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छोटे बच्चों में आम है स्ट्रेंजर एंग्जायटी, क्या है इसके लक्षण और बचाव

छोटे बच्चों में अपने पराएं को पहचानने का सेंस होता है। बच्चे बड़े होते-होते यह पहचानना शुरू कर देते हैं कि उनकी देखभाल कौन कर सकता है और कौन नहीं। उनको अपनों की पहचान होने लगती है। लेकिन जब वो अजनबियों को देखते हैं तो एक अलग डर महसूस करने लगते हैं। एक बच्चा जो किसी भी उम्र का हो, उसे सुरक्षित महसूस करने की जरूरत होती है। जिसकी पूरी जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। जब बच्चा किसी अजनबी की गोद में होता है, तो वो अपने लिए एक अलग खतरा महसूस करते हैं।
क्या है स्ट्रेंजर एंग्जायटी?
छोटे बच्चे के लिए स्ट्रेंजर एंग्जायटी ऐसी स्थिति है जो ज्यादातर बच्चों में मिलती है। स्ट्रेंजर एंग्जायटी को डिस्ट्रेस बेबी का एक रूप माना जाता है। छोटे बच्चे इस डर को तब महसूस करते हैं जब वे अजनबी लोगों के संपर्क में आते हैं। यह बच्चों के विकास के लिए काफी अच्छा माना जाता है। यह कारण बच्चे के मेमोरी और पहचान के विकास से जुड़ा होता है। एंग्जायटी का लेवल हर बच्चे में अलग होता है, कुछ बच्चे शर्मीले होते हैं, तो कुछ डरपोक होते हैं।
छोटे बच्चों को क्यों लगता है डर
छोटे बच्चे उन लोगों को पहचानते हैं जिनके साथ वो ज्यादा समय बीताते हैं, या फिर जो उनके अपने होते हैं। बच्चें चाहते हैं कि वो हमेशा अपने लोगों के पास ही रहें। माता-पिता को लेकर यही छवि बच्चों के दिमाग में बन जाती है।
स्ट्रेंजर एंग्जायटी कितने समय तक बच्चे में रहती है इस बात का कोई निर्धारित समय नहीं है। 6 महीने या उससे ज्यादा उम्र के बच्चों में ये डर देखा जाता है। बच्चे जितना दूसरों के साथ रहने लगते हैं। उतना ही उनका डर कम होने लगता है। एक सर्वे के मुताबिक लड़कियों में स्ट्रेंजर एंग्जायटी जल्दी कम हो जाता है। जबकि लड़कों में यह समस्या 2 साल की उम्र तक बनी रहती है।
छोटे बच्चों में स्ट्रेंजर एंग्जायटी के लक्षण
छोटे बच्चों में स्ट्रेंजर एंग्जायटी के लक्षणों को पहचानना मुश्किल नहीं है। आपका बच्चा अन्य बच्चों के साथ बातचीत करते समय डर महसूस करते हैं। घर में किसी अनजान व्यक्ति या मेहमान को देखकर डरने या रोने लगते हैं। जब कोई व्यक्ति अलग तरह से दिखने की कोशिश करता हैं तो भी बच्चे को डर लगने लगता है। अनजान व्यक्ति के साथ एक कमरे में अकेले रहने पर बच्चे डरने लगते हैं। ऐसे समय में बच्चे शांत होने के लिए तेज-तेज सांसें लेने लगते हैं। आपको ढूंढने के लिए घर का हर एक कोना देखने लगते हैं। अनजान लोगों को देखने के बाद किसी चीज के पीछे छिपने लगते हैं। अनजान लोगों की तरफ देखना इन्हें अच्छा नहीं लगता।
स्ट्रेंजर एंग्जायटी से जुड़ी समस्याएं
स्ट्रेंजर एंग्जायटी से जूझ रहे बच्चों को संभालना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। बच्चे को ऐसा बर्ताव करते देख रिश्तेदार भी अलग महसूस करने लगते हैं। ऐसे में माता-पिता को भी बच्चे को बेबीसिटर या क्रेश में देखभाल करने वालों के साथ घुलने-मिलवाने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
कैसे करें बच्चे का बचाव
स्ट्रेंजर एंग्जायटी को कम करने के लिए आप नए व्यक्ति को बच्चे से बात करने दें। औऱ उनके साथ समय बीताने दें। ताकि उनका डर कम हो सकें। घर में आए रिश्तेदारों को पहले ही बता दें कि बच्चे को नए लोगो से मिलने में समस्या होती है। ऐसे समय पर आप अपने बच्चे के आस-पास ही रहें। ऐसा करने से वो सुरक्षित महसूस करेगा। नए लोगों से बात करने में उसका डर दूर हो सकता है। स्ट्रेंजर एंग्जायटी एक दिन या एक हफ्ते में खत्म नहीं होती। इसलिए अपने बच्चे को थोड़ा समय दें।



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