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प्रेग्नेंसी के दौरान अधिक चीनी का सेवन बन सकता बच्चे में अस्थमा का कारण
जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान चीनी का बहुत ज्यादा प्रयोग करती है वो सावधान हो जाएं, उनका ऐसा करना उनके बच्चे में अस्थमा बीमारी का कारण बन सकता है।
जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान चीनी का बहुत ज्यादा प्रयोग करती है वो सावधान हो जाएं, उनका ऐसा करना उनके बच्चे में अस्थमा बीमारी का कारण बन सकता है। इससे उनके बच्चे को एलर्जी और अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है, ऐसा हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है।
क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन (क्यूएमयूएल) के शोधकर्ताओं के निष्कर्षों से पता चला है कि जो महिलाएं अपने खाने में ज्यादा मीठी चीजों का सेवन करती है और मीठे पेयपदार्थ आदि का सेवन करती हैं उनकी संतान में अस्थमा का खतरा काफी बढ़ जाता है। 73 प्रतिशत बच्चों में ये बीमारी जाये जाने का प्रमुख कारण सही था।

ऐसा होने के पीछे की वजह भी शोधकर्ताओं ने साफ की है, उनके अनुसार ऐसा मां के द्वारा लिए जाने वाले फ्रक्टोस की मात्रा के कारण होता है जिससे उनके बच्चे की इम्यून क्षमता प्रभावित होती है और उसमें एलर्जी और अस्थमा पनपने लग जाती है। ऐसा फेफड़ों के विकास होने के दौरान सबसे ज्यादा होता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि बचपन में बच्चों को दी जाने वाली चीनी या मिठाई से इसका कोई लेना देना नहीं होता है।

यूरोपीय श्वसन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के लिए, टीम में लगभग 9, 000 बच्चे व मां शामिल किए गए थे।
अध्ययन के तहत मां और बच्चे के बीच के संबंध को बारीकी से देखा गया कि मां के मीठा खाने पर बच्चे के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ा। 7 से 9 उम्र की अवस्था में उनके फेफड़ों ने कैसे काम करना शुरू किया।

तब पाया गया कि इससे बच्चों में एलर्जी रिनिटस, अस्थमा और खुजली आदि भी हुई। हालांकि बुखार और खुजली को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाले गए हैं।
इस बारे में QMUL के प्रोफेसर सीईफ शाहीन ने कहा, "हम इन टिप्पणियों के आधार पर नहीं कह सकते हैं कि गर्भावस्था में मां द्वारा चीनी का उच्च सेवन निश्चित रूप से बच्चे में एलर्जी और एलर्जी अस्थमा पैदा कर रहा है।"

शहीन ने कहा, "परन्तु, मां को चीनी का उच्च सेवन करने से बचना चाहिए, ये उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक रहता है। इस बारे में हम आगे भी अध्ययन और शोध करते रहेंगे।''



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