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Surya Grahan: कब लगेगा 2025 का अगला सूर्य ग्रहण और क्या ये भारत में दिखेगा या नहीं?
September 2025 Solar Eclipse : खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 2025 का सितंबर महीना खास रहेगा, क्योंकि इसी महीने साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सूर्य ग्रहण को लेकर अफवाह तेजी से फैली थी कि 2 अगस्त 2025 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, लेकिन बाद में यह दावा गलत है।
दरअसल, 2 अगस्त 2027 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसे 100 साल का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है। इसी कारण लोगों के बीच भ्रम फैल गया। ऐसे में यह जानना जरूरी हो गया है कि साल 2025 में दूसरा सूर्य ग्रहण कब और कहां लगेगा।

क्या होता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा अपने परिक्रमा पथ पर चलते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है। जब चंद्रमा सूर्य की डिस्क को पूरी तरह ढंक देता है तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं और जब वह आंशिक रूप से ढंकता है तो इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है। यह घटना केवल अमावस्या के दिन ही संभव होती है, क्योंकि तभी चंद्रमा सूर्य के सामने स्थित हो सकता है।
कब लगेगा साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण?
साल 2025 में दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, यानी चंद्रमा सूर्य के हिस्से को ही ढक पाएगा, पूरा नहीं। हालांकि यह पूर्ण ग्रहण न होने के बावजूद भी खगोल प्रेमियों के लिए खास होगा, क्योंकि यह एक लंबी अवधि तक चलने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण होगा।
सूर्य ग्रहण का समय
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, यह आंशिक सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 10:59 बजे शुरू होगा। यह धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंचेगा और 22 सितंबर की सुबह 1:11 बजे सबसे अधिक स्पष्ट रूप में दिखाई देगा। इसके बाद यह ग्रहण सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। यानी यह ग्रहण कुल 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगा।
क्या भारत में दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण?
यह जानना जरूरी है कि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि जब यह ग्रहण शुरू होगा तब यहां रात होगी और सूर्य क्षितिज के नीचे होगा। इस वजह से भारत के लोग इस खगोलीय घटना को अपनी आंखों से नहीं देख पाएंगे।
हालांकि, यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंडोनेशिया और दक्षिणी प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में साफ तौर पर दिखाई देगा। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है जो सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी के एक सीध में आने से होती है। यह एक अनोखा दृश्य होता है जिसमें सूर्य की रोशनी कुछ देर के लिए धरती पर आना बंद हो जाती है। हालांकि, सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखना सुरक्षित नहीं होता, इसलिए इसके अवलोकन के लिए विशेष चश्मों या उपकरणों का उपयोग करना जरूरी होता है।



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