Latest Updates
-
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने -
गर्मी में नहाने के बाद चेहरे पर क्या लगाएं? इन 4 चीजों को लगाने से दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
Apara Ekadashi 2026: क्या अपरा एकादशी वाले दिन बाल धो सकते हैं? व्रत से पहले जरूर जान लें ये नियम -
Coronavirus vs Hantavirus: दोनों में से कौन है ज्यादा खतरनाक? जानें लक्षण, बचाव और फैलने का तरीका -
गर्मियों में भी चाहिए कांच जैसा Korean Glow? डाइट में शामिल करें ये मैजिकल जूस; नोट करें रेसिपी -
Vat Savitri Vrat 2026: 16 या 17 मई, कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
गर्भपात के बाद फर्टिलिटी
अगर किसी भी महिला का गर्भपात हो चुका है तो वह ऐसा कतई न समझें कि अब वह कभी भी मां नहीं बन पाएगी या उन्हे किसी प्रकार की कोई दिक्कत होगी। गर्भपात होने के बाद भी आप आसानी से गर्भधारण कर सकती है और पैदा होने वाला बच्चा बिल्कुल सामान्य होगा।
कई बार, कई कारणों से महिलाओं को गर्भपात हो जाता है। सामान्यत: गर्भपात 12 सप्ताह के भीतर हो जाता है जो कि किसी भी कारण हो सकता है जैसे - शरीर में कोई विकार होना, चोट लगना, सदमा पहुंचना या कोई अन्य बात। लेकिन गर्भपात के बाद महिला की प्रजनन क्षमता रूक नहीं जाती है। हां, कुछ समय के लिए शरीर को दुबारा उस लायक बनने में वक्त लग सकता है। लेकिन गर्भपात के बाद, महिला कुछ बातों का ध्यान रखकर आसानी से मां बन सकती है।
5 सेलेब्रेटी, जिन्होंने इंफर्टिलिटी को दी मात

गर्भपात होने की संभावना होना : एक्सपर्ट की इस बात को मानते है कि अगर आपका एक बार गर्भपात हो चुका है तो ज्यादा सजग और सर्तक रहने की आवश्यकता होती है, ऐसी स्थिति में फिर से गर्भपात होने का खतरा बढ़ जाता है। 85 प्रतिशत केस में दुबारा गर्भपात होने की संभावना रहती है। अगर महिला की उम्र 35 वर्ष से ज्यादा है तो ऐसी संभावनाएं ज्यादा है और दो बार से ज्यादा गर्भपात होने पर मां बनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
गर्भपात के तुरंत बाद फर्टिलिटी : डॉक्टर्स का मानना है कि अगर किसी महिला का गर्भपात हो जाता है तो उसे कुछ समय के लिए संबंध बनाने और दुबारा गर्भधारण करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। एक्सपर्ट मानते है कि गर्भपात के छ: सप्ताह के बाद ही महिला का शरीर सामान्य स्थिति में आ पाता है और उसके शरीर में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
गर्भधारण करने का सही समय : गर्भपात के बाद, गर्भधारण करने का सही समय 6 हफ्ते बाद होता है। 6 सप्ताह के बाद, महिला का शरीर सामान्य हो जाता है, उसके शरीर में ओव्यूलेशन प्रक्रिया होने लगती है। इसके बाद, उसका शरीर बेबी कैरी करने के लिए मजबूत हो जाता है।
फर्टिलिटी बढ़ाने के उपाय : अगर पति - पत्नी बच्चे को जन्म देना चाहते है तो वह कुछ खास प्रकार के भोजन को खाएं ताकि उनकी प्रजनन क्षमता में बढ़ोत्तरी हो और महिला जल्द से जल्द मां बन सकें।
सबसे पहले अनहेल्दी फूड खाना छोड़ दें। स्मोकिंग, ड्रिंक, डग्स और एल्कोहल की आदतें छोड़ दें। किसी भी ऐसे पदार्थ का सेवन न करें जिसमें कैफीन हो, वरना फर्टिलिटी नहीं होती है।
हेल्दी खाएं : अगर किसी महिला को गर्भपात के कारण डिप्रेशन हो जाता है तो उसे हेल्दी फूड खिलाएं। अगर महिला की डाईट अच्छी नहीं होगी, तो उसे ऐसी समस्याएं बढ़ती जाएगी। महिला के खान - पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
डॉक्टर से बात करें : अगर किसी भी दम्पती को फर्टिलिटी में प्रॉब्लम है तो उन्हे डॉक्टर से मिलकर सारी समस्या बतानी चाहिए। इसके अलावा भी कई तरीके होते है। लेकिन सबसे पहले अपने डॉक्टर से बातचीत करें। अगर आप डॉक्टर से बात नहीं कर सकते है तो घर पर ही एक किट मंगवा लें जिसे फेरटेल किट कहा जाता है। इस किट की कीमत लगभग 100 डॉलर होती है, जिसमें महिला और पुरूष, दोनों की समस्याओं के लिए समाधान होते है।
ऐसा देखा गया है कि गर्भपात का मुख्य कारण कई प्रकार की दवाओं का सेवन, ड्रग्स का सेवन आदि करने से होता है जिन्हे थेरेपी के बाद दूर किया जा सकता है।
बॉटम लाइन : गर्भपात के बाद भी आसानी से गर्भधारण किया जा सकता है। प्रजनन होना, भावनाओं पर भी निर्भर करता है, इसलिए एक्सपेक्टेट लेडी को खुश रखने की कोशिश करें। पति - पत्नी को एक दूसरे का साथ देना चाहिए और बच्चे के आने के बारे में सकारात्मक तरीके से प्लानिंग करनी चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications