Latest Updates
-
बैंगन खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान, मिनटों में पता चल जाएगा अंदर कीड़े हैं या नहीं -
Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी नहीं जा सकते? Delhi-NCR के इन जगन्नाथ मंदिरों में करें रथ यात्रा के दर्शन -
SRK Bungalow: अंदर से बिल्कुल जन्नत है शाहरुख खान का मन्नत, कभी 18 करोड़ में खरीदा था, आज 300 करोड़ है कीमत -
Kark Sankranti 2026: कब है कर्क संक्रांति? नोट कर लें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
पति के घर से बाहर जाते ही महिलाओं को भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये 6 काम, हो सकता है अशुभ -
World Youth Skills Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व युवा कौशल दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
28 दिन बाद लगेगा सूर्य ग्रहण, 2 मिनट 18 सेंकड के लिए छा जाएगा अंधेरा, क्या भारत में दिखेगा ये नजारा -
Harela Wishes In Pahadi Or Hindi: 'जी रया, जागि रया' कहकर अपनों को दें हरेला पर्व की शुभकामनाएं -
रथ यात्रा में सबसे पहले राजा ही क्यों लगाते हैं झाड़ू? जानिए छेरा पहरा की परंपरा -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद
अध्ययन : बुढ़ापे में बेटियां बनती हैं सहारा!
(आईएएनएस)| यदि आप बेटी के पिता हैं, तो गर्व कीजिए। बुढ़ापे में बेटियां ही माता-पिता का ध्यान रखती हैं, बेटे नहीं। एक अध्ययन में अभिभावकों को यह सलाह दी गई है कि यदि वे चाहते हैं कि बुढ़ापे में बच्चे उनकी देख-भाल करें, तो बेटियों के माता-पिता बनने की दुआ मांगे। अध्ययन में पता चला है कि महिलाएं बूढ़े मां-बाप की सेवा में पुरुषों से कहीं आगे हैं।
प्रिंसटन युनिवर्सिटी में समाजशास्त्र विषय में डॉक्टरेट की उम्मीदवार एंजेलीना ग्रिगोरयेवा ने कहा, "बेटे ज्यादातर उन्हीं हालातों में माता-पिता की सेवा करते हैं, जब उनकी देख-भाल के लिए बहन, या मां या पत्नी में से कोई मौजूद नहीं होता।"

एंजेलीना का अध्ययन युनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन हेल्थ एंड रिटायरमेंट स्टडी से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है, जो हर दो साल में 50 से ज्यादा उम्र वाले 26,000 अमेरिकियों का सर्वेक्षण करती है। एक अच्छे पिता होने के नाते...
अध्ययन में यह भी पता चला कि भाई-बहनों के बीच बूढ़े माता-पिता की देखभाल को लेकर जिम्मेदारी के बंटवारे में भी लिंग एक महत्वपूर्ण कारक है, जहां माता-पिता का ज्यादा या कम ख्याल रखा जाता है।
एंजेलीना ने कहा, "बेटे अपनी जिम्मेदारी से कतराते हैं, जब उनकी कोई बहन भी होती है। इसके विपरीत बेटियां अपनी जिम्मेदारी बढ़-चढ़ कर निभाती हैं, जबकि उनका भाई भी होता है।"
इससे साफ पता चलता है कि बेटे अपने हिस्से की जिम्मेदारियां अपनी बहनों पर लाद देते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।



Click it and Unblock the Notifications