Latest Updates
-
Eid Mubarak Wishes For Friends: बकरीद पर दोस्तों को भेजें ये मैसेज, खास अंदाज में कहें ईद मुबारक -
Bihar Original Method Litti Chokha Recipe: घर पर पाएं पारंपरिक सोंधा स्वाद -
Eid Mubarak Wishes For Husband: चांद रात की रौनक...लाइफ पार्टनर को भेजें ईद-उल-अजहा की रोमांटिक मुबारकबाद -
Bakrid 2026: ईद उल अजहा या बकरीद पर कुर्बानी के क्या हैं नियम? जानें किन जानवरों की कुर्बानी जायज -
UP Village Style Aloo Matar Recipe: घर पर पाएं गांव के स्वाद वाली लाजवाब सब्जी -
क्या सिरदर्द की दवा से पेट का दर्द भी ठीक हो सकता है? पहले जान लें ये दवाएं हमारे शरीर में कैसे काम करती हैं -
बकरीद के मौके पर वायरल हुई 'डोनाल्ड ट्रम्प' भैंस, ब्राउन हेयर और 700 किलो है वजन, देखें वीडियो -
Bihar Style Sattu Paratha Recipe: घर पर बनाएं बिहार का मशहूर और चटपटा नाश्ता -
Padmini Ekadashi Vrat Katha: पद्मिनी एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, संतान प्राप्ति का मिलेगा आशीर्वाद -
Aaj Ka Rashifal 27 May 2026: मिथुन और तुला राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
82 साल के अमिताभ बच्चन को पैंट पहनने में आ रही है दिक्कत, बढ़ती उम्र में ऐसे रखें बुर्जुग माता-पिता का ख्याल
हाल ही में 82 साल के अमिताभ बच्चन ने अपने पर्सनल ब्लॉग पर एक बेहद दिल छूने वाली पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने अपने बढ़ती उम्र के अनुभव और रोजमर्रा के कामों में आने वाली परेशानियों के बारे में बताया। बिग बी ने बताया कि पैंट पहनने से लेकर चलने-फिरने तक कई चीज़ों में उन्हें मुश्किल होने लगी है। इतना ही नहीं, संतुलन बिगड़ने की वजह से उन्होंने घर में हैंडल्स भी लगवाए हैं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार उन्हें बैठकर पैंट पहनना चाहिए, ताकि गिरने या चोट लगने का खतरा कम हो।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर पहले जैसा मजबूत नहीं रहता। हाथ-पैरों में फुर्ती कम हो जाती है और छोटे-छोटे कामों के लिए भी मदद की जरूरत पड़ने लगती है। इसके साथ ही बुज़ुर्गों को अकेलापन भी घेरने लगता है। बच्चे अक्सर अपने काम, नौकरी या पढ़ाई के कारण दूसरे शहर या देश में रहते हैं, जिससे माता-पिता अकेले रह जाते हैं। ऐसे में दिन बिताना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

अकेले समय बिताने वाले बुज़ुर्गों का मन तरह-तरह की बातों में उलझ सकता है और कभी-कभी यह तनाव का कारण भी बन जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि बच्चे दूर रहते हुए भी अपने माता-पिता से जुड़े रहें और उन्हें अकेलापन महसूस न होने दें। आइए जानते हैं कुछ आसान उपाय-
1. वीडियो कॉल से कनेक्टेड रहें
आज के डिजिटल समय में वीडियो कॉल सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। अपने माता-पिता को व्हाट्सऐप या अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर वीडियो कॉल करना सिखाएं। वीडियो कॉल के जरिए आप न केवल उनसे बात कर पाएंगे बल्कि उनकी स्थिति भी स्पष्ट देख सकते हैं। ऑडियो कॉल में अक्सर बुज़ुर्ग अपनी परेशानियां छुपा लेते हैं, जबकि वीडियो कॉल में उनकी भावनाएं और स्थिति साफ नजर आती हैं। दिन में एक बार नियमित वीडियो कॉल करने की आदत बनाएं।
2. डेली वॉक की आदत डलवाएं
बुज़ुर्गों के लिए हर दिन कम से कम 10 मिनट की हल्की वॉक फायदेमंद होती है। अगर लंबी वॉक संभव न हो तो उन्हें घर के आंगन, छत या सोसायटी की लॉबी में थोड़ी देर टहलने के लिए प्रेरित करें। बाहर निकलने से न केवल उन्हें ताजी हवा मिलेगी बल्कि उनका मन भी तरोताजा रहेगा। रोजाना थोड़ी देर बाहर निकलने से वे बाहरी दुनिया से जुड़े रहेंगे और दिनचर्या में एक नियम भी बनेगा।
3. शौक पूरा करने के लिए प्रेरित करें
हर व्यक्ति की कुछ हॉबी या रुचि होती है। किसी को गाना पसंद हो सकता है, किसी को खाना बनाना या बागवानी। बच्चों और जिम्मेदारियों के चलते कई लोग अपनी हॉबी पूरी नहीं कर पाते। अब समय है कि आप अपने माता-पिता को उनकी पसंदीदा हॉबी पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे उनका समय व्यस्त रहेगा, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और वे नए लोगों या दोस्तों से भी जुड़ पाएंगे।
4. ध्यान और हल्की एक्सरसाइज
बुज़ुर्गों को हल्की एक्सरसाइज और योग, स्ट्रेचिंग की आदत डालना चाहिए। इससे शरीर लचीला रहेगा और चोट या गिरने का खतरा कम होगा।
5. भावनात्मक कनेक्शन बनाए रखें
अकेलापन दूर करने के लिए बच्चों को भावनात्मक रूप से जुड़ा रहना चाहिए। छोटे-छोटे मैसेज, कॉल और वीडियो चैट से भी बुज़ुर्गों को सुरक्षा और प्यार का एहसास होता है।
बढ़ती उम्र में माता-पिता की देखभाल करना हर परिवार की जिम्मेदारी है। अमिताभ बच्चन की पोस्ट हमें यह सिखाती है कि बुज़ुर्गों की छोटी-छोटी परेशानियों को समझना और उनका समाधान करना बेहद जरूरी है। उनकी मदद करना न केवल उन्हें सुरक्षित रखता है बल्कि भावनात्मक रूप से भी खुश रखता है।



Click it and Unblock the Notifications