असली मर्द होने के लक्षण

By Aditi Pathak

हर औरत का सपना होता है कि वह अपने पति के बच्‍चे की मां बनें और उन दोनो के प्‍यार की निशानी हों। लेकिन कई बार महिलाओं के शरीर में दिक्‍कत होने की बजाय पुरुषों के शरीर में ही दिक्‍कत होती है और वह प्रजनन करने लायक नहीं होते है, ऐसे पुरूषों को इम्‍पोटेंट कहा जाता है। पुरूषों में होने वाली ये समस्‍या कई टेस्‍ट होने के बाद पता चलती है।

कुछ लक्षण भी होते हैं जिनसे आप आसानी से जान सकती हैं कि आपके पति या आपका पार्टनर फर्टाइल है या नहीं। इन तरीकों से आप अपने पार्टनर की समस्‍या जानकर उनका ट्रीटमेंट करवा सकती हैं। जानिए असली मर्द होने के लक्षण :

Signs men are fertile

असली मर्द होने के लक्षण

1) स्‍पर्म क्‍वालिटी : पुरूष की प्रजनन क्षमता, उसके शरीर में बनने वाले स्‍पर्म की मात्रा पर निर्भर करता है। अगर आपके पुरूष साथी के शरीर में स्‍पर्म अच्‍छी मात्रा में बनता है और वह आपके साथ सम्‍बंध बनाने के लिए रूचि दिखाते हैं तो वह नि:संदेह ही पुरूष हैं। लवमेकिंग के बाद, सही मात्रा में स्‍पर्म का निकलना उनके पुरूषत्‍व पर होने वाले डाउट को क्‍लीयर कर देता है।

2) शरीर : अगर कोई पुरूष, वाकई में स्‍वस्‍थ है तो उसके लक्षण अलग ही होगें। उसक छाती चौड़ी, शरीर पर बाल, दाड़ी और मूंछे होगी। उसके शरीर की कद - काठी और चाल से भी आप आसानी से उसके पुरूषत्‍व का अंदाजा लगा सकते है। ऐसा उसके शरीर में पाएं जाने वाले विशेष हारमोन्‍स के कारण होता है।

3) यूरेथेरा की लोकेशन : पेनिस के ऊपरी हिस्‍से को यूरेथेरा कहते है जहां से स्‍पर्म निकलता है। अगर पुरूष के पेनिस यूरेथेरा की लोकेशन सही नहीं है यानि वह टिप पर नहीं है तो इकस मतलब वह पुरूष, असली मर्द नहीं है, क्‍योंकि यूरेथेरा की सही लोकेशन की स्‍पर्म को फीमेल की बॉडी में पहुंचाती है। ज्‍यादा तैराकी करने या टाइट कपड़े पहनने से यूरेथेरा की लोकेशन पर प्रभाव पड़ता है।

4) अंडकोष का आकार : पुरूष के टेस्‍टीसेल्‍स में ही स्‍पर्म बनता है। अगर किसी पुरूष के टेस्‍टीसेल्‍स काफी बड़े हैं इसका मतलब उसके शरीर में ज्‍यादा स्‍पर्म बनता है और अगर किसी के टेस्‍टीसेल्‍स छोटे हैं तो इसका मतलब यह है कि उसकी बॉडी में स्‍पर्म की कम मात्रा ही बनती है। अगर इसका आकार काफी छोटा है तो इसका मतलब यह है कि पुरूष नपुंसक है।

5) टेस्‍टोस्‍टेरोन्‍स के लक्षण : टेस्‍टोस्‍टेरोन्‍स एक प्रकार का हारमोन होता है जो पुरूषों में पुरूषत्‍व को प्रभावित करता है। अगर किसी पुरूष के शरीर पर घने बाल, दाड़ी और बलिष्‍ठ शरीर है तो वह उसके शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरोन्‍स की मात्रा अच्‍छी होगी। इसके अभाव में पुरूष में नपुंसकता के लक्षण आ जाते है।

6) स्‍पर्म काउंट या डिस्‍चार्ज क्‍वां‍टिटी : जो पुरूष नपुंसक होते हैं या उनमें किसी प्रकार की कोई समस्‍या होती है तो उनके स्‍पर्म काउंट सामन्‍य पुरूषों की अपेक्षा काफी कम होते है। सामान्‍यत: पुरूष के वीर्य में प्रति मिली. 20 मिलियन स्‍पर्म होते है जबकि 10 मिलियन स्‍पर्म प्रति मिली. होने पर वह व्‍यक्ति नपुंसक की श्रेणी में आता है। अगर कोई पुरूष सबंध बनाने के बाद सही तरीके से डिस्‍चार्ज होता है तो इसका मतलब है कि वह वाकई में स्‍वस्‍थ है।

FAQs
क्या मास्टरबेशन से नपुंसकता आती है?

यह भी एक भ्रम है कि मास्टरबेट करने से नपुंसकता आती है। हां इससे कमजोरी जरूर आती है और अगर आप मास्टरबेट करने के बाद संबंध स्थापित करते हैं, तो अच्‍छा परफॉर्म नहीं कर पायेंगे। शादी के बाद भी मास्टरबेट करने से कई बार आप शारीरिक संबंध बनाने ते वक्त अच्‍छी तरह परफॉर्म नहीं कर पाते हैं। दूसरी बात मास्टरबेशन के बाद संबंध स्थापित करने से पर निकलने वाले वीर्य की मात्रा औसत से कम रहती है। इसलिए अगर आप पिता बनने के लिए संबंध स्थापित कर रहे हैं, तो उससे पहले मास्टरबेट मत करें।

ज्यादा स्पर्म निकलने से क्या होता है?

यह लोगों का भ्रम है कि ज्यादा स्पर्म निकलने से नपुंसकता आती है। हां थोड़ी कमजोरी जरूर आती है, वह अच्‍छे खानपान से दूर हो सकती है। लेकिन हां, अगर आप अपनी पत्नी के साथ फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं और जल्द से जल्द बच्चा चाहते हैं, तो बेहतर होगा मास्टरबेट न करें, क्योंकि जिस वक्त आप बच्चा पाने के लिए संबंध स्थापित करेंगे, उस वक्त आपको अच्छी मात्रा में शुक्राणुओं की जरूरत पड़ेगी।

नपुंसकता अथवा नामर्दानगी की पहचान कैसे करें?

ऐसे पुरुष जो संबंध स्थापित करते वक्त कॉन्‍फ‍िडेंस नहीं दिखा पायें और उनके लिंग में तनाव नहीं हो, वो पुरुष इस श्रेणी में आते हैं। तनाव नहीं होने के कारण उनके अंदर शुक्राणु नहीं बन पाते हैं, जिस कारण वे इम्‍पोटेंट कहलाते हैं।

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