Latest Updates
-
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन'
Thailand–Cambodia Conflict : थाईलैंड के 8 जिलों में लागू हुआ मार्शल लॉ क्या है? इमरजेंसी से है कितना अलग
What Is Martial Law : थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बढ़ते सीमा विवाद को देखते हुए थाई सरकार ने चंथाबुरी और ट्राट राज्यों के 8 जिलों में मार्शल लॉ लागू कर दिया है। यह फैसला तब आया जब इन इलाकों में अशांति और टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। अब सवाल यह है कि मार्शल लॉ क्या होता है, यह कब और क्यों लागू किया जाता है, और आपातकाल से कैसे अलग है?

मार्शल लॉ क्या होता है?
मार्शल लॉ एक विशेष परिस्थिति में लागू की जाने वाली व्यवस्था है, जब सेना को प्रशासन, पुलिस और न्यायिक अधिकार दे दिए जाते हैं। इसका अर्थ है कि संबंधित क्षेत्र में अब न तो सिविल प्रशासन होता है और न ही सामान्य कानून, वहां अब केवल सेना के आदेश और कानून चलते हैं।
कब लागू होता है मार्शल लॉ?
मार्शल लॉ आमतौर पर तब लागू किया जाता है जब:
- युद्ध या गृहयुद्ध की स्थिति हो
- कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ जाए
- किसी क्षेत्र में दंगे या विद्रोह हो जाए
- प्राकृतिक आपदा या अराजकता फैलने का खतरा हो
- इस दौरान सेना कर्फ्यू लगा सकती है, आवाजाही पर रोक लगा सकती है और लोगों के मौलिक अधिकार सीमित किए जा सकते हैं।
मार्शल लॉ और आपातकाल में अंतर
- मार्शल लॉ में सेना के हाथ में पूरा कंट्रोल चला जाता है, जबकि
आपातकाल में केंद्र सरकार के पास अधिकार होते हैं।
- मार्शल लॉ लागू होने पर सामान्य अदालतें और स्थानीय प्रशासन सस्पेंड हो जाते हैं, जबकि
आपातकाल के दौरान अदालतें काम करती रहती हैं।
- मार्शल लॉ किसी एक इलाके में भी लगाया जा सकता है, वहीं आपातकाल अक्सर पूरे देश में लागू होता है।
कुछ ऐतिहासिक उदाहरण
भारत में आपातकाल: 1975-1977 (प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में)
पाकिस्तान में मार्शल लॉ: 2007 (जनरल परवेज मुशर्रफ द्वारा लागू)
थाईलैंड में इस बार 8 जिलों में सेना के कमांडर की देखरेख में कर्फ्यू और नियंत्रण लगाया गया है।



Click it and Unblock the Notifications











