Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग व आरत -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन
इन गर्मियों में अपने बेबी का रखें कुछ ऐसे ख्याल
शिशुओं के लिए गर्मी को सहन करना थोडा असुविधाजनक होता है फिर भी बच्चे आसानी से सांस ले सकें और उन्हें ठंडा रखने के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है।
गर्मी के साथ ही चुभने वाली हीट, घमौरियां, हीट रैशेस तथा अन्य कई समस्याएं जुड़ी हुई हैं। अक्सर कोई भी मां इस बात पर बहुत चिंतित रहती है कि गर्मियों में अपने बच्चे की देखभाल कैसे की जाए।
खैर, शिशुओं के लिए गर्मी को सहन करना थोडा असुविधाजनक होता है फिर भी बच्चे आसानी से सांस ले सकें और उन्हें ठंडा रखने के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है। गर्मियों से शिशु को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए हमारे ये निर्देश पढ़ें।

बच्चे को सही कपडे पहनाएं
गर्मियों के लिए सूती कपडे सबसे अच्छे होते हैं। सूती कपडे के अलावा अन्य कपडे गर्मी को अंदर जकड कर रखते हैं जिससे बच्चे को असुविधा महसूस होती है और इसके कारण घमौरियां और हीट रैशेस आने की संभावना होती है। सुबह के समय बच्चे को बिना बांह वाले कपडे कभी न पहनाएं विशेष रूप से तब जब आप उसे बाहर ले जा रही हों। सही और पूरी बांह वाले कपडे पहनाएं। उसे गर्मियों में पहनाई जाने वाली समर हित पहनाएं जिसकी रिम चौड़ी हो, परन्तु इलास्टिक बैंड वाली हैट न पहनाएं क्योंकि इससे हवा का प्रवाह बाधित होता है।

नियमित अंतराल पर डायपर बदलती रहें:
आदर्श रूप से इसे हर तीन घंटे बाद बदलना चाहिए। गर्मियों के दौरान अधिक ध्यान रखें क्योंकि नमी और पसीने के कारण बैक्टीरिया उत्पन्न हो सकते हैं जिसके कारण डायपर रैशेस हो सकते हैं। इस बात का भी ध्यान रखने कि डायपर बदलते समय या मल साफ़ करते समय पहले उस भाग को धोएं और सुखाकर फिर ही डायपर पहनाएं।

बच्चे को हाइड्रेटेड रखें:
गर्मियों के दौरान बच्चों में डिहाईड्रेशन की समस्या होना बहुत आम बात है। यदि आप स्तनपान करवा रही हैं और उसकी मांग के अनुसार उसे दूध पिला रही हैं तो आप अपने बच्चे को उचित तरीके से हाइड्रेट कर रही हैं। परन्तु यदि आपने बच्चे का दूध छुड़ाया हुआ हिया तो ध्यान रहे कि गर्मियों के दौरान उसकी भूख बहुत कम हो जाती है। उसे अन्य तरल पदार्थ जैसे फलों का रस, छांछ या मिल्कशेक आदि पिलायें। उसे पिलाने के पहले गिलास को कुछ मिनिट के लिए फ्रिज में रखें परन्तु ध्यान रहे कि यह बहुत अधिक ठंडा न हो। खिचड़ी के बजाय ठंडे पेय बच्चों को अधिक आराम पहुंचाते हैं।

तेल से मालिश न करें:
गर्मियों के दौरान त्वचा पर तेल लगाने से फायदे की जगह नुकसान ही होता है। यदि इसे अच्छी तरह नहीं धोया गया तो त्वचा में जोड़ों के स्थान पर यह रह जाता है जिसके कारण हीट रैशेस, खुजली, फोड़े आदि समस्याएं हो सकती हैं। विशेषकर नेप्पी वाले भाग में, गर्दन के पीछे, पीठ और कन्धों पर तेल रह जाता है। ध्यान रहे कि इन भागों को अच्छी तरह धोएं। इसके अलावा बच्चे के पूरे शरीर पर पाउडर न लगायें। क्योंकि पसीना आने पर पाउडर उस पर जम जाता है जिसके कारण त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

नियमित तौर पर नहलाएं:
ठण्ड के मौसम की तरह न करें। गर्मियों में बच्चे को रोज़ नहलाएं। ध्यान रहे कि बच्चे को रोज़ अच्छे से नहलाएं। शाम के समय आप ठंडा स्पंज बाथ दें और बाद में क्रीम से मसाज करें ताकि वह अच्छे से सो सके। बच्चों को सही तरीके से नहलाने के 7 टिप्स जानें।

सुबह के समय बाहर न ले जाएँ:
बच्चे को धूप से बचाने के लिए सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बच्चे को बाहर न ले जाएँ। सूर्यास्त के बाद उसे थोड़े समय के लिए बाहर ले जाएँ। ध्यान रहे कि गर्मियों के दौरान खेलना बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस समय चयापचय की दर धीमी हो जाती है और भूख कम लगती है। खेलने से आपके बच्चे की भूख बढ़ती है। यदि आपके बच्चे की उम्र दो वर्ष से अधिक है तो गर्मियों में उसे वॉटर स्पोर्ट्स के लिए प्रोत्साहित करें।

कमरे का तापमान स्थिर रखें:
यदि आप एसी का उपयोग कर रहे हैं तो कमरे का तापमान 24 डिग्री पर स्थिर रखें। तापमान में परिवर्तन होने से बच्चे को सर्दी खांसी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि नहाने के बाद बच्चा सीधे एसी के सामने न बैठे।

हवा का प्रवाह और स्वच्छता बनाये रखें:
घर की खिड़कियाँ खुली रखें और हवा आने दें तथा इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके आसपास की जगह साफ़ हहो और वहां पानी न जमा हो। अन्यथा वहां मछर हो जायेंगे और डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियाँ फैलेंगी जो जानलेवा हो सकती हैं।



Click it and Unblock the Notifications
