Latest Updates
-
Kartik Month 2026: कब से शुरू होगा कार्तिक मास? जानें सही तारीख, तुलसी पूजा का धार्मिक महत्व, नियम और विधि -
Valmiki Jayanti 2026 Wishes: रामायण की रचना...इन संदेशों के जरिए अपनों को दें वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं -
Sharad Purnima Vrat Katha: शरद पूर्णिमा के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन-धान्य से भरा रहेगा घर -
Sharad Purnima 2026 Wishes: धन की कभी न कमी हो...शरद पूर्णिमा पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Sharad Purnima 2026 Wishes In Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों से प्रियजनों को दें शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं -
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर बन रहा दुर्लभ लक्ष्मी नारायण योग, इन 3 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Karwa Chauth Mehndi Designs 2026: करवा चौथ पर लगवाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Kojagara Puja 2026: कोजागरी पूजा कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और मां लक्ष्मी की पूजा विधि -
White Ghee Vs Yellow Ghee: सफेद या पीला घी, सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद? जानिए डायटीशियन की राय -
World Polio Day 2026: पोलियो कैसे होता है? जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय
National Engineers Day 2026: 15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे? जानिए इसका इतिहास और महत्व
National Engineers Day 2026: हर साल 15 सितंबर को देशभर में नेशनल इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। यह दिन भारत के महान इंजीनियर और भारत रत्न से सम्मानित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती को समर्पित है। इंजीनियर्स डे के लिए 15 सितंबर की तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि इसी दिन साल 1861 में सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले के मुद्देनहल्ली गांव में हुआ था। इंजीनियरिंग और देश के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें आज भी भारत के प्रमुख इंजीनियरों में गिना जाता है। सर एम। विश्वेश्वरैया को आधुनिक मैसूर के निर्माण और विकास में उनकी अहम भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनके काम और योगदान को सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाने की शुरुआत साल 1968 में हुई। तब से हर वर्ष 15 सितंबर को देश के इंजीनियरों के योगदान और उनकी भूमिका को सम्मानित किया जाता है।

नेशनल इंजीनियर्स डे के लिए 15 सितंबर ही क्यों चुना गया?
15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाने की वजह सिर्फ सर एम। विश्वेश्वरैया की जयंती नहीं है, बल्कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके असाधारण काम भी इसके पीछे बड़ी वजह हैं। उनके योगदान को तीन प्रमुख हिस्सों में समझा जा सकता है।
देश के महान इंजीनियरों में शामिल थे सर विश्वेश्वरैया
सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने इंजीनियरिंग के साथ-साथ अर्थव्यवस्था, प्रशासन और देश के विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी काम किया। वह योजनाबद्ध तरीके से विकास करने में विश्वास रखते थे। उनका मानना था कि विज्ञान हमें ज्ञान देता है, जबकि इंजीनियरिंग उस ज्ञान को वास्तविक काम में बदलती है। उनके इसी सोच और काम करने के तरीके ने उन्हें देश के प्रमुख इंजीनियरों में जगह दिलाई।
जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण में अहम काम
सर विश्वेश्वरैया ने पानी के बेहतर इस्तेमाल और बाढ़ से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए। साल 1903 में उन्होंने 'ब्लॉक सिस्टम' तैयार किया, जो पानी के स्तर को नियंत्रित करने वाला ऑटोमेटिक फ्लडगेट सिस्टम था। इसे सबसे पहले पुणे के खड़कवासला जलाशय में इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, मैसूर में कृष्णा राजा सागर यानी KRS बांध के निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका रही। उस दौर में इसे एशिया के बड़े जलाशयों में गिना जाता था। हैदराबाद को मूसी नदी की बाढ़ से बचाने के लिए उस्मान सागर और हिमायत सागर जैसे जलाशयों के निर्माण तथा विशाखापत्तनम बंदरगाह को समुद्री कटाव से बचाने की व्यवस्था में भी उनके योगदान को याद किया जाता है।
आधुनिक मैसूर के विकास में बड़ी भूमिका
साल 1912 से 1918 के बीच मैसूर के दीवान के रूप में काम करते हुए विश्वेश्वरैया ने शिक्षा, उद्योग और विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया। उनके प्रयासों से मैसूर को एक विकसित और व्यवस्थित राज्य के रूप में आगे ले जाने की कोशिश हुई। इसी योगदान के कारण उन्हें 'फादर ऑफ मॉडर्न मैसूर' भी कहा जाता है। उनके योगदान को देखते हुए साल 1955 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इससे पहले ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 'नाइट' की उपाधि दी थी, जिसके बाद उनके नाम के साथ 'सर' लगाया जाने लगा।
इंजीनियर्स डे का महत्व
आज इंजीनियरिंग का क्षेत्र तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया के करीब 20 प्रतिशत चिप डिजाइन इंजीनियरों का घर है और AI स्किल के मामले में भी देश की स्थिति मजबूत है। ऐसे समय में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को पूरा करने में इंजीनियरों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए 15 सितंबर सिर्फ सर विश्वेश्वरैया की जयंती याद करने का दिन नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान देने वाले इंजीनियरों के काम को सम्मान देने का अवसर भी है।



Click it and Unblock the Notifications
