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Exit Polls से ठीक पहले अर्जी लगाने वसुंधरा राजे पहुंची बागेश्वर धाम, जानें इस मंदिर का रहस्य
Rajasthan Ex Cm Vasundhara Raje Visit Bageshwar Dham : बागेश्वर धाम सरकार मंदिर और यहां के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हमेशा चर्चाओं में बने रहते हैं। ऐसा दावा किया जाता है यहां आकर श्रद्धालु अपनी अर्जी लगाते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही उन्हें हर कष्ट से मुक्ति मिलती है। ये मंदिर अब राजस्थान चुनाव के रिजल्ट आने से पहले फिर से चर्चा में आ गया है।
एग्जिट पोल से ठीक पहले राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में राजे पर्ची वाले बाबा के नाम से चर्चित बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के साथ बैठी नज़र आ रही हैं। राजे के साथ उनके सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह भी मौजूद दिख रहे हैं। तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि कहां है यह बागेश्वर धाम सरकार मंदिर और क्या है यहां का इतिहास।

मंदिर का इतिहास
बागेश्वर धाम मंदिर एक पुराना चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर छतरपुर के पास बागेश्वर धाम में स्थित है और यह बालाजी का मंदिर है। ये छतरपुर जिले के खजुराहो पन्ना रोड पर मौजूद गंज नाम के छोटे से कस्बे से 35 किमी की दूरी पर स्थित है। 20-30 साल पहले करीब 1986 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। उसके बाद यह मंदिर काफी प्रसिद्ध होता चला गया। वर्ष 1987 में वहां संत सेतु लालजी महाराज का आगमन हुआ। ये आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दादाजी थे। उसके बाद वर्ष 2012 में श्रद्धालुओं की समस्या का निराकरण करने के लिए दरबार का शुभारंभ हुआ। उसके बाद वर्ष 2016 में बागेश्वर धाम में भूमि पूजन हुआ और फिर भगवान बालाजी का यह धाम समस्याओं के निराकरण के लिए प्रसिद्ध हो गया।

ऐसे लगाई जाती है यहां अर्जी
बागेश्वर धाम में पर्ची लगाने की प्रक्रिया बेहद सरल है। यहां आपको एक पर्ची पर अपनी समस्या लिखकर उसे लाल कपड़े में नारियल के साथ बांधकर यहां परिसर में रखना होता है। यहां पर आपको लाल, पीले और काले कपड़े में बंधे हुए नारियल मिल जाएंगे। इसके पीछे की वजह यह है कि अगर आपकी अर्जी सामान्य है तो और लाल कपड़े में नारियल बांधें, अगर शादी-विवाह से जुड़ी अर्जी है तो नारियल को पीले कपड़े में बांधें और अगर अर्जी प्रेत बाधा से जुड़ी है तो नारियल को काले कपड़े में बांधें। इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि अगर आप यहां आकर ऐसा नहीं कर सकते तो अपने घर पर ही पूजास्थल में नारियल के साथ अपनी अर्जी लगा सकते हैं। मान्यता है कि घर पर लगी अर्जी भी बालाजी सुन लेते हैं।
ऐसे पता लगता है कि अर्जी स्वीकार हुई या नहीं
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार अगर आपकी अर्जी स्वीकार हुई है तो आपको सपने में लगातार 2 दिन तक बंदर दिखाई देंगे। केवल एक दिन बंदर दिखाई दें तो यह माना जाता है कि आपकी अर्जी पहुंच चुकी है। अर्जी के स्वीकार होने पर घर के किसी सदस्य को सपने में 2 दिन तक बंदर दिखाई देंगे। अगर आपकी अर्जी स्वीकार न हुई हो यानी कि आपको सपने में बंदर न दिखें तो फिर से मंगलवार को ये उपाय करने होंगे। इन उपायों को 2 3 मंगलवार तक दोहराने से आपकी अर्जी अवश्य स्वीकार होगी।



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