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रिसर्च: प्रेगनेंसी में मेकअप करने से होने वाले बच्चे को चलने फिरने में हो सकती है दिक्कत
गर्भावस्था का समय मां और होने वाले बच्चे दोनों के लिए ही बहुत ज्यादा नाजुक होता है। इस दौरान आपको अपने खाने पीने की आदतों से लेकर काम करने के तरीकों में भी बदलाव लाना पड़ता है। इतना ही नहीं इस दौरान आपको अपने सजने संवरने की आदत को भी बदलने की जरूरत है।

मेकअप को लेकर आपका लगाव आपके आने वाले बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल, स्टडी में ये बात सामने आई है कि प्रेगनेंसी के दौरान ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल या ट्रीटमेंट नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कि गर्भवती महिलाओं का मेकअप बच्चे पर किस तरह असर डाल सकता है।

बच्चे को हो सकती है गंभीर बीमारी
प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाएं मेकअप करने की आदत को पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाती हैं। एक अध्ययन में ये बात भी सामने आई है कि क्रीम, लोशन और लिपस्टिक जैसे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वाली गर्भवती महिलाओं के बच्चों को मोटर स्किल विकार का सामना करना पड़ा। ये प्रभाव बच्चे के किशोर अवस्था में पहुंचने के बाद नजर आए। इस विकार से पीड़ित बच्चे को डांस, जिमनास्ट और कई बार चलने फिरने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मां का थैलेट के संपर्क में आना बच्चे के लिए है खतरनाक
एक अध्ययन एन्वॉयरॉमेंटल रिसर्च नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुई, उसके मुताबिक थैलेट (प्लास्टिक रसायन की प्रचुर मात्रा वाले उत्पाद) और प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों के दौरान महिलाओं और उनके बच्चों की तीन, पांच तथा सात साल की उम्र में उनके पेशाब के नमूनों की जांच की गई। जांच में इसके मेटाबोलाइट के स्तरों को मापा गया।

बच्चों में दिखी शारीरिक परेशानियां
टेस्ट ब्रूइनइंक्स-ओसेरेट्स्की टेस्ट ऑफ मोटर प्रोफिशियेंसी जो कि मोटर समस्याओं की स्क्रीनिंग है, वो 11 वर्ष की उम्र में कराई गई ताकि इससे बच्चे में चलने-फिरने और दूसरी गतिविधियों में आ रही परेशानियों की जांच की जा सके। इस अध्ययन के निष्कर्ष से ये बात पता चली कि प्रेगनेंसी के दौरान मां का थैलेट के संपर्क में आ जाने से बच्चे को चलने फिरने जैसे कामों में परेशानी आती है। इस विकार के चपेट में आए बच्चों को रोजमर्रा के कामों से लेकर खेलने कूदने में भी दिक्कतें आती हैं।



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