42 में ढाई क‍िलों के 3 बच्चों को दिया जन्म, फराह ने 17 साल बाद खोला हेल्दी प्रेग्नेंसी का राज

35 की उम्र के बाद प्रेगनेंसी को लेकर कई डॉक्टर चिंता जाहिर करते हैं, क्योंकि इस उम्र में कंसीव करने से मां और बच्चे की सेहत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, फिल्म डायरेक्टर और कोरियोग्राफर फराह खान ने अपनी प्रेगनेंसी के दौरान इसे हेल्दी बनाए रखने की बात शेयर की।

फराह खान ने देबीना बनर्जी के शो में बताया कि उनकी प्रेगनेंसी पूरी तरह से हेल्दी रही और उन्होंने ढाई किलो के तीन बच्चों को डिलीवर किया। उनका मानना है कि सही खानपान, एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह से प्रेगनेंसी को हेल्दी रखा जा सकता है।

Farah Khan Shares How Nutrition Played a Key Role in Her Triplet Pregnancy

तीनों एंब्रियो को रखा सुरक्षित

43 साल की उम्र में मां बनने वाली फराह खान ने अपनी प्रेगनेंसी को लेकर कुछ खास बातें साझा की हैं। फराह ने 42 साल की उम्र में आईवीएफ के जरिए कंसीव किया था। डॉक्टर ने उन्हें 1 एम्ब्रियो हटाकर ट्विन्स रखने की सलाह दी थी, लेकिन फराह ने यह प्रस्ताव मना कर दिया और तीन एम्ब्रियो को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया, जिससे उन्होंने ट्रिपलेट को जन्म दिया। फराह खान ने अपनी प्रेगनेंसी को हेल्दी बनाने के लिए पूरी कोशिश की। सही खानपान, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह का पालन कर, फराह ने ढाई किलो के तीन हेल्दी बच्चों को जन्म दिया। उनके इस निर्णय ने यह साबित कर दिया कि अधिक उम्र में भी एक स्वस्थ प्रेगनेंसी संभव है।

प्रेगनेंसी में ली हेल्दी न्यूट्रीशन

फराह खान ने अपनी प्रेगनेंसी के दौरान हेल्दी न्यूट्रीशन को अहम बताया है। हालांकि उन्हें आईवीएफ के दौरान कठिन दौर से गुजरना पड़ा, लेकिन उनकी सकारात्मक सोच ने उन्हें मदद दी। फराह ने अपने खाने-पीने पर खास ध्यान दिया और न्यूट्रीशनिस्ट की मदद ली, जिससे उनकी प्रेगनेंसी हेल्दी रही। वह बताती हैं कि डिलीवरी के बाद उनका वजन ज्यादा नहीं बढ़ा था, सिर्फ पेट थोड़ा बढ़ा था क्योंकि सारा न्यूट्रीशन उनके बच्चों को मिला था। फराह मानती हैं कि प्रेगनेंसी में हेल्दी डायट बेहद जरूरी है, क्योंकि यह न केवल मां की सेहत बल्कि बच्चे के विकास के लिए भी अहम होती है।

ड‍िलीवरी से 10 दिन पहले ही बेड रेस्ट लेना शुरू किया

फराह खान ने अपनी प्रेगनेंसी के दौरान केवल 10 दिन बेड रेस्ट लिया। उन्होंने बताया कि यदि प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत न हो, तो बेड रेस्ट से बचना चाहिए। फराह ने डिलीवरी से 10 दिन पहले ही बेड रेस्ट लेना शुरू किया और बच्चों के जन्म के दो महीने बाद वह काम पर वापस लौट आईं। उनका मानना है कि हल्का-फुल्का काम करना प्रेगनेंसी में फायदेमंद हो सकता है।

Story first published: Saturday, January 11, 2025, 20:00 [IST]
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