Same Sex Marriage: सुप्रीम कोर्ट की 'ना', जानें पड़ौसी मुल्‍क पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका में क्‍या है स्थिति

Same Sex Marriage in India : भारत के मु्ख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस एस रवींद्र भट्ट और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल बेंच में रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सेम सेक्स मैरिज या समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया है।

हालांकि, दुनिया के 34 देशों में समलैंगिक विवाह को मान्यता दी गई है। इनमें 10 देशों में कोर्ट के जरिए फैसला आया है। 23 देश तो ऐसे हैं, जहां जहां कानूनी तौर पर सेम सेक्स मैरिज को मान्यता मिली है। आइए जानते हैं क‍ि भारत में सेम मैर‍िज को मान्‍यता नहीं म‍िलने की बाद पड़ौसी मुल्‍कों में इस कानून को लेकर क्‍या स्थिति हैं?

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बांग्‍लादेश

बांग्लादेश में सेम सेक्स को लेकर सजा का प्रावधान है. यहां आपसी सहमति से भी यौन संबंध बनाने पर सजा मिलती है।

भूटान

भूटान ने सोडोमी लॉ को 2021 में हटा दिया था. सोडोमी कानून एक ऐसा कानून है, जो कुछ यौन कृत्यों को अपराध के रूप में परिभाषित करता है। आम तौर पर अदालतें इसे अप्राकृतिक या अनैतिक मानती हैं।

श्रीलंका

श्रीलंका में सोडोमी लॉ को हटाने के लिए बिल संसद में पेश किया जा चुका है, जो अभी भी पेंडिंग है।

पाकिस्तान

पाकिस्तान सहित अफगानिस्तान और मालदीव में इसे अपराध माना जाता है और इस पर सजा मिल जाती है।

चीन

चीन में भी कानूनी तौर पर समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं है।

नेपाल ने सजा को किया खत्म

नेपाल ने 2007 में ही इस पर सजा को खत्म कर दिया था। हालांकि, इस सिलसिले में अब तक संसद से कोई नया कानून नहीं बना है। हाल ही में नेपाल की दो निचली अदालतों ने सेम सेक्स शादी को रजिस्टर्ड करने से इनकार कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को रजिस्टर्ड करने का अंतरिम आदेश दिया है।

इन देशों में अवैध

साल 2001 में नीदरलैंड ने सबसे पहले समलैंगिक विवाह को वैध बनाया था। जबकि ताइवान पहला एशियाई देश था। कुछ बड़े देश ऐसे भी हैं, जहां सेम सेक्स मैरिज को वैधता नहीं म‍िली हैं। करीबन 64 देशों में सेम सेक्‍स मैरिज को कानूनी मान्‍यता प्राप्‍त नहीं हैं । मलेशिया में समलैंगिक विवाह अवैध हैं। पिछले साल सिंगापुर ने प्रतिबंधों को खत्म कर दिया था। हालांकि, वहां शादियों की मंजूरी नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापान समेत सात बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भी सेम सेक्स मैरिज को कानूनी अनुमति नहीं देते हैं।

इन देशों में सेम सेक्स मैरिज को दी गई है मान्यता

केंद्र के मुताबिक, अमेरिका और ब्राजील प्रमुख देश हैं, जहां मिश्रित प्रक्रिया को अपनाया गया था।विधायी प्रक्रिया के माध्यम से समान-लिंग विवाह को वैध बनाने वाले महत्वपूर्ण देश यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा, स्विट्जरलैंड, आयरलैंड, स्वीडन, स्पेन, नॉर्वे, नीदरलैंड, फिनलैंड, डेनमार्क, क्यूबा, स्लोवेनिया और बेल्जियम हैं।

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