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विज्ञान ने भी माने बहन होने के होते हैं कई फायदे
भाई या बहन हो तो जिंदगी का मजा दोगुना हो जाता है। शायद यही वजह है कि एक बेटा और एक बेटी से परिवार को पूरा माना जाता है। इससे बच्चों का बचपन भी अच्छा रहता है और उनके बीच एक मजबूत रिश्ता बनता है।
अपने सिबलिंग (भाई या बहन) के साथ बड़े होने पर आप दोनों के बीच एक मजबूत रिश्ता बन जाता है। उनसे आप जीवन के कुछ उसूल सीखते हैं और वो आपके बचपन से लेकर जवानी तक ब्रेस्ट फ्रेंड रहते हैं।

वहीं आपके सिबलिंग से बेहतर आपको कोई और नहीं समझ सकता है क्योंकि वो आपकी हर आदत और हर बात को बिना कहे ही समझ सकते हैं। वहीं सिबलिंग से बहस, झगड़ा होना, रूठना और मनाना भी चलता रहता है।
ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने 395 परिवारों पर स्टडी की जिनके एक से ज्यादा बच्चे थे और उनके कम से कम एक बच्चे की तो उम्र 10 साल या इससे कम थी। डाटा इकट्ठा करते समय प्रोफेसर ने इस बात पर गौर किया कि छोटी या बड़ी बहन होने से सिबलिंग कोई बुरी आदत या व्यवहार से दूर रहते हैं जैसे हिचकिचाना या डरना।

अन्य स्टडी में खुलासा हुआ कि जब भाई या बहन लड़ते हैं तो इससे दोनों को बहस करना और अपनी भावनाओं को कंट्रोल करने का हुनर सीखने का मौका मिलता है। अगर किसी की बहन है तो वो नकारात्मक चीजों से ज्यादा दूर रहते हैं। इनमें अकेलापन, डर और शर्मीलापन कम देखा जाता है। ये चीजें मिलकर किसी इंसान के रवैये में नकारात्मकता ला सकती हैं और उसे डिप्रेशन या किसी खाने या किसी चीज से नफरत हो सकती है। यहां तक कि कुछ मामलों में इंसान खुद को ही नुकसान पहुंचा सकता है।
बहन होने से इन सब चीजों को सकारात्मक तरीके से हैंडल करने में मदद मिलती है। जिन लोगों की बहन होती है वो आसानी से अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाते हैं और अपने मतभेदों को सुलझा पाते हैं।
अगर भाई-बहन के बीच प्यार हो तो दोनों के व्यवहार में सकारात्मकता आती है जो कि पैरेंट्स के प्यार से नहीं मिल सकती है।



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