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Baby Skin Care: बारिश में बढ़ जाता है बच्चे को रैशेज का खतरा, इन घरेलू उपाय से बेबी स्किन की करें केयर
Home Remedies For Diaper Rashes In Monsoon : बारिश के मौसम में नमी की वजह से बच्चों को ज्यादा देर तक डायपर पहनाने से शिशु को रैशेज हो सकते हैं। यह मानसून में होने वाली कॉमन स्किन समस्या है। छोटे बच्चों की स्किन हेल्दी और हाइजीन रहें, इसके लिए इस मौसम में उन्हें एक्स्ट्रा स्किन केयर की जरुरत होती है।
बच्चों की स्किन रैशेज फ्री रहें, इसके लिए मार्केट में कई तरह के रैश फ्री क्रीम मिलती है, लेकिन आप कुछ घरेलू उपायों से भी इस समस्या से निजात पा सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चों को डायपर रैशेज से बचाने के काम के घरेलु नुस्खों के बारे में-

सफाई का ध्यान रखें
गीलेपन की वजह से होने वाली किसी भी तरह की स्किन प्रॉब्लम से बचने के लिए डायपर वाली जगह को साफ और सूखा रखें। शिशु के पेशाब या पॉटी करते ही, डायपर को तुरंत बदल दें। डायपर हटाने के बाद गीले मुलायम तौलिए से स्किन को साफ करें और दूसरा डायपर पहनाने से पहले स्किन को सूखने दें।
इन घरेलू उपायों को अपनाएं, रैशेज भगाएं
नारियल तेल- अगर बच्चे को रैशज हो गए हैं तो नारियल के तेल लगाएं। इसमें मौजूद एंटीफंगल, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण बच्चे की स्किन को मुलायम और मॉइस्चराइज करने के साथ ही रैशेज को खत्म करते हैं। दिन में 2-3 बार लगाने से स्किन पर नमी बनी रहती है।
नमक का पानी- एक टब पानी में आधा कप सेंधा नमक डालें और 15 से 20 मिनट तक शिशु को इस पानी में बिठाकर रखें। सेंधा नमक से सूजन कम होगी और रैशेज पैदा करने वाले बैक्टीरिया का खात्मा होगा।
दही - अगर बच्चे को रैश हो रहे हैं तो उस जगह पर थोड़ा दही लगा दें। दही में सूजन-रोधी और प्रोबायोटिक होते हैं जो इंफेक्शन को दूर करते हैं।
एलोवेरा जेल- एलोवेरा जेल स्किन रैशेज को ठीक करने में बहुत फायदेमंद होता है। इससे जलन और सूजन की समस्या कम हो जाती है और स्किन को ठंडक मिलती है। दिन में 2-3 बार इसे लगाने से रैशेज पैदा करने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।
पाउडर- रैशेज होने पर शिशु के उस हिस्से को अच्छा तरह से पानी में धोने के बाद सुखाएं, इसके बाद अच्छा सा एंटी-फंगल बेबी पाउडर लगाएं।

डायपर रैशेज से बचाने के टिप्स
- डायपर गीला होते ही बदल दें।
-जब डायपर बदलें तो शिशु को पहले अच्छी तरह से क्लीन कर लें।
- ज्यादा टाइट डायपर न पहनाएं।
-बच्चे को कपड़ों को माइल्ड वॉशिंग पाउडर से धोएं।
-बच्चे की स्किन को तेजी से न रगड़ें।
- हर 3-4 घंटे में डायपर को बदलें।
-बच्चे की त्वचा को ज्यादा सूखा रखने की कोशिश करें
हर समय डायपर में न रखें, बच्चें को कुछ देर खुला छोड़े या कॉटन की नैप्पी पहनाएं।



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