Latest Updates
-
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय
कोरोना वायरस से बचाव: इस महिला ने किया था हैंड सैनिटाइजर का आविष्कार, रोचक है कहानी
चीन से शुरु हुए कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा हैं। इस गंभीर वायरस की वजह से अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस आज के समय में एक गंभीर खतरा बन गी है। इस महामारी से निपटने के लिए भारत समेत कई देशों में लॉकडाउन किया गया है। ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकें। वहीं जो लोग घर में उनको सलाह दी जा रही है कि वह बार बार साबुन से अपने हाथ धोए और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

कोरोना वायरस की वजह से आज हर के इंसान के पास हैंड सैनिटाइजर हैं। क्या आप जानते है सैनिटाइजर का इस्तेमाल 54 सालों से होता आ रहा है। जी हां हैंड सैनिटाइजर का आविष्कार 54 साल पहले हुआ था। हैंड सैनिटाइजर को बनाने का सबसे पहले आइडिया अमेरिका की एक महिला को आया था। ल्यूप हर्नान्डिज नाम की महिला कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड शहर की रहने वाली हैं।

ल्यूप हर्नान्डिज 1966 में नर्सिंग की छात्र थी। उनको मरीज के पास जाने से पहले साबून से हाथ बार बार हाथ धोना पड़ता था। ल्यूप ने सोचा जब किसी मरीज के पास जाने से पहले साबुन और पानी नही हुआ था तो क्या होगा, इसके बाद उनके दिमाग आया कि कुछ ऐसा बनाना चाहिए तो बिना साबुन और पानी के इस्तेमाल करें बिना कीटाणु मर जाएं। इसके उन्होंने अल्कोहल युक्त जेल बनाया और उसको अपने हाथों पर रगड़ देखा कि इससे क्या फायदा होगा। उनका ये आविष्कार काफी कामगार रहा है।
उनके इस आविष्कार के इस्तेमाल से सारे कीटाणु मर गए और पानी की तरह इसे सुखाने की भी जरुरत नहीं पड़ी। इसके बाद उनका ये आइडिया पूरी दुनिया में फैल गया। विश्वभर में इसका इस्तेमाल होने लाग।



Click it and Unblock the Notifications
