Latest Updates
-
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Mangla Gauri Vrat 2026: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व -
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश
डब्ल्यूएचओ: बेबी फूड में होता है बहुत ज्यादा शुगर
शिशु का आहार मुख्य रूप से बेबी फूड पर ही निर्भर करता है। अमूमन हम सभी को लगता है कि बच्चों के लिए बेबी फूड बिल्कुल सुरक्षित है लेकिन ऐसा असल में नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हाल ही में करवाई गई जांच के अनुसार कई बेबी फूड में बहुत ज्यादा मात्रा में शुगर पाई गई और इनके लेबल पर भी अनुचित जानकारी मिली। इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या कहती है स्टडी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बेबी फूड उत्पादों में पोषक तत्वों की मात्रा और उनकी मार्केटिंग स्ट्रैटजी को लेकर दो अलग अध्ययन किए। डब्ल्यूएचओ ने नवजात शिशु और बच्चों के लिए उपलब्ध 8,000 फूड और ड्रिंक प्रॉडक्ट्स का डाटा नवंबर 2017 से जनवरी 2018 के बीच एकत्रित किया।
इस अध्ययन में पाया गया कि आधे से ज्यादा उत्पादों में 30 फीसदी शुगर से प्राप्त कैलोरी मौजूद थी जबकि इनके लेबल पर बताई गई शुगर की मात्रा अलग है और इसमें फ्रूट जूस एवं अन्य स्वीटनिंग एजेंट्स भी मिलाए गए हैं।

डब्ल्यूएचओ की सलाह
6 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए उपलब्ध फूड प्रॉडक्ट्स को 60 फीसदी सुरक्षित पाया गया जबकि डब्ल्यूएचओ के अनुसार 6 महीने तक शिशु को केवल मां का दूध पिलाना चाहिए।

शुगर के नुकसान
बेबी फूड में शुगर और आर्टिफिशियल स्वीटनर से आगे चलकर बच्चों में मीठा खाने की चाहत बढ़ सकती है। इससे उनमें बड़े होकर मोटापे और दांतों में कीड़ा लगने का खतरा बढ़ सकता है। डब्ल्यूएचओ की मानें तो बच्चों के लिए उपलब्ध पैकेटबंद चीजों में और भी ज्यादा मात्रा में शुगर होती है।

शिशु के लिए कितना जरूरी है पोषण
नवजात शिशु के उचित विकास के लिए सही पोषण मिलना बहुत जरूरी है। इससे बच्चा बड़ा होकर भी स्वस्थ रहता है। खानपान से संबंधित स्वस्थ आदतों से मोटापे, अधिक वजन और डाइट से संबंधित गैर संक्रामक बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

क्या करें
माता-पिता को बच्चों को सिर्फ मीठा खिलाने की बजाय उन्हें अलग-अलग स्वाद की चीजें खिलाने पर जोर देना चाहिए। इससे बच्चे में अलग-अलग स्वाद विकसित होता है।



Click it and Unblock the Notifications