Strawberry Moon 2018: दूधिया रोशनी नहीं गुलाबी चांदनी बिखेरेगा आज 'स्‍ट्रॉबेरी मून'

जून में पूर्णिमा में दिखेगा Strawberry Moon, देख कर रह जाएंगे हैरान | Boldsky

आज की शाम और भी हसीं हो जाएंगी जब चांद और दिनों की तरह सफेद दूधिया चांदनी की जगह गुलाबी चांदनी बिखरेगा, क्‍योंकि आज शाम धरती के कई कोनों पर बेहद अनूठे 'स्ट्रॉबेरी मून' का नज़ारा दिखाई देगा। जो कि आकार में बड़ा, गुलाबी और देखना भी और दिनों से ज्‍यादा दिलकश दिखेगा। इसे 'स्ट्राबेरी मून' नाम दिया गया हैं क्योंकि इसका रंग कुछ कुछ 'स्ट्राबेरी जैसा होगा।

वैसे इस बार जून का महीना जाते जाते एक साथ दो खगोलीय घटनाओं 'स्‍ट्रॉबेरी मून' और शनि का उलटना का गवाह बनेगा। और ये दोनों घटनाएं 28 जून को एक साथ होंगी। नासा की माने तो भारत में स्‍ट्रॉबेरी मून अपनी गुलाबी आभा के साथ नहीं देखा जा सकेगा।

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पर ये खगोलीय घटनाएं एक साथ अमेरिकी देशों के साथ धरती के कुछ ह‍िस्‍सों में ही देखी जा सकती है। कहीं पर ये नजारा सुबह 12 बजकर 53 मिनट पर दिखाई देगा तो कहीं पर शाम को 9 बजकर 53 मिनट में दिखाई देगा। लेकिन शाम 7 बजकर 51 मिनट पर जब चांद पूरी तरह उदय होगा तब भी आप उसे गुलाबी आभा के साथ देख सकते हो।

'स्ट्रॉबेरी मून' किसे कहते हैं?

जून में पूर्णिमा के दिन निकलने वाले चंद्रमा को 'स्ट्रॉबेरी मून' कहा जाता है, दुनिया के कुछ हिस्सों में इसे 'रोज़ मून', 'लॉन्ग नाइट मून', 'हॉट मून', 'हनी मून' भी कहा जाता है। हनी मून कहने के पीछे की वजह है, इस सीज़न में ज़्यादातर शादियों का होना। इसके अलावा किसानों के पंचांग के अनुसार स्ट्रॉबेरी उगाने के सीज़न यानि जून के महीने में पूर्ण चांद के दिखने को 'स्ट्रॉबेरी मून' कहा जाता है।। दरअसल यह स्थानीय अमेरिकी नाम हैं, जो कि सीजन के आधार पर रखे गए हैं।


जून का आखिरी फुल मून

नासा के अनुसार स्प्रिंग सीजन के आखिरी पूर्णिमा को पारम्‍पारिक तौर पर 'स्‍ट्रॉबेरी मून' कहा जाता है क्‍योंकि धरती के कई हिस्‍सों पर चांद आज के दिन गुलाबी चांदनी बरसाता है और चंद्रमा का रंग भी स्‍ट्रॉबेरी की तरह गुलाबी सा प्रतीत होता है। इसलिए ये गुलाबी होता है इसलिए इसे रोज मून भी कहा जाता है।

शनि का निकटतम नजारा

Saturn inversion यानी शनि के परिक्रमा या उलटने की घटना को भी बहुत नजदीक से देख सकते हौ। शनि ग्रह आज सूर्य के चारों तरफ चक्‍कर लगाएंगा, इस दौरान जब दोनों ही (शनि और पृथ्‍वी) ग्रह एक दूसरे के विपरित होंगे तब शनि ग्रह पृथ्‍वी के सबसे निकटतम ग्रह होगा जो कि रात के समय आकाश में देखा जा सकता है। नासा ने भी इस बात की पुष्टि की है कि रात को दूरबीन या टेलीस्‍कोप के माध्‍यम से आकाश की स्‍पष्‍टता के दौरान हम शनि को पृथ्‍वी के पास देख सकते हैं।

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