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Perseids Meteor 2025 : आज दिखेगा ‘टूटते तारों’ का अनोखा नज़ारा, आसमान में चमकेंगे फायरबॉल
When and Where to Watch the Perseids 2025 : अगर आप रात में तारों और आसमान को निहारने के शौकीन हैं, तो आज और कल की रात आपके लिए किसी तोहफ़े से कम नहीं है। नासा ने पर्सिड्स उल्का वर्षा (Perseids Meteor Shower) को "साल की सबसे लोकप्रिय उल्का बौछार" बताया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार यह अपने चरम पर है और रात में हर घंटे तकरीबन 100 उल्कापिंड आसमान में चमक सकते हैं। इन उल्काओं में कई चमकीली धारियां और 'फायरबॉल' यानी आग के गोले भी शामिल होंगे, जो रात को और भी जादुई बना देंगे।

क्या है पर्सिड्स उल्का वर्षा?
पर्सिड्स उल्का वर्षा तब होती है जब पृथ्वी, स्विफ्ट-टटल धूमकेतु (Comet Swift-Tuttle) के पीछे छोड़े गए धूल और बर्फ के छोटे-छोटे कणों से होकर गुजरती है। ये कण बेहद छोटे होते हैं, कई तो रेत के दाने से भी छोटे लेकिन जब यह 36 मील प्रति सेकंड (करीब 58 किमी/सेकंड) की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल से टकराते हैं, तो घर्षण से जल उठते हैं और आसमान में चमकीली लकीरों का नज़ारा पेश करते हैं।
कुछ तो इतने तेज़ होते हैं कि आग के गोले जैसे दिखते हैं। इसका नाम 'पर्सिड्स' नक्षत्र पर्सियस (Perseus) के नाम पर रखा गया है, क्योंकि उल्काएं आसमान में उसी दिशा से आती हुई प्रतीत होती हैं।
कब और कहां दिखेगा सबसे अच्छा नज़ारा?
तारीख: 11 और 12 अगस्त की रात
सबसे अच्छा समय: रात 2 बजे से सुबह 4 बजे तक
स्थान: शहर की रोशनी से दूर, खुले आसमान और कम प्रदूषण वाले इलाक़े (पहाड़ी क्षेत्र, रेगिस्तान या गांव)
इस बार का दृश्य और भी खास होगा क्योंकि पर्सिड्स के साथ शुक्र और बृहस्पति का दुर्लभ संगम (planetary conjunction) भी देखने को मिलेगा। यानी आपके पास एक ही रात में दो खगोलीय घटनाएं देखने का मौका होगा।
इतिहास और अगला मौका
स्विफ्ट-टटल धूमकेतु का व्यास करीब 26 किलोमीटर है और यह 133 साल में सूर्य का एक चक्कर लगाता है। आखिरी बार यह 1992 में पृथ्वी के पास से गुज़रा था और अब 2126 में दोबारा दिखेगा। तब तक पर्सिड्स की उल्का वर्षा हर साल होती रहेगी, लेकिन धूमकेतु को करीब से देखने का मौका बेहद दुर्लभ है।
कैसे देखें पर्सिड्स उल्का वर्षा?
दूरबीन या टेलिस्कोप की जरूरत नहीं : इसे नंगी आंखों से ही सबसे अच्छा देखा जा सकता है।
मोबाइल की फ्लैशलाइट और स्क्रीन बंद रखें: रोशनी आंखों की अंधेरे में देखने की क्षमता को कम कर देती है।
आंखों को अंधेरे का आदी होने दें : कम से कम 15-20 मिनट तक अंधेरे में रहें।
आराम से लेटकर देखें : आसमान का ज्यादा हिस्सा देखने से उल्काएं पकड़ने का मौका बढ़ जाता है।
वैज्ञानिकों की राय
रॉयल ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, पर्सिड्स उल्का वर्षा 24 अगस्त तक जारी रहेगी, लेकिन 11-13 अगस्त के बीच का समय सबसे रोमांचक और शानदार नज़ारे वाला होगा।
अगर मौसम साफ है और आप शहर की रोशनी से दूर जा सकते हैं, तो आज की रात आपके लिए यादगार बन सकती है। शायद आप अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत "आसमान का शो" देख लें, जिसमें चमकते तारे, उल्काएं, आग के गोले और ग्रहों का संगम एक साथ नज़र आए।



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