आपका मोटापा कभी नहीं बनने देगा आपको मां

By Super

शिल्पी सचदेवा जो जल्दी ही 30 की होने वाली हैं और एक हाउसवाइफ भी है, दो साल से गर्भवती होने की कोशिश कर रही है पर उन्हें कोई सफलता हासिल नहीं हुई है। जिसके बाद सचदेवा दंपति ने आईवीएफ विशेषज्ञ से मिलने का फैसला किया। आईवीएफ क्लीनिक में उनके सारे टेस्ट किये गए जिनके परिणाम में यह आया कि शिल्पी के अण्डाशय में कुछ समस्या है जिस की वजह से उसे गर्भ धारण करने में कठिनाई हो रही है। और वह कारण है मोटापा। अफसोस की बात है, कि शिल्पी अकेली नहीं है।

दुनिया भर में 60-80 मिल्यन दंपति हर साल बांझपन से पीड़ित हो रहे है जिस में 50-20 मिल्यन अकेले भारत में ही हैं। इसके अलावा मोटापे की वजह से देश में 10 प्रतिशत दंपति बांझपन से ग्रसित हैं। आईवीएफ विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप मोटापे से ग्रस्त हैं और आप गर्भ धारण की सोच रहीं है तो पहले अपना वजन काम कीजिये। महिलाओं के गर्भ धारण करने में परेशानी सिर्फ मोटापा ही नहीं बल्कि ऐसे बहुत से और भी कारण है जिसकी वजह से गर्भ धारण नहीं कर पाती हैं। आइये जाने कुछ ऐसे ही कारण प्रेगनेंसी के समय आपको दूध क्‍यूं पीना चाहिये?

1. मोटापे से बांझपन का खतरा बढ़ जाता है

1. मोटापे से बांझपन का खतरा बढ़ जाता है

मोटापा बड़ी समस्याओं को जन्म देता है। कम आयु से ही महिलाओं में अनियमित माहवारी की समस्या जन्म ले लेती है जो उम्र बढ़ते-बढ़ते बाँझपन की समस्या में परिणित हो सकती है। कम आयु में महिलाओं में पोलिसिस्टिक ओवरी व हार्मोनल असंतुलन के अनेकों लक्षण देखने को मिल जाते है जो उम्र दराज होने पर बांझपन के रूप में परिवर्तित हो जाती है। गर्भाशय के आसपास अत्यधिक वसा जम जाने से या अधिक जंक फूड खाने से यह समस्या जन्म लेती है।

2. प्रजनन उपचार को कम कर देता है

2. प्रजनन उपचार को कम कर देता है

मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में आईवीएफ उपचार कम सफल होता, उन महिलाओं के मुक़ाबले जिनका वजन कम होता है। आईवीएफ ट्रीटमेंट को सफल बनाने के लिए सबसे पहले अपना वजन काम करें।

3. मोटापा गर्भपात की संभावना को बढ़ा देता है

3. मोटापा गर्भपात की संभावना को बढ़ा देता है

संभवता मोटे होने के बावजूद अगर आप गर्भ धारण कर लेती हैं तो भी शिशु की देख भाल नहीं कर पाएंगी। मोटापा महिलाओं में मृत जन्म और गर्भपात की समस्याओं को तीन गुना बढ़ा देता है। और गर्भपात के बाद मोटी महिलाओं को दूसरी बार गर्भ धारण बहुत मुश्किलों से हो पता है।

4. पी सी ओ एस भी हो सकता है

4. पी सी ओ एस भी हो सकता है

कम उम्र की महिलाओं व टीनएजर्स में पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) काफी सामान्य स्थिति है। पीसीओएस होने पर महिलाओं को पीरियड्स संबंधी अनियमितता या देरी से पीरियड्स होना व वजन ज्यादा होने की शिकायत होती है। मोटापा होने की वजह से शरीर में अधिक इन्सुलिन बनती है जिसका नतीजा पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम होता है।

5. जीवन शैली भी इन सारे बिमारिओं का कारण है

5. जीवन शैली भी इन सारे बिमारिओं का कारण है

यह आम तौर पर देखा गया है कि मोटे लोगों को समस्या सिर्फ उनका मोटापा ही नहीं है बल्कि उन्हें और भी कठिनाइयों का सामना करना पढ़ता है जैसे हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और उच्च रक्तचाप। यह सारी बीमारियाँ महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम होने की कारण हैं।

 1. गर्भावस्था से पहले वजन कम करे

1. गर्भावस्था से पहले वजन कम करे

अगर आपको पता है कि आपका वजन ज्यादा है तो उसे कंट्रोल करें और 15 प्रतिशत वजन घटने से गर्भ धारण करने में आपको मदद मिलेगी बिना किसी दवाई के। अगर पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम से ग्रसित महिलायें अपना वजन काम करने में सफल हो जाती है तो उन्हें गर्भ धारण करने के लिए किसी भी दवा की जरूरत नहीं होगी।

2. अपनी बुरी आदतों को छोड़ें

2. अपनी बुरी आदतों को छोड़ें

अगर आप धूम्रपान और शराब पीती है तो उसे तुरंत छोड़ दें क्यों कि यह सारी परेशानियाँ वजन घटाने की तरह आपके गर्भ धारण के समय सामने आ सकती हैं।इस लिए यही सही होगा की आप जितना जल्दी हो सके इन सब से दूर रहें।

3. संतुलित आहार लें

3. संतुलित आहार लें

ध्यान से अपना आहार लें, अपना नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात के खाने को बिलकुल भी अनदेखा न करें। और अपने आहार में वह भोजन बिलकुल न लें जिसमें फैट और चीनी की मात्रा ज्यादा हो, जितना हो सके फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और सलाद खाएं।

4. आईवीएफ विशेषज्ञ से सलाह लें

4. आईवीएफ विशेषज्ञ से सलाह लें

अगर आप सारे उपाए कर रहीं है जैसे वजन काम करना और आहार पर नियंत्रण रखना और आई वी एफ विशेषज्ञ से अपनी स्वास्थ्य की स्थिति जाँच करा रहीं हैं तो यह सब आपके गर्भवती होने की संभावना को बढ़ा देंगी।

 5. अपने साथी के स्वास्थ्य की जांच कराएं

5. अपने साथी के स्वास्थ्य की जांच कराएं

हो सकता है मोटापा आपके लिए गर्भ धारण करने में परेशानी दे रहा हो, पर इसकी वजह से आप अपने साथी के स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती हैं। जितना आपका स्वास्थ महत्वपूर्ण उतना ही आपके साथी का भी है। अगर आपके साथी को भी यही सारी परेशानी है जैसे अधिक वजन, तो उन्हें भी कहे कि वह अपना वजन काम करें और किसी विशेषज्ञ से सलाह लें और अपनी जीवन शैली में बदलाव लाएं जिससे आपके गर्भ धारण करने में आसानी हो।


Story first published: Friday, April 18, 2014, 11:27 [IST]
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