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Cyclone Michaung: क्या है माइचौंग का मतलब? जानें कैसे रखे जाते हैं चक्रवात के नाम
Cyclone Michaung: एक ओर जहां उत्तर भारत में ठंड पड़ने लगी है। पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश होने लगी है। वहीं दक्षिण भारत में Michaung ( माइचौंग या मिचौंग ) साइक्लोन तबाही मचाने को तैयार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु के बाद 5 दिसंबर को आंध्रप्रदेश पहुचेगा। आइए जानते हैं क्या होता है माइचौंग चक्रवात और इसका मतलब।

ये देश देते हैं हिंद महासागर में उठने वाले तूफान को नाम
हिंद महासागर क्षेत्र के लिए साल 2004 में तूफान के नामकरण के लिए एक सूत्र पर सहमति बनी थी। इस क्षेत्र में आने वाले 8 देशों- बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। इन देशों ने सभी नामों का एक सेट दिया।
म्यांमार ने दिया था इस तूफान का नाम
चक्रवात बनने पर माइचौंग हिंद महासागर में इस साल का छठा और बंगाल की खाड़ी में चौथा चक्रवात होगा। इस चक्रवाती तूफान का नाम म्यांमार ने दिया था। नाम म्यांमार ने दिया था। माइचौंग का मतलब होता है ताकतवर और लचीला। यानी ये तूफान बड़ा और कहीं भी मुड़ने जैसा साबित हो सकता है। बता दें कि इस चक्रवात के बाद हिंद महासागर में इस वर्ष यानी 2023 में आए साइक्लोन की संख्या 6 हो जाएगी।

कैसे होता है नाम का चयन
तूफान का नाम रखने से पहले यह देखा जाता है कि वह अपमानजनक और विवादास्पद नहीं होना चाहिए। उच्चारण में आसान और याद रखने वाला होना चाहिए। नाम रखने के लिए हिंद महासागर में उठने वाले चक्रवाती तूफान का नाम 8 अक्षर से ज्यादा नहीं रखा जाता है। पहले तूफान का नाम रखने का कोई तरीका नहीं था। बाद में वैज्ञानिकों ने इसकी एक मानक प्रकिया बनाई। भारत का IMD उन 8 मौसम केंद्रों में शामिल है, जो चक्रवातों को नाम देते हैं। ये मौसम केंद्र ही चक्रवात को नाम देते हैं, लेकिन नाम ऐसा लिया जाता है, जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों और ये नाम कभी रिपीट भी नहीं होते।
यहां खतरे के आसार
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, चेन्नई, तेनकासी, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्नियाकुमारी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम गरज और बिजली गिरने की संभावना है। तमिलनाडु के विल्लुपुरम, रानीपेट, कुड्डालोर, तंजावुर, नागापट्टिनम, मयिलादुथुराई, तिरुवरूर, रामनाथपुरम, तिरुपुर, डिंडीगुल, पुदुकोट्टई, विरुधुनगर नीलगिरी और थेनी जिलों और पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर हल्की आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
जिन राज्यों में चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिलेगा उन राज्यों के लिए मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। इसके तहत इन इलाकों में अगले दो से तीन दिन तक अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। यही नहीं मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। लोगों भी जब तक जरूरी ना हो तब तक घरों से बाहर ना निकलने की बात कही है।



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