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महाकुंभ के वायरल IIT बाबा अभय सिंह ने हिमाचल में रचाई शादी, जानिए कौन है पत्नी?
IIT Baba Abhay Singh Marriage: प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आए IITian बाबा उर्फ अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। जी हां, अभय सिंह ने शादी कर ली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अभय सिंह ने महाशिवरात्रि के पावन दिन यानी 15 फरवरी 2026 को शादी की है। यह विवाह हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अघंजर महादेव मंदिर में संपन्न हुआ। इसके बाद 19 फरवरी 2026 को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी प्रतीका पेशे से इंजीनियर हैं और मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं। अभय सिंह की शादी का खुलासा तब हुआ जब वो अपनी पत्नी के साथ अपने पिता के चैंबर में पहुंचे। आपको बता दें कि अभय सिंह के पिता कर्ण सिंह पेशे से वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। महाकुंभ के दौरान अभय सिंह के इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे, जिसके बाद वे देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गए। अभय सिंह ने बताया कि शादी के बाद दोनों साधारण जीवन जी रहे हैं और फिलहाल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी नई जिंदगी से बेहद खुश हैं।

झज्जर में अपने परिवार से मिलने पहुंचे IIT बाबा अभय सिंह
सोमवार को अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ झज्जर में अपने परिवार और माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। उनकी पत्नी ने माथे पर कलश लेकर घर में प्रवेश किया। इसके बाद दोनों ने पद चिन्हों वाले रीति-रिवाज को पूरा किया। बाबा की मां ने बहू को तिलक और मिठाई खिलाकर आरती उतारी।
कौन हैं अभय सिंह की पत्नी?
अभय सिंह की पत्नी का नाम प्रतीका है और वो कर्नाटक की रहनी वाली हैं। प्रतीका भी कर्नाटक से हैं और उनकी मुलाकात अभय सिंह से करीब एक साल पहले हुई थी। दोनों का बैकग्राउंड इंजीनियरिंग से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी का नेचर बहुत पसंद आया, जिसके बाद दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया।
सनातन यूनिवर्सिटी बनाने की योजना
प्रतीका ने अभय के स्वभाव और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि अभय बेहद सरल, ईमानदार और सच्चे इंसान हैं।लेकिन अब वे अपनी जिंदगी को एक नए उद्देश्य की ओर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शादी के बाद अब दोनों मिलकर सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर काम करने का विचार कर रहे हैं। उनका सपना है कि भविष्य में एक सनातन यूनिवर्सिटी बनाई जाए, जहां अध्यात्म से जुड़े गुरु, साधक और ज्ञान की तलाश करने वाले लोग एक साथ आ सकें और सीख सकें। दोनों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में आध्यात्मिक ज्ञान को आगे बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम बन सकती है।
कौन हैं अभय सिंह?
आईआईटी बाबा के नाम से मशहूर अभय सिंह हरियाणा के झज्जर जिले के सासरौली गांव के एक जाट परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कर्ण सिंह पेशे से वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान भी रह चुके हैं। पढ़ाई में होनहार अभय ने दिल्ली में कोचिंग करने के बाद आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने डिजाइनिंग में मास्टर डिग्री भी पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कनाडा चले गए, जहां उन्होंने एक एयरोप्लेन बनाने वाली कंपनी में काम किया और अच्छी सैलरी भी हासिल की, साल 2021 के लॉकडाउन के दौरान कनाडा में फंसने के बाद वे भारत लौट आए। इसके बाद उन्होंने फोटोग्राफी और यात्राओं के जरिए अलग-अलग जगहों जैसे केरल और उज्जैन कुंभ का दौरा किया। इसी दौरान उनका झुकाव धीरे-धीरे अध्यात्म की ओर बढ़ने लगा। बाद में महाकुंभ में गुरु सोमेश्वर पुरी के साथ संन्यासी वेश में नजर आने के बाद वे अचानक सुर्खियों में आ गए और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
महाकुंभ के बाद कई विवादों में रहा नाम
अभय सिंह महाकुंभ के बाद कुछ विवादों को लेकर भी चर्चा में रहे। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान 19 जनवरी 2025 को उन्हें जूना अखाड़ा से निष्कासित कर दिया गया था। आरोप था कि उन्होंने अपने गुरु के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, मार्च 2025 में नोएडा में एक टीवी डिबेट के दौरान स्टूडियो में विवाद और मारपीट की घटना भी सामने आई, जिसमें अभय सिंह ने खुद के साथ बदसलूकी होने का आरोप लगाया था। वहीं, जयपुर में उन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजा रखने के मामले में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, इस पर उनका कहना था कि यह भोलेनाथ का प्रसाद है, इन घटनाओं के चलते उनका नाम कई बार सुर्खियों में रहा, हालांकि इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता और चर्चा में कोई कमी नहीं आई।



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