Latest Updates
-
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल
World Hello Day 2023 : इंग्लिश नहीं जर्मन शब्द से बना है हैलो, जानें इसका दिलचस्प इतिहास
World Hello Day 2023: हर साल 21 नवंबर को विश्व हेलो दिवस मनाया जाता है। हैलो बहुत कॉमन शब्द है, लगभग सभी लोग फोन रिसीव करते ही पहला शब्द हेलो ही बोलते हैं। इसके अलावा एक दूसरे को अभिवादन करने लिए एक ग्लोबल वर्ड बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोग आम-बोलचाल की भाषा में हैलो शब्द का उपयोग क्यों करते हैं।
बता दें कि 1973 में इजरायल और मिस्र के बीच लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष समाप्त होते ही शांति और मित्रता के लिए जिस शब्द का पहले इस्तेमाल किया गया वह था हैलो और उसी समय से विश्व हेलो दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

कैसे हुई हैलो दिवस की शुरुआत
बता दें कि 1973 के पतन यानी योम किप्पुर युद्ध के बीच संघर्ष की प्रतिक्रिया में हुई थी। बताया जाता है कि इस युद्ध के दौरान हजारों की संख्या में सैनिक और निर्दोष नागरिक मारे गए थे। युद्ध के अंत में इजराइल और मिस्र में शांति स्थापित करने के लिए जो पहला शब्द इस्तेमाल किया वह था हैलो, इसी वजह से विश्व में शांति और मित्रता प्रसार करने के लिए विश्व हैलो दिवस मनाने की शुरुआत की गई।
विश्व हैलो दिवस का महत्व
जब कोई इंसान एक दूसरे को हैलो बोलता है, उस वक्त उसकी आपसी दुश्मनी खत्म हो जाती है, यही कारण है कि देखते ही देखते यह दिवस विश्व भर में प्रसिद्ध हो गया है। हेलो शब्द अभिवादन करने के साथ-साथ बातचीत की शुरुआत आसानी से करने का एक माध्यम है। इसे विश्व नमस्कार दिवस के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन को मनाते हुए 50 साल बीत चुके है। और अब तक पूरे 180 देशों में इस दिन को मनाया जाता है। करीब 31 शांति पुरस्कार विजेताओं ने इस दिन को मनाने के लिए समर्थन जताया है।
जर्मन के होला से बना हैलो
हैलो शब्द के इतिहास पर गौर करें तो यह यह शब्द 'होला' से बना है, जो प्राचीन जर्मन भाषा का एक शब्द है और यह अभिवादन करने का एक तरीका है। जर्मनी से होते हुए यह शब्द ब्रिटेन पहुंचा और यहां अंग्रेजों ने इस शब्द को तोड़ मरोड़कर 'हालो' या 'होलो' बना दिया। इसके बाद साल 1833 में अमेरिका में द स्केचेस एंड एसेंट्रीसिटीस ऑफ कर्नल डेविड क्रॉकेट नाम की पुस्तक में हैलो शब्द का इस्तेमाल हुआ। इसी साल लंदन लिटेरी गजट में भी इस शब्द का इस्तेमाल किया गया।
धीरे-धीरे यह शब्द आम लोगों के द्वारा इस्तेमाल किया जाने लगा और 1860 तह यह शब्द काफी प्रचलित हो गया। अब लोग अक्सर आम बोलचाल की भाषा में हैलो शब्द का इस्तेमाल करने लगे थे। टेलीफोन पर सबसे पहले हैलो शब्द की शुरुआत थॉमस एल्वा एडिसन ने की थी, जिसके बाद यह शब्द दुनियाभर में प्रचलित हो गया।
क्यों फोन पर बोलते हैं हैलो
दरअसल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टेलीफोन का अविष्कारक वैज्ञानिक ग्राहक बेल ने किया था। ग्राहम बेल के गर्लफ्रेंड का नाम मारग्रेट हेलो था और उसने टेलीफोन के अविष्कार के बाद सबसे पहले अपने गर्लफ्रेंड को फोन मिलाया और पहला शब्द हैलो बोला, इसके बाद से ही फोन पर काल करते वक्त पहला शब्द हेलो बोलने की शुरुआत हो गई। हालांकि कई रिपोर्ट के मुताबिक ग्राहम बेल की गर्लफेंड का नाम मारग्रेट होने का कोई पुख्ता सबूत नहीं है।



Click it and Unblock the Notifications