Latest Updates
-
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
युवाओं के लिये स्वामी विवेकानंद ने कहीं हैं ये बातें
आज पूरे विश्व में 12 जनवरी, एक विश्व युवा दिवस के रूप में मानाया जाता है। इसका आयोजन सबसे पहले सन 2000 में आरम्भ किया गया था। संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णयानुसार सन् 1985 ई. को अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष घोषित किया गया था।
हम सभी जानते हैं कि हमारे देश की सफलता हमारे आज के युवाओं के हाथों में हैं। आज के दिन से अच्छा क्या हो सकता है कि हम अपने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों पर चलने के लिये प्रोत्साहित कर सकें।
READ: जिन्होने मानी चाणक्य की ये बातें, वह कभी नहीं होंगे असफल
हर युवा को पता होना चाहिये कि स्वामी जी को युवाओं से बड़ी उम्मीदें थीं। उन्होंने युवाओं को धैर्य, व्यवहारों में शुद्धता रखने, आपस में न लड़ने, पक्षपात न करने और हमेशा संघर्ष करने का संदेश दिया। तो दोस्तों अगर आपको जीवन में आगे बढ़ना है और इस देश का नाम रौशन करना है तो, स्ंद की के इन विचारो को सदा के लिये दिल में बसा लें।

किसी बात से मत डरो
किसी बात से मत डरो। तुम अद्भुत कार्य करोगे। जिस क्षण तुम डर जाओगे, उसी क्षण मुम बिल्कुल शक्तिहीन हो जाओगे।

न टालो, न ढूँढों
न टालो, न ढूँढों - भगवान अपनी इच्छानुसार जो कुछ भेजें, उसके लिए प्रतिक्षा करते रहो, यही मेरा मूलमंत्र है।

शक्ति और विश्वास
शक्ति और विश्वास के साथ लगे रहो। सत्यनिष्ठा, पवित्र और निर्मल रहो, तथा आपस में न लडो। हमारी जाति का रोग ईर्ष्या ही है।

दूसरों से अलग सोचोगे तो उपहार उडेगा पर डरो नहीं
हर काम को तीन अवस्थाओं में से गुज़रना होता है - उपहास, विरोध और स्वीकृति। जो मनुष्य अपने समय से आगे विचार करता है, लोग उसे निश्चय ही ग़लत समझते हैं। इसलिए विरोध और अत्याचार हम सहर्ष स्वीकार करते हैं; परन्तु मुझे दृढ और पवित्र होना चाहिए और भगवान में अपरिमित विश्वास रखना चाहिए, तब ये सब लुप्त हो जायेंगे।

अकेले रहो, अकेले रहो
जो अकेला रहता है, उसका किसी से विरोध नहीं होता, वह किसी की शान्ति भंग नहीं करता, न दूसरा कोई उसकी शान्ति भंग करता है।

उठो जागो, रुको नहीं...
उठो, जागो और तब तक रुको नहीं जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये।

दुनिया का सबसे बड़ा धर्म
दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव अपने आम के प्रति सच्चे रहना, अपने आप पे विश्वास रखो हमेशा।



Click it and Unblock the Notifications
