फेसबुक की एक पोस्ट ने इस महिला को बना दिया 'जूनियर एस जानकी'

By Deeksha Mishra

ऐसी कई दिल छूने वाली कहानियां हैं जिन्हें आप पढ़ना और महसूस करना चाहते हैं, खासकर जब आप जानते हैं कि एक विनम्र व्यक्ति ने शुरुआत की और वह अपनी प्रतिभा के दम पर सफल बनी हो और उसने दुनिया में पहचान बनाई हो। यहां हम आपको कुछ प्रतिभाशाली लोगों के वास्तविक जीवन की कहानियों को बताएंगे, जिनकी अद्भुत कहानियां शायद ही कभी दुनिया के सामने आ पाती।

इस लेख का एक अंश 'गंगाम्मा' को समर्पित है, एक मध्यम आयु वर्ग की महिला जो फेसबुक पर एक ही वीडियो से इतनी पॉपुलर हो गयी और उसके वीडियो ने सोशल मीडिया पर तलहका मचा दिया।

उसका गायन वीडियो फेसबुक पर वायरल होने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। फेसबुक पर उनके वीडियो को 6 घंटे में ही 5 लाख व्यूज मिले! उनकी कहानी वास्तव में एक उदाहरण है कि कैसे भाग्य हमारे जीवन को तुरंत बदल सकता है! उन्होनें Boldsky के साथ अपनी जीवनशैली, परिवार और भविष्य की योजनाओ के बारे में कुछ बातें साझा की।

उनके परिवार के बारे में गंगाम्मा, कोप्पल के एक छोटे से गांव से हैं। वह एक गरीब किसान के परिवार से संबंध रखती थी, जहां पर उन्होने केवल 5वीं तक ही पढ़ाई की थी। वह 9 भाई-बहनों के साथ रहती थी। हालांकि, वह स्कूल ड्रॉपआउट हैं लेकिन उन्हें हिंदी और तेलुगु गाने लिखने आते हैं और फिर उन गानों को वह अच्छे से गाती भी हैं।

Gangamma story

उनका जीवन काफी संघर्षमय रहा है

गंगाम्मा का जीवन अपने पिता और दो भाई-बहनों को खोने के बाद काफी मुश्किलभरा रहा।लेकिन उनके गायन ने उनके कठिन वक्त को भी पार करने में मदद की। गायन हमेशा उनका जुनून रहा है क्योंकि जब गंगाम्मा छोटी थी तो उनका सपना था कि वे एक गायक बने।

हमेशा से बनना चाहती थी गायक

हालांकि, उनकी मां शुरुआती दिनों में उनकी गायकी के सख्त खिलाफ थी, क्योंकि उन्होंने गंगाम्मा को एक ऐसी घटना के बारे में बताया जहां उनकी मां ने भी उन्हें गायकी के लिये मारा था और तीन दिनों तक खाना नहीं दिया था। उनकी मां की कहानियां, जो वास्तव में सच्ची थी, क्योंकि वह एक मां थी इसलिये डर गई थी कि उनकी बेटी बैंगलोर जैसे शहर में सुरक्षित कैसे रहेगी।चूंकि वे एक गांव से थी और एक शहर में रहना काफी कठिन विकल्प था, इसलिये उन्हें केवल अपने गांव कोप्पल में ही गायकी करने की इजाजत थी।

गंगाम्मा बहुत दृढ़संकल्पी थी

लेकिन गंगाम्मा एक विनम्र पृष्ठभूमि से आती थी, इसलिये उनकी मां को उनकी गायकी करना बिल्कुल पसंद नहीं था। पर उन्होंने सपने देखने कभी बंद नहीं किये बल्कि उन्होंने ऑर्केस्टा में गाना शुरु कर दिया, जहां लोगों को उनकी आवाज से प्यार हो गया और गंगाम्मा को और गाने का साहस मिला।

उन्होंने कड़ी मेहनत की

गंगाम्मा ने एक कुली से लेकर कई तरह के काम किए, क्योंकि वे जानती थी कि गाने से पेट नहीं पल सकता। इसलिये वह अपने काम और गाने को बीच संतुलन बनाएं रखती थी। उनकी गायकी और उनके संघर्ष की कहानी को शिवप्रसाद नामक एक महान व्यक्ति ने खोजा था, जो जानते थे कि उनकी कहानी दुनिया के साथ साझा की जानी चाहिए। और उन्होंने उनकी प्रतिभा को दिखाने के लिये एक मंच तैयार किया।

एक पोस्ट ने जिंदगी बदल दी

शिवप्रसाद ने अपने स्टूडियो में उनके गायन का वीडियो पोस्ट किया। जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई। उनके वीडियो को सिर्फ 6 घंटे में 5 लाख से अधिक व्यूज मिले और उनका वीडियो वायरल हो गया।
प्रसिद्ध भारतीय गायिका एस जानकी से तुलना लोगों से इतनी तारीफ मिलने के बाद, शिवप्रसाद ने उनके साथ रहने का फैसला किया और उनके गानों को फेसबुक पर पोस्ट करने का भी। तब से उन्होने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्हें 'जूनियर एस जानकी' के नाम से भी नवाजा गया। क्योंकि लोगों ने उनकी आवाज को दक्षिण की प्रसिद्ध भारतीय गायिका एस जानकी की आवाज से तुलना करना शुरु कर दिया।

उन लोगों के लिये जो एस जानकी के बारे में नहीं जानते

एस जानकी एक गायक हैं जो दक्षिण भारत में काफी प्रसिद्ध है और उन्होंने 17 भाषाओं में 48हजार से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं। जिनमें भारत की मूल भाषाएं और जापानी-जर्मन भाषा भी शामिल है। उन्होंने 1957 में अपना करियर शुरु किया था और आज भी वे बुलंदियों पर हैं।

जब एस जानकी ने सुनी थी उनकी आवाज

जब गंगाम्मा एस जानकी की आवाज सुनती थी तो वे हमेशा सोचती थी कि वे उनकी तरह ही गा पाएं। क्योंकि एस जानकी उनकी रोल मॉडल रही हैं।

एक बार गंगाम्मा को उनकी गायकी के दौरान अपनी प्रेरणास्त्रोत से मिलने का मौका मिला और उन्होंने उनकी गायकी की सराहना भी की और कहा कि मैं रियल जानकी नहीं हूं वो तो तुम हो, कौन है रियल जानकी।

कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से मिले ऑफर

जब से उनका वीडियो वायरल हुआ है तब से गंगाम्मा को कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से गाने के कई ऑफर मिल रहे हैं। कन्नड़ म्यूजिक इंडस्ट्री ने उनके गानों को फिल्मों में जगह मिली और उन्हें पॉपुलैरिटी भी। उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ये सब घटनाएं केवल 15 दिनों में ही घटी आपको बता दें कि गंगाम्मा गायक बनने के लिये 20 से अधिक सालों से संघर्ष कर रही थी, लेकिन उनकी एक पोस्ट ने उनकी किस्मत बदल दी। 15 दिनों के भीतर ही उनके गांव कोप्पल से बैंगलुरू जैसे व्यस्त शहर में उनका जादू देखने को मिला। अंत में, 20 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अब उनकी जिंदगी बदल गई है। अब उन्हें अपने बिजी शेड्यूल और पर्सनल लाइफ के बीच उलझे रहने की जरूरत है। इसके लिये हम उन्हें बहुत सारी बधाई देते हैं।

अगर आप और ऐसी ही सच्ची कहानियां पढ़ना चाहते हैं? तो नीचे दिये गए कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।

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