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गर्भपात के साइड इफेक्ट

गर्भपात यानी की अबॉर्शन एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे अनचाहे गर्भ से मुक्ती पाई जा सकती है। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिये अबॉर्शन पिल्स या फिर ऑपरेशन का ही सहारा लेना पड़ता है। एक बार गर्भपात करवाने के बाद आप प्रेगनेंसी से मुक्ती तो पा लेंगी लेकिन इसके शारीरिक और दिमागी रूप से कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं। चलिये जानते हैं कि आखिर क्या दुष्प्रभाव होता है जब आप गर्भपात करवाती हैं?

ये होते हैं दुष्प्रभाव -
1. अनसेफ अबॉर्शन स्वास्थ्य को रिस्क पहुंचा सकता है। ऑपरेशन के लिये असुरक्षित उपकरणों का प्रयोग, गंदी सुविधाएं होना और कम अनुभवी लोग से ऑपरेशन करवाना स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। अगर अबॉर्शन सही से अंजाम नहीं दिया गया तो महिला की मौत तक हो सकती है।
2. अगर आप अबॉशन पिल्स लेंगी तो भी आपको ज्यादा मात्रा में ब्लीडिंग, चक्कर आना, सिरदर्द और मासिक दर्द होगा, जो कि अबॉशन के बाद होता है।
3. ज्यदा ब्लीडिंग या फिर बिल्कुल ही कम ब्लीडिंग होना, बहुत ही चिंता जनक बात हो जाती है। अगर अबॉशन के बाद ऐसी मासिक से जुड़ी समस्या पैदा होती हो तो महिला को तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये।
4. ज्यादा ब्लीडिंग होने का यह भी मतलब हो सकता है कि गर्भाशय पंचर हो चुका है या फिर हेम्रज हुआ है।
5. जब कोई भी महिला अबॉर्शन कर के गुजरती है तो उसमें डिपरेशन और कुछ साइकोलॉजिकल समस्याएं पैदा हो जाती हैं। बच्चे को खोने का दर्द महिलाओं की दिमागी शांती को भंग कर देता है।
6. अगर महिला को हार्ट या मधुमेह से जुड़ी समस्या है, तो उसे ऐसा निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से पूछ लेना चाहिये। अबॉर्शन में प्रयोग होने वाली एनेस्थीसिया या सर्जरी से कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
7. मेडिकल अबॉशन से योनि संक्रमण, पेल्विक संक्रमण तथा निशान या पूरे शरीर पर इंफेक्शन हो सकता है। कई बार इसमें महिला की मृत्यु भी हो जाती है।
8. एक बार गर्भपात करवाने के बाद महिला में मिसकैरेज के और भी ज्यादा चांस बढ़ जाते हैं क्योंकि गर्भाशय बहुत कमज़ोर हो जाता है।



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