Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
जानिए कौन है स्वाति मोहन जिन्होंने नासा के मार्स मिशन में निभाई अहम् भूमिका
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा का सबसे महत्वकांशी मार्स मिशन, मंगल ग्रह पर उतर चुका है। नासा ने खुद ट्वीट कर पर्सेवरेंस रोवर मंगल की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने की बात दुनिया को बताई। जहां एक ओर इस खबर से दुनियाभर से नासा को बधाईयां मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्वाति मोहन भी इस समय सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। दरसअल, स्वाति मोहन ही वह महिला है, जिन्होंने नासा के कंट्रोल रूम में पर्सेवरेंस रोवर के मंगल की सतह पर टचडाउन कंर्फम्ड की घोषणा की।

वह भारतीय मूल की अमेरिकी वैज्ञानिक हैं और नासा के पर्सिवियरेंस प्रोजेक्ट की मार्स 2020 गाइडेंस नैविगेशन एंड कंट्रोल ऑपरेशंस को लीड कर रही हैं। चूंकि वह इस मिशन की अगुवाई कर रही थीं, इसलिए रोवर के कंट्रोल और इसकी लैंडिंग से संबंधित सारी जानकारी व जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। अब रोवर के सफलतापूर्वक मंगल ग्रह पर उतर जाने के बाद उनका नाम भी इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। तो चलिए जानते हैं भारत का गौरव बढ़ाने वाली इस अमेरिकी वैज्ञानिक स्वाति मोहन के बारे में-

कौन है स्वाति मोहन
स्वाति मोहन भारतीय मूल की एक अमेरिकी वैज्ञानिक है। इस समय पर लॉस एंजेलिस में हैं और नासा के लिए काम करती हैं। वह करीबन आठ साल से नासा के मार्स मिशन के लिए काम कर रही थीं। वैसे उन्होंने नासा के मार्स मिशन के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण मिशन जैसे शनि ग्रह के लिए कैसिनी मिशन और चांद पर भेजे गए ग्रेल मिशन का भी हिस्सा रह चुकी हैं।

कुछ ऐसा रहा बचपन
स्वाति मोहन का जन्म भारत में हुआ, लेकिन जब एक साल की थीं तब उनके माता-पिता अमेरिका शिफ्ट हो गए। इसके बाद उनकी परवरिश अमेरिका में ही हुई। हालांकि वह गर्मियों की छुट्टियों में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए इंडिया जाती रहती थीं। स्वाति मोहन ने वॉशिगंटन डीसी के नॉर्दन वर्जिनिया इलाके में एलेक्जेंड्रिया स्थित हेफील्ड हाईस्कूल से प्राइमरी एजुकेशन हासिल की है। इसके बाद उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल एंड एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीएस करने के बाद एमएस और पीएचडी एमआईटी की।

बनना चाहती थीं बच्चों की डॉक्टर
आज स्वाति मोहन एक सक्सेसफुल वैज्ञानिक हैं। लेकिन बचपन में वह बच्चों की डॉक्टर बनना चाहती थीं। इस बात का खुलासा खुद स्वाति मोहन ने एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया। उन्होंने बताया कि वह बचपन में बच्चों की डॉक्टर बनने का सपना देखा करती थीं।

यूं आया सपनों में मोड़
स्वाति मोहन जब आठ-नौ साल की थीं, तो उन्होंने एक टेलीविज़न धारावाहिक स्टार ट्रेक का एक एपिसोड देखां। इस एपिसोड में एंटरप्राइस को आकाशंगगा के एक कोने में फेंक दिया जाता है और फिर अंतरिक्ष की खूबसूरत तस्वीरें दिखती हैं। इस एपिसोड से वह काफी प्रभावित हुईं और अंतरिक्ष की दुनिया के बारे में सोचने लगीं। हालांकि फिर भी उन्होंने खुद को एक वैज्ञानिक के रूप में देखने के बारे में नहीं सोचा। लेकिन अपनी शिक्षा के दौरान उन्हें कुछ अच्छे टीचर्स मिलें, जिन्होंने उनकी वास्तविक प्रतिभा को पहचाना। इसके बाद ही उन्होंने इंजीनियरिंग को एक करियर के रूप में चुना।



Click it and Unblock the Notifications
