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निसंतान दंपत्तियों के लिए आइवीएफ ट्रीटमेंट
आइवीएफ तकनीक से क्या समझते हैं?
आइवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन। नि:संतान दंपतियों के लिए इस तकनीक को एक वरदान के रूप में देखा जा रहा है। इस तकनीक के जरिए महिला में कृत्रिम गर्भाधान किया जाता है। यह बांझपन दूर करने की कारगर तकनीक मानी जाती है। इस प्रक्रिया में किसी महिला के अंडाशय से अंडे को अलग कर उसका संपर्क द्रव माध्यम में शुक्राणुओं से कराया जाता है। इसके बाद निषेचित अंडे को महिला के गर्भाशय में रख दिया जाता है। इसका प्रयोग वे महिलाएं भी कर सकती हैं जिनमें रजोनिवृत्ति हो चुकी है, और फैलोपियन ट्यूब बंद हो चेके हैं। इस प्रकार ये सुविधा एक वरदान सिद्ध होती है। इस महत्वपूर्ण तकनीक की खोज रॉबर्ट एडवर्डस ने की थी, जिसके लिए उन्हें चिकित्सा विज्ञान के नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

कब करवाना चाहिये आइवीएफ?
1. आप कितने समय से प्रयास कर रही हैं?
जो लोग कंसीव करने के लिये 2 साल से भी ज्यादा प्रयास कर रहें हैं, या जिन महिलाओं की ट्यूब ब्लॉक हो चुकी हैं या फिर वे पुरुष जिनका र्स्पम काउंट बिल्कुल कम है, केवल उन्हें ही इस ट्रीटमेंट को करने की सलाह दी जाती है।
2. क्या उम्र है?
अगर आपकी उम्र 20 वर्ष की है तो आपके पास अभी बहुत सा समय है ये सुनिश्चित करने का कि आपको टेस्ट ट्यूब बेबी चाहिये या नहीं। आम तौर पर 30 की उम्र में फर्टिलिटी की समस्या पैदा होती है। अगर आप अपने चालीसवे साल के नजदीक हैं तो आपको अपना फैसला जल्द लेना होगा। साथ ही यह बात इस पर भी निर्भर करती है कि आप मेनोपॉज के कितने नजदीक हैं।
3. क्या आपकी ट्यूब ब्लॉक हैं?
यह ट्रीटमेंट वह महिलाएं भी करवाती हैं जिनकी फैलोपियन ट्यूब बंद हो चेकर हैं, लेकिन इसकी बजाय आप कई दूसरे उपाय भी आजमा सकती हैं। आजकल अन्य फर्टिलिटी ट्रीटमेंट जैसे की सर्जरी या फिर माइक्रो सर्जरी भी उपलब्ध है जो कि ब्लॉकेज को साफ कर देता है।
4. क्या आपके अंडे बहुत पुराने हो गए हैं?
जब एक बच्ची पैदा होती है तब उसकी ओवरी में पूरे अंडे होते हैं। यह अंडे हर महीने एक-एक कर के बड़े होते हैं। इसलिये अगर आप 40 साल की है तो आपके अंडे 40 साल पुराने होंगे और निष्फल होंगे।
5. क्या आपने कृत्रिम गर्भाधान के बारे में प्रयास किया है?
अगर आकपे पाटर्नर में र्स्पम काउंट कम हैं तो आप आइवीएफ ना करवा कर आर्टिफीशियल इनसेमिनेशन करवा सकती हैं। इसका खर्चा भी आइवीएफ से बहुत कम होता है।



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