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अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी: जब डॉक्टर भी न बता पाएं बांझपन का कारण
क्या आप कई प्रयासों के बाद भी प्रेगनेंट नहीं हो पा रही, तो ये इंफर्टिलिटी यानि निःसंतानता का संकेत हो सकता है। और आज के इस दौर में कई कारणों के चलते इंफर्टिलिटी के केस बढ़ रहे है। सबसे पहला कारण, स्पर्म काउंट जो पहले की जनरेशन में अधिक हुआ करते थे वो आज कम हो रहे है। इसके अलावा, आज की तनावपूर्ण जिंदगी इंफर्टिलिटी को बढ़ावा देती है। कुछ कपल जो मिडल एज तक अपनी प्रेगनेंसी पोस्टपोन करते रहते है वे उम्र-संबंधी विकार को इंफर्टिलिटी का कारण बता सकते है।
जब कपल्स कई प्रयास करने के बाद कंसीव करने में असफल रहते है, तो वे इंफर्टिलिटी का कारण जानने के लिए डॉक्टर से कंसल्ट कर सकते है। अधिकांश मामलों में, कारण पता लग सकता है, जिसका समाधान ढूंढा जा सकता है और इससे प्रेगनेंट होने के चांसेज बढ़ सकते है।

लेकिन जब डॉक्टर भी इंफर्टिलिटी का कारण नहीं बता पाए तब क्या ? जी हां, इंफर्टिलिटी के कुछ ऐसे केसेज है जिन्हें डॉक्टर भी नहीं जान पाते। इस तरह की स्थिति अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी के रूप में जानी जाती है। इस स्थिति से जुड़े कुछ तथ्य इस प्रकार हैः

अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी क्या है?
ये कुछ नहीं है लेकिन यूं कह सकते है कि ऐसा केस जिसमें डॉक्टर भी इंफर्टिलिटी का वास्तविक कारण पता लगाने में विफल रहते है। अगर कई प्रकार के टेस्ट और एग्जामिनेशन के बाद आपका डॉक्टर किसी प्रकार का कोई कारण ढूंढने में असक्षम है तो ये संभवतया अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी का कारण हो सकता है। आपको इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए इलाज की जरूरत हो सकती है।

क्या ये सामान्य समस्या है ?
इंफर्टिलिटी के 100 में से करीब 30 मामले अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी की श्रेणी में शामिल होते है। यह समस्या महिलाओं में आम है। जबकि अधिकांश पुरूषों में, इंफर्टिलिटी के कारण को पहचान जा सकता है। हालांकि कुछ प्रतिशत पुरूष अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी से सफर करते है।

कारण को क्यूं नहीं पहचाना जा सकता ?
खैर, वर्तमान टेस्टिंग के तरीके केवल प्रमुख इंफर्टिलिटी की स्थिति को खोजने में सक्षम है। प्रजनन दर को कम करने वाले अन्य मामूली कारणों को वर्तमान प्रक्रियाओं द्वारा आसानी से नहीं पहचाना जा सकता। बल्कि, अंडे की क्वालिटी भी बहुत मायने रखती है और खराब क्वालिटी इंफर्टिलिटी के पीछे का कारण हो सकती है।

अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी का कारण क्या है ?
क्या आप जानते है इस समस्या का कारण क्या है ? अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी के पीछे का कारण जानना आसान नहीं है लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट मेडिकल कंडीशन के साथ आगे आते है जो कि अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी का कारण हो सकता है। यहां तीन प्रमुख कंडीशन है जो कि अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी का कारण हो सकती है। जो कि हैः इम्यूनॉलोजिकल इंफर्टिलिटी, एंडोमेट्रियोस और प्रीमेच्योर ओवरयीन एजिंग।

इम्यूनॉलोजिकल इंफर्टिलिटी क्या है ?
अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी केसेज के पीछे 20 प्रतिशत कारण इम्यूनॉलोजिकल इंफर्टिलिटी है। जब बॉडी का इम्यून सिस्टम प्रजनन क्षेत्रों की कोशिकाओं पर हमला करती है जिन्हें हम फॉरेन बॉडी के रूप में जानते है तो ये इंफर्टिलिटी का कारण हो सकता है।

एंडोमेट्रियोस क्या है ?
30 प्रतिशत से अधिक अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी के केस एंडोमेट्रियोस के कारण होते है। जिसमें यूट्रस के बाहर एबनॉर्मल सेल की ग्रोथ हो जाती है जिससे दर्द हो सकता है। पेलविक पेन इस कंडीशन का संकेत है। अगर आप ऐसी दर्दनाक स्थिति से गुजर रहे है और प्रेगनेंट नहीं हो पा रही तो गाइनोलॉजिस्ट से जांच करवाए।

प्रीमेच्योर ओवरयीन एजिंग क्या है ?
ऐसा कहा जाता है कि अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी के 50 प्रतिशत से अधिक केस प्रीमेच्योर ओवरयीन एजिंग के कारण होते है। इस प्रकार की समस्या मुख्यरूप से महिलाओं में होती है। दरअसल जो महिलाएं अपनी प्रेगनेंसी को पोस्टपोन करना चाहती है वे अपने अंडो को फ्रीज करवा देती है लेकिन इसकी सक्सेस दर 100 प्रतिशत नहीं होती।

किसे जांच करवानी चाहिए ?
ऐसी महिला जिसका कई बार मिसकैरेज हो चुका है या आईवीएफ में विफल रहने वाले कपल्स को टेस्ट करवाने की जरूरत हो सकती है। बल्कि, कई प्रयासों के बाद भी प्रेगनेंट होने में असक्षम कपल्स को भी टेस्ट करवाने की जरूरत हो सकती है। वहीं इस तरह की जांच हाईटेक मेडिकल टेस्टिंग फेसिलिटी या फर्टिलिटी क्लीनिक में करवाना अच्छा रहता है।

प्रेगनेंट होने की क्या संभावना है ?
जब कोई अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी से गुजरता है, तो प्रेगनेंसी की संभावना बहुत कम होती है। प्रेगनेंसी की संभावना सिर्फ 1 प्रतिशत होती है जो बहुत कम है। ऐसी स्थिति को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए क्यूंकि हर बीते वर्ष में गर्भवती होने की संभावना लगातार कम होती जा रही है अगर इस संबंध में कोई इलाज नहीं किया जाए।

अनएक्सप्लेनड इंफर्टिलिटी में कैसे मदद मिलेगी ?
अधिकांश मामलों में, कुछ ट्रीटमेंट मेथ्ड काम कर सकते है। जिसमें नियमित रूप से दवाईयां लेना और सही समय पर सावधानीपूर्वक सेक्स करना शामिल हो सकता है। अधिकतर मामलों में, वर्तमान उपचार के तरीकों से परेशानी का हल निकाला जा सकता है। इसलिए, इस समस्या से गुजर रहे कपल्स को डॉक्टर के पास जाने से पहले दो बार नहीं सोचना चाहिए। इस बारे में और अधिक जानने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।



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