गर्भावस्था के दौरान इन 9 बातों का रखें ध्यान

By Super

यूं तो ऐसी कई चीजें है, जिनसे आपको गर्भावस्था के दौरान सावधान रहना चाहिए। देखा जाए तो यह फेहरिस्त काफी लंबी है। आज मैं आपको ऐसी ही कुछ सावधानी के बारे में बताऊंगी। ये बातें कुछ ऐसी हैं, जिन्हें मैंने खुद अपनी गर्भावस्था के दौरान महसूस किया। गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव से आप भले ही चौंक जाएं, पर डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सारे बदलाव सामान्य ही होते हैं। आइए कुछ ऐसी बातों के बारे में जानते हैं, जिससे आपको गर्भावस्था के दौरान सावधान रहना चाहिए।

हर गर्भावस्था अलग-अलग होता है। साथ ही हर मां भी अलग-अलग होती है। इसलिए गर्भावस्था के बढ़ने के साथ-साथ इस बात को भी जेहन में रखें। क्या आप पहली बार मां बनने जा रही हैं? तो अब आप बताइए कि आपको सबसे अच्छा टिप्स कौन सा लगा।

 1. आइस क्यूब बनाएं

1. आइस क्यूब बनाएं

गर्भावस्था के दौरान पानी पीने को लेकर सावधानी बरतनी होती है। मगर रोज रोज और अधिक पानी पीना बोरिंग हो जाता है। इसलिये अपने मन पंसद जूस का आइस क्‍यूब जमा लीजिये और उसको आइसक्रीम की तरह चाटती रहिये।

2. अंडरवायर ब्रा न पहनें

2. अंडरवायर ब्रा न पहनें

यह तो हम सभी जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान स्तन का आकार काफी बढ़ जाता है। ऐसे में आप अंडरवायर ब्रा से बचें। भले ही यह सपोर्ट का एक अच्छा विकल्प है, पर यह दूध के उत्पादन को नुकसान पहुंचा सकता है। बेहतर होगा कि आप स्पोर्ट्स ब्रा को चुनें।

3. बादाम के तेल का इस्तेमाल

3. बादाम के तेल का इस्तेमाल

अगर आप चाहते हैं कि आपकी डिलिवरी सी-सेक्शन (सिजेरियन सेक्शन) से न हो, तो प्रसव से पहले थोड़ी तैयारी कर लें। जब आप 32वें सप्ताह में प्रवेश कर जाएं तो हर रात सोने से पहले अपने पेरनीअम (मूलाधार) पर बादाम का तेल लगाएं। शोध से पता चला है कि जो महिलाएं प्रसव से पहले अपने इस भाग पर बादाम का तेल लगाती है, उनका प्रसव काफी आसान होता है।

4. विच हेजेल लगाएं

4. विच हेजेल लगाएं

गर्भावस्था के दौरान विच हेजेल आपके लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक है, जिससे मच्छरों के काटने पर या छोटे-मोटे कटने पर काफी असरदार होता है। साथ ही ये गर्भावस्था के दौरान होने वाले पिंपल को भी ठीक करता है।

5. खर्राटे शुरू हो सकते हैं

5. खर्राटे शुरू हो सकते हैं

इस बात का मुझे भी आश्चर्य हुआ कि गर्भावस्था के दौरान खर्राटे शुरू हो जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर की हर चीज नरम होने के साथ-साथ फैल जाती है। इससे श्वास नली खर्राटा रोक नहीं पाती है। हर पार्टनर को इस बारे में बता देना चाहिए। अगर यह असहनीय हो तो फिर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

6. काइरिप्रैक्टर की मदद लें

6. काइरिप्रैक्टर की मदद लें

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ और पीठ दर्द के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से काइरिप्रैक्टर की मदद लें। काइरिप्रैक्टर को पता होता है कि रीढ़ को कैसे बैठाया जाए, जिससे आपका स्वास्थ बना रहे। साथ ही वह कुछ ऐसे दर्द या दबाव से भी छुटकारा दिला देंगे, जिनके बारे में आपको जानकारी नहीं हो। हो सकता है कि आपके हेल्थ इंश्योरेंस में यह हो, पर अगर न भी हो तो इसमें ज्यादा खर्च नहीं आता है।

 7. लो-मेंटेनेंस हेयरकट करवाएं

7. लो-मेंटेनेंस हेयरकट करवाएं

मातृत्व के नजरिए से यह एक बहुत ही अच्छी सलाह है। बच्चे पैदा होने के कुछ सप्ताह पहले आपको लो-मेंटेनेंस हेयरकट और कलर करा लेना चाहिए। मां बनने के बाद आपके पास ये करने के लिए समय, ऊर्जा और अतिरिक्त पैसे नहीं होंगे।

8. हमेशा एक्टिव रहें

8. हमेशा एक्टिव रहें

अगर आप गर्भवती हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप एक्टिव नहीं रह सकते। हो सकता है आप कुछ वर्कआउट न कर पाएं, पर एक्टिव रहने से आपको गर्भावस्था के दौरान परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आखिर के कुछ हफ्तों में आपको सिर्फ टहलने का मन करेगा, पर यह भी आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

 9. प्रसव के बाद खानपान में बदलाव न करें

9. प्रसव के बाद खानपान में बदलाव न करें

स्तनपान को सहज बनाना भी काफी महत्वपूर्ण होता है। प्रसव के बाद भी अपने आहार को वही रखने की कोशिश करें, जो गर्भावस्था के दौरान थी। मुङो पता है, यह आपके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि इनमें कई ऐसे आहार शामिल हैं, जिससे आप बचने की कोशिश करती होंगी या हार्टबर्न के कारण नहीं खाती होंगी।

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