Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग व आरत -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन
Gandhi Jayanti 2021: बापू को तो जानते हैं आप, अब मिलिए उनकी फैमिली से भी
गांधी जयंती के खास अवसर पर लोग महात्मा गांधी को याद करते हुए उनके पद-चिन्हों पर चलने की प्रतिज्ञा लेते हैं। उनके अहिंसावादी स्वरूप से पूरे विश्व में एक अमिट छाप छोड़ी और उन्हें राष्ट्र पिता बनाया। यूं तो महात्मा गांधी हर किसी के लिए बापू हैं। लेकिन क्या आप उनके परिवार के बारे में जानते हैं। अगर नहीं तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बापू के परिवार के बारे में बता रहे हैं-

थे चार भाई-बहन
महात्मा गांधी का जन्म करमचंद और पुतलीबाई के घर 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। पुतलीबाई उनके पिता करमचन्द की चौथी पत्नी थी। उनकी पहली तीन पत्नियां प्रसव के समय मर गयीं थीं। वह अपने परिवार में सबसे छोटे थे। महात्मा गांधी के दो भाई लक्ष्मीदास व कृष्ण दास और एक बहन रलिथाबहन थी।

महात्मा गांधी के बच्चे
महात्मा गांधी का विवाह बेहद ही कम उम्र में कस्तूरबा गांधी से हो गया था। जिन्हें लोग बाद में बा कहकर पुकारने लगे थे। जब गांधी जी महज 15 वर्ष के थे, तभी इनकी पहली संतान ने जन्म लिया, लेकिन वह केवल कुछ ही दिन ही जीवित रही। इसके बाद उनके चार पुत्र हुए- हरीलाल गांधी 1888 में, मणिलाल गांधी 1892 में, रामदास गांधी 1897 में और देवदास गांधी 1900 में जन्मे।

हरीलाल गांधी का परिवार
महात्मा गांधी के सबसे बड़े बेटे का नाम हरीलाल गांधी था, जिनका जन्म साल 1888 को नई दिल्ली में हुआ था और उनकी मृत्यु साल 1948 में हुई। हरीलाल गांधी की पत्नी का नाम गुलाब गांधी था और उन्होंने पांच बच्चों को जन्म दिया। जिनमें तीन बेटे और दो बेटियां थी। बेटियों का नाम रानी और मनु व बेटों का नाम कांतिलाल, रसिकलाल और शांतिलाल रखा गया। रसिकलाल और शांतिलाल बेहद कम उम्र में ही स्वर्ग सिधार गए थे। बाद में, हरीलाल के 4 पोते- पोतियां हुए, जिनके नाम हैं -अनुश्रेया, प्रबोध, नीलम और नवमालिका।

मणिलाल गांधी
गांधीजी के दूसरे बेटे का नाम है मणिलाल गांधी, जिनका जन्म 28 अक्टूबर 1892 को ब्रिटिश भारत के राजकोट में हुआ था। साल 1927 में इनकी शादी सुशीलाबेन से हुई। जिनसे इनके तीन बच्चे सीता, इला और अरुण हैं। सीता का जन्म साल 1928 में, अरूण का जन्म 1934 में और इला का जन्म 1940 में हुआ। मणिलाल के बच्चे अरुण और इला भी सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। सीता की बेटी उमा डी. मेस्त्री ने तो मणिलाल पर एक जीवनी भी प्रकाशित की।

रामदास मोहनदास गांधी
रामदास मोहनदास गांधी (2 जनवरी 1897 - 14 अप्रैल 1969) मोहनदास करमचंद गांधी के तीसरे पुत्र थे। उनका जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम निर्मला था और उनके तीन बच्चे थे- सुमित्रा गांधी, कानू गांधी और उषा गांधी। रामदास गांधी अपने पिता के भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय थे और कई जेलों में बंद होने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा। अपने पिता के अंतिम संस्कार में, रामदास गांधी ही थे जिन्होंने दाह संस्कार शुरू करने के लिए आग जलाई थी। अंतिम संस्कार में उनके साथ उनके छोटे भाई देवदास गांधी भी शामिल हुए।
देवदास गांधी
देवदास मोहनदास गांधी (22 मई 1900 - 3 अगस्त 1957) मोहनदास करमचंद गांधी के चौथे और सबसे छोटे पुत्र थे। उनका जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। वे हिंदुस्तान टाइम्स के संपादक के रूप में कार्यरत एक प्रमुख पत्रकार भी बने। देवदास को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपने पिता के सहयोगी सी. राजगोपालाचारी की बेटी लक्ष्मी से प्यार हो गया। उस समय लक्ष्मी की उम्र होने के कारण वह केवल 15 वर्ष की थी और देवदास 28 वर्ष की थी। ऐसे में गांधी जी और राजगोपालाचारी जी दोनों ने उन दोना़ें को एक-दूसरे को देखे बिना पांच साल इंतजार करने के लिए कहा। पांच साल बीत जाने के बाद, 1933 में उनके पिता की अनुमति से उनका विवाह कर दिया गया। देवदास और लक्ष्मी के चार बच्चे थे, राजमोहन गांधी, गोपालकृष्ण गांधी, रामचंद्र गांधी और तारा गांधी भट्टाचार्जी।



Click it and Unblock the Notifications
