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Bilkis Bano case: कौन हैं वृंदा ग्रोवर? जिन्होंने बिलकिस बानो को दिलाया इंसाफ, यूएन में भी हो चुकी है तारीफ
Who is Vrinda Grover:बिलकिस बानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दोषियों को दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। बिलकिस बानो केस में याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील रखने वाली सीनियर वकील वृंदा ग्रोवर ने फैसले का स्वागत किया।
वृंदा ग्रोवर इस मामले में शुरुआत से ही मुखर रही हैं। इससे पहले भी वो कई ऐतिहासिक मामलों में अदालत के सामने दलीलें रख चुकी हैं। आखिर बिलकिस को इंसाफ दिलाने वाली वृंदा ग्रोवर कौन हैं? आइए बताते हैं।

डीयू और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से की है वकालत की पढ़ाई
वृंदा ग्रोवर मानवाधिकार वकील हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से लॉ में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। वृंदा कई मानवाधिकार से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय रही हैं। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को घरेलू हिंसा और यौन हिंसा से बचाने के लिए बने कानूनों का मसौदा तैयार करने में भी योगदान दिया है। वृंदा अत्याचार के खिलाफ, सांप्रदायिक और टारगेट हिंसा के खिलाफ कानूनों की वकालत करती रही हैं।
100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची थी शामिल
वृंदा ग्रोवर भारत की एक प्रतिष्ठित वकील, रिसर्चर और ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट के तौर पर जानी जाती हैं। एक वकील के रूप में उन्होंने कई मानवाधिकार से जुड़े घरेलू और यौन हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों का प्रतिनिधित्व किया हैं। टाइम पत्रिका ने उन्हें 2013 में दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था।
यूएन में भी हो चुकी हैं तारीफ
पिछले साल जुलाई में एडवोकेट वृंदा ग्रोवर को यूनाइटेड नेशनंस ह्यूमन राइट कौंसिल के अध्यक्ष वेक्लाव बालेक (चेकिया) की तरफ से यूक्रेन पर स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जांच आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था। काउंसिल ने यौन उत्पीड़न, यातना, गैर-न्यायिक हत्याएं, सांप्रदायिक नरसंहार, जबरन गायब करने और मॉब लिंचिंग से संबंधित मामलों पर भी वो काम कर चुकी हैं काउंसिल ने पत्रकारों, मानवाधिकार वकीलों और मौत की सजा पाए कैदियों की सुरक्षा के लिए वृंदा ग्रोवर द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना हुई थी।



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