नए पैरेंट्स करते है ये 5 कॉमन गल‍तियां, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं

बच्‍चे को पालना कोई आसान बात नहीं है। बच्‍चे के जन्‍म के बाद के शुरुआती कुछ महीने काफी चुनौतीपूर्ण होते हैं। अपने बच्‍चे को बढ़ते हुए देखना, जिंदगी का सबसे खास और यादगार समय होता है। बच्‍चों को बड़ा करना कोई आसान काम नहीं हैं रोजाना एक नई चुनौती होती है, खासकर जो नए-नए पैरेंट्स बने हैं वो बच्‍चों की एक्‍स्‍ट्रा केयर के चलते कुछ गल‍तियां कर बैठते हैं। आइए जानते हैं कि पहली बार माता-पिता बनने पर लोग अकसर क्‍या गलतियां कर बैठते हैं।

खुद को नज़रअंदाज करना

खुद को नज़रअंदाज करना

अकसर माता-पिता खासतौर पर नई माएं ये गलती करती हैं। बच्‍चा होने का ये मतलब नहीं है कि आप खुद पर सबसे आखिरी में ध्‍यान दें। आपको इस बात को स्‍वीकार करना चाहिए कि मां या पिता बनने के बाद भी आपकी अपनी एक जिंदगी है।

स्‍मार्टफोन का इस्‍तेमाल

स्‍मार्टफोन का इस्‍तेमाल

बच्‍चे बार-बार रोते हैं और उन्‍हें बार-बार चुप करवाना पड़ता है। इस वजह से आपको अपने स्‍मार्टफोन से दूरी नहीं बनानी चाहिए। कई अभिभावकों का सोचना है कि संगीत और गानों से बच्‍चे का ध्‍यान बंटाने में मदद मिल सकती है लेकिन अगर एक बार आपने उन्‍हें फोन दे दिया तो फिर उन्‍हें इससे दूर रख पाना मुश्किल हो सकता है। अपने बच्‍चे को कम उम्र में ही यूट्यूब वगैरह दिखाने पर आपको पछतावा हो सकता है।

 बच्‍चों की दूसरों से तुलना

बच्‍चों की दूसरों से तुलना

हो सकता है कि आपके दोस्‍त का बच्‍चा पूरी रात चैन से सोता हो और आपका बच्‍चा पूरी रात शोर मचाता हो। हर बच्‍चा अलग होता है। आपको उसे अपने आप सीखने का समय देना चाहिए। अपने बच्‍चे के विकास की तुलना दूसरे बच्‍चों से ना करें। अगर कोई बच्‍चा आपके बच्‍चे की तुलना में जल्‍दी चलना सीख जाता है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आपका बच्‍चे का विकास धीमा हो रहा है। इन मामलों को लेकर ज्‍यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

बच्‍चों को समझें

बच्‍चों को समझें

बच्‍चे के रोने पर आपको चि‍ड़चिड़ा होने की जरूरत नहीं है। पहली बार माता-पिता बने कई लोग बच्‍चे के रोने पर हड़बड़ा जाते हैं। आपको समझना चाहिए कि बच्‍चा आपका ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए रो रहा है। पेट भरा होने और नैप्‍पी सूखी होने पर भी वो आपको अपने पास बुलाने के लिए रो सकता है।

हर बात पर विश्‍वास नहीं

हर बात पर विश्‍वास नहीं

पहली बार मां-बाप बनने पर सभी लोग उन्‍हें तरह-तरह की नसीहतें देने लगते हैं। अकसर कपल्‍स अपने दोस्‍तों या करीबी रिश्‍तेदारों से पैरेंटिंग सलाह लेते हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि उन्‍होंने जो बताया वो सही ही है। आपको ये समझना चाहिए कि दूसरों की सलाह से ज्‍यादा आपके बच्‍चे के लिए क्‍या सही है।

Story first published: Wednesday, July 3, 2019, 9:00 [IST]
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