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कौन हैं 'सीहोर वाले' पंडित प्रदीप मिश्रा, कैसे बनें मशहूर कथावाचक, एक कथा के लेते हैं मोटी फीस
Who is sehore wale maharaj Pandit Pradeep Mishra : पंडित प्रदीप मिश्रा को कौन नहीं जानता है? ज्यादात्तर लोग उन्हें 'सीहोरवाले पंडितजी' के रूप में जानते हैं। कभी शिक्षक रह चुके पंडित प्रदीप मिश्रा अब देश के प्रसिद्ध कथावाचक के तौर पर पहचान बना चुके है। हाल ही हरियाणा के गुरुग्राम में इनके सत्संग में लाखों में भक्तों की भीड़ कथा सुनने पहुंची। इस भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है।
यह पहली दफा नहीं हैं कि पंडित प्रदीप मिश्रा के सत्संग में लाखों की भीड़ जुटी हो, इनके शिव महापुराण की हर कथा के आयोजन में लाखों लोग जुटते हैं। इस वजह से कथावाचक के सत्संग में बदइंतजामियों को लेकर उन पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। वैसे आपको बता दें कि ये वो ही प्रदीप मिश्रा हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले राधारानी को लेकर दिए विवादित बयान दिया था।

आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं सीहोरवाले पंडितजी और क्यों लोगों में उनके प्रति इतनी श्रद्धा हैं और एक कथा के लिए वो कितनी फीस चार्ज करते हैं?
ऐसे रही है शुरूआती जिंदगी
मध्य प्रदेश के भोपाल से कुछ ही दूरी पर स्थित सीवन नदी के किनारे स्थित सीहोर जिसे कभी सिद्धपुर भी कहा जाता था, वहां पर पंडित प्रदीप मिश्रा जी का जन्म 4 जुलाई 1980 में एक गरीब ब्राह्मण श्री रामेश्वर दयाल मिश्रा जी के परिवार में हुआ था। एक बार एक इंटरव्यू में पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने बताया था उनके परिवार में सभी लोग नौकरी पेशा थे, लेकिन उनके पिता अधिक पढ़े लिखे नहीं होने की वजह से नौकरी में नहीं थे और चने का ठेला लगाते थे।
बाद में उन्होंने चाय की दुकान भी खुली थी जिसमें पंडित मिश्रा जी भी ग्राहकों को चाय दिया करते थे। पंडित प्रदीप मिश्रा जी की पढाई भी सीहोर से हुई है और पंडित जी ने स्नातक की डिग्री लेने के साथ ही कई धर्म ग्रंथों का गहन अध्ययन किया है। इसके बाद प्राइवेट स्कूल में बतौर टीचर काम किया। पंडित प्रदीप मिश्रा ने गुरु जी श्री 1008 विट्ठलेश जी राय महाराज से दीक्षा ली हैं।
कभी प्राइवेट टीचर, आज हैं करोड़ों के स्वामी
एक साधारण परिवार से आने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा तकरीबन 10 साल पहले तक एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अपनी कथा और धार्मिक उपायों की वजह से काफी लोकप्रियता पाई है। हर साल वो अपने आश्रम में रुद्राक्ष वितरण का कार्यक्रम आयोजित कराते हैं, जिसमें लाखों की भीड़ जुटती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदीप मिश्रा के पास सार्वजनिक रूप से तकरीबन 192 करोड़ रुपए की संपति है।
52 एकड़ में फैला है पंडित प्रदीप मिश्रा का आश्रम
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित शहर सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा का आश्रम है। उन्होंने यहां 52 एकड़ में फैले कुबेरेश्वर धाम की स्थापना की। एक साधारण परिवार से आने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा तकरीबन 10 साल पहले तक एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे।
इतनी लेते हैं एक कथा की फीस
जानकारी के मुताबिक प्रदीप मिश्रा एक कथा के लिए करीब 8 लाख रुपए फीस चार्ज करते हैं। इसके अलावा कुछ रिपोर्ट यह भी दवा करते हैं कि वो एक कथा के लिए 21 से 51 लाख रुपए तक फीस वसूलते हैं जिसमें कथा वाचन के अलावा टेंट-पंडाल, माइक और भंडारा तक शामिल होता है। कथा के अलावा उनकी कमाई के अन्य स्रोत भी हैं। उनके यूट्यूब चैनल से भी उनकी कमाई होती है। यूट्यूब पर उनके करीब 60 लाख सब्सक्राइबर हैं। वैसे खुद पंडित प्रदीप मिश्रा ने कभी आधिकारिक तौर पर अपनी कमाई के बारे में कुछ नहीं बताया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो उनकी सालाना कमाई करोड़ों की हो चुकी है।
विवादों से भी रहा है नाता
पंडित प्रदीप मिश्रा का नाम कई बार विवादों से भी जुड चुका है। सबसे ताजा विवाद में पंडित प्रदीप मिश्रा ने राधारानी के ऊपर एक विवादित बयान दिया था, जिसके बाद बरसाना में राधारानी के मंदिर में जाकर उन्होंने माफी मांगी थी। इससे पहले भी 2 साल पहले पंडित प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित आश्रम में रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भगदड़ मच गई थी और 3 हजार से ज्यादा की तबीयत बिगड़ गई थी और एक महिला की मौत हो गई थी। तब उन पर बदइंतजामी के आरोप लगे थे।



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