दिया गया था जिसके अंतर्गत धोखाधड़ी करने वाले पति को तीन साल तक के लिए जेल की सजा का प्रावधान था।

फिलीपींस और जापान
फिलीपींस में एक्स्ट्रा मेरेटियल अफेयर रखना या बीवी के होते हुए अविवाहित महिला के साथ रहने को शादी जैसे पवित्र रिश्ते की 'पवित्रता के खिलाफ' अपराध माना जाता है। इसे गंभीर अपराध के श्रेणी से बाहर रखा गया है। अगर कोई व्यभिचार का दोषी पाया जाता है तो उसे और उसके पार्टनर को 6 साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा विवाहेत्तर संबंध रखने की दूसरी स्थिति में जेल और निर्वासन का प्रावधान भी है। जापान में 1947 में इसे अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था।

ताइवान और चाइना
चाइना में अडल्टरी या व्यभिचार को अपराध की श्रेणी में माना जाता है। ये अगर कोई शादी के बाहर नाजायज संबंध का दोषी पाया जाता है तो चाहे महिला हो या पुरुष दोनों को एक साल जेल की हवा खानी पड़ सकती है साथ में जुर्माना भी भरना पड़ता है। हालांकि अडल्टरी को किसी बड़े अपराध नहीं बल्कि नागरिक अपराध के तौर पर देखा जाता है और इसे तलाक का आधार भी माना जाता है।

ऑस्ट्रेलिया और यूरोप
ब्रिटिश राज में भारत में व्यभिचार को अपराध बनाने का कानून बनाया गया था। लेकिन खुद ब्रिटेन में व्यभिचार अपराध नहीं है।बेशक तलाक के लिए इसे एक आधार माना गया है। ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में विवाहेत्तर संबंध को कानूनी रुप से वैध है। यहां इसे बहुत ही सामान्य रुप से देखा जाता है।

अमेरिका
अमेरिका के 21 राज्यों में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लीगल माना गया है। न्यूयॉर्क समेत कई राज्यों में पति या पत्नी को धोखा देने को मामूली जुर्म माना जाता है।



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