Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
पंजाब में डिप्थीरिया से 3 साल की बच्ची ने तोड़ा दम, क्या है ये बीमारी, क्यों बन जाती है जानलेवा?
डेंगू के प्रकोप के बीच पंजाब के फिरोजपुर में एक और जानलेवा बीमारी ने पांव पसार लिए हैं, इस बीमारी का नाम डिप्थीरिया बताया जा रहा है, जिसे गलघोटू रोग भी कहते है। इस बीमारी की वजह से 3 साल की बच्ची की मौत हो गई, हालांकि ऐसा एक ही मामला है। अब इस मामले के बाद डब्ल्यूएचओ और पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर इसकी जांच जारी कर की है। बच्ची की मौत के बाद आसपास लोगों में दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि बच्ची को डिप्थीरिया का टीका नहीं लगाया गया था और स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की मॉनिटीरिंग शुरु कर दी है। आइए जानते हैं कि डिप्थीरिया क्या है और क्यों बच्चों के लिए जानलेवा माना जाता है।

डिप्थीरिया क्या है?
डिप्थीरिया बच्चों के लिए एक खतरनाक और गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह Corynebacterium diphtheriae नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, और बिना सही समय पर इलाज के यह बच्चों में गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।
गले और श्वसन मार्ग का अवरोध
डिप्थीरिया से गले और श्वसन तंत्र में मोटी झिल्ली बन जाती है, जो सांस लेने में बाधा डाल सकती है। यह बच्चों में सांस की तकलीफ का कारण बन सकती है, जिससे श्वसन संकट उत्पन्न होता है।
हृदय और तंत्रिका तंत्र पर असर
डिप्थीरिया से उत्पन्न विष (टॉक्सिन) हृदय, गुर्दे, और तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है। इससे हृदय की मांसपेशियों में सूजन (मायोकार्डिटिस), तंत्रिका क्षति, और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
रोग का तेजी से फैलना
डिप्थीरिया एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है जो खांसी, छींक, या नजदीकी संपर्क से आसानी से फैल सकती है, विशेषकर स्कूलों या अन्य स्थानों पर जहां बच्चे एक साथ होते हैं।
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली
बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली वयस्कों की तुलना में कमजोर होती है, जिससे वे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। खासकर यदि बच्चे का टीकाकरण नहीं हुआ है, तो यह बीमारी और भी खतरनाक हो सकती है।
लक्षण
गले में दर्द
बुखार
सांस लेने में कठिनाई
गले में सफेद या ग्रे रंग की मोटी झिल्ली का बनना
थकान और कमजोरी
रोकथाम और उपचार
टीकाकरण: डिप्थीरिया का सबसे प्रभावी रोकथाम उपाय टीकाकरण है। DPT (डिप्थीरिया, पर्टुसिस, और टेटनस) वैक्सीन बच्चों को डिप्थीरिया से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एंटीबायोटिक्स: समय पर सही एंटीबायोटिक उपचार से संक्रमण को रोका जा सकता है। आमतौर पर, पेनिसिलिन या एरिथ्रोमाइसिन दी जाती है।
एंटी-टॉक्सिन: गंभीर मामलों में डिप्थीरिया टॉक्सिन को निष्क्रिय करने के लिए एंटी-टॉक्सिन का उपयोग किया जाता है।
निष्कर्ष
डिप्थीरिया बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा हो सकता है, लेकिन इसे टीकाकरण और समय पर इलाज के माध्यम से रोका जा सकता है। माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चों को समय पर टीके मिलें और किसी भी लक्षण के प्रकट होने पर वे तुरंत चिकित्सा सहायता लें।



Click it and Unblock the Notifications
