Latest Updates
-
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी -
दिल्ली में फिर फटा AC: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी नहीं, ये 4 बड़ी गलतियां एयर कंडीशनर को बना रही हैं ‘बम'! -
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें
गर्भपात के साइड इफेक्ट

गर्भपात यानी की अबॉर्शन एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे अनचाहे गर्भ से मुक्ती पाई जा सकती है। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिये अबॉर्शन पिल्स या फिर ऑपरेशन का ही सहारा लेना पड़ता है। एक बार गर्भपात करवाने के बाद आप प्रेगनेंसी से मुक्ती तो पा लेंगी लेकिन इसके शारीरिक और दिमागी रूप से कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं। चलिये जानते हैं कि आखिर क्या दुष्प्रभाव होता है जब आप गर्भपात करवाती हैं?

ये होते हैं दुष्प्रभाव -
1. अनसेफ अबॉर्शन स्वास्थ्य को रिस्क पहुंचा सकता है। ऑपरेशन के लिये असुरक्षित उपकरणों का प्रयोग, गंदी सुविधाएं होना और कम अनुभवी लोग से ऑपरेशन करवाना स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। अगर अबॉर्शन सही से अंजाम नहीं दिया गया तो महिला की मौत तक हो सकती है।
2. अगर आप अबॉशन पिल्स लेंगी तो भी आपको ज्यादा मात्रा में ब्लीडिंग, चक्कर आना, सिरदर्द और मासिक दर्द होगा, जो कि अबॉशन के बाद होता है।
3. ज्यदा ब्लीडिंग या फिर बिल्कुल ही कम ब्लीडिंग होना, बहुत ही चिंता जनक बात हो जाती है। अगर अबॉशन के बाद ऐसी मासिक से जुड़ी समस्या पैदा होती हो तो महिला को तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये।
4. ज्यादा ब्लीडिंग होने का यह भी मतलब हो सकता है कि गर्भाशय पंचर हो चुका है या फिर हेम्रज हुआ है।
5. जब कोई भी महिला अबॉर्शन कर के गुजरती है तो उसमें डिपरेशन और कुछ साइकोलॉजिकल समस्याएं पैदा हो जाती हैं। बच्चे को खोने का दर्द महिलाओं की दिमागी शांती को भंग कर देता है।
6. अगर महिला को हार्ट या मधुमेह से जुड़ी समस्या है, तो उसे ऐसा निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से पूछ लेना चाहिये। अबॉर्शन में प्रयोग होने वाली एनेस्थीसिया या सर्जरी से कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
7. मेडिकल अबॉशन से योनि संक्रमण, पेल्विक संक्रमण तथा निशान या पूरे शरीर पर इंफेक्शन हो सकता है। कई बार इसमें महिला की मृत्यु भी हो जाती है।
8. एक बार गर्भपात करवाने के बाद महिला में मिसकैरेज के और भी ज्यादा चांस बढ़ जाते हैं क्योंकि गर्भाशय बहुत कमज़ोर हो जाता है।



Click it and Unblock the Notifications