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जानिए, क्यूं ये पिता रोजाना अपनी बेटी को कब्र में सुलाता है?
चीन के सिचुआन प्रांत में रहने वाले झांग लियाओंग की 2 वर्षीय बेटी एक लाइलाज बीमारी से गुजर रही हैं। वो उसे मरने के लिए तैयार कर रहा हैं।
एक पिता के लिए सबसे कठिन समय वो होता है जब उसे अपने बच्चे कि चिता सजानी पड़ती है। चीन में एक पिता कुछ दिनों से इसी दर्द से गुजर रहा हैं। चीन के सिचुआन प्रांत में रहने वाले झांग लियाओंग की 2 वर्षीय बेटी एक लाइलाज बीमारी से गुजर रही हैं। डॉक्टरों ने भी अब जवाब दे दिया है कि वो अब चंद दिनों की मेहमान हैं।
इसलिए झांग ने अपनी बेटी की कब्र खोदकर उसकी मौत का इंतजार कर रहा है। इस पिता के दर्द को देखिए कि वो रोज अपनी बेटी को उसकी कब्र में सुलाने के लिए ले जाता है। ताकि वो बहादुरी के साथ अपने बेटी को दुनिया से रुखसत कर सकें।

खोदकर रखी है बेटी की कब्र
चीन के सिचुआन प्रांत में रहने वाले झांग लियाओंग अपनी बेटी से बेहद प्यार करते हैं, लेकिन उन्हें इस बात की खबर है कि उनकी बेटी ज्यादा दिनों तक उनके साथ नहीं रह सकती है। वो कुछ दिनो और मेहमान हैं।

बेटी की मौत का इंतजार
झांग अपनी बेटी की मौत का इंतजार कर रहा है। ऐसे में जब वो पल आएगा इसके लिए वो अपनी बेटी और खुद को तैयार कर रहे हैं। वह बेटी को लेकर रोज कब्र पर आते हैं और उसके साथ वहां लेटते हैं। वो बेटी से कहते हैं कि ये जगह उसके खेलने के लिए है। वहां वो आराम से शांति से लेट सकती है।

कब्र से परिचित करवाना चाहता है
ये पिता झांग अपनी दो साल की बेटी को कब्र से परिचित करवाने के लिए उसे रोज कब्र के पास लेकर जाता है। उसके साथ खुद भी लेटता है। ऐसा इसलिए ताकि जब वह मौत में समा जाए तो इस जगह उसे डर नहीं लगे। झांग की दो साल की बेटी थैलेसीमिया से पीड़ित है। अब तक वो बेटी के इलाज पर 10 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं, लेकिन अब वो उनकी आर्थिक स्थिति भी इतनी अच्छी नहीं है कि वो इतने पैसे इलाज में लगा सकें। में नहीं है।इस आनुवांशिक रक्त विकार के कारण बच्ची के शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है।

चंद महीनों की मेहमान
डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची मुश्किल से एक और साल जी सकेगी। उसकी बॉडी ब्लड सेल्स धीरे-धीरे काम करना बंद कर रही हैं। जिसके चलते वह अब वह मुश्किल से एक साल ही जिंदा रह सकेगी। बेटी को खोने के दर्द में इस पिता ने घर के सामने ही कब्र खोद रखी है, ताकि वो बेटी को इस जगह से सहज करवा सके।



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