Latest Updates
-
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं
न दें बच्चों को जरुरत से ज्यादा आजादी
हम सोचते हैं कि जो माता पिता अपने बच्चों को जरुरत से ज्यादा आजादी दे देते हैं। उनके बच्चे किसी नियम का पालन नहीं करते, किसी ड्रेस कोड को नहीं मानते है और बहुत बत्मीज होते हैं। केवल जरुरत से ज्यादा आजादी दे देने से बच्चों में यह गुण नहीं आते। विशेषज्ञों अनुसार आपकी कुछ आदतें, आपको "पर्मिसिव पेरंन्टस" की श्रेणी में खडा कर सकती हैं। भले ही आपको यह लगता हो कि आप अपने बच्चों के साथ बिलकुल सही व्यवहार कर रहे हैं। यह सुनकर आपको आश्चर्य जरुर हुआ होगा?
पेरेंटिंग विशेषज्ञ लियोनार्ड सक्स अनुसार "आज कल ज्यादातर माता पिता अपने दायित्व नहीं समझ पाते"। लियोनार्ड, एम.डी और पी.एच.डी डिग्री होल्डर है, और साथ ही चेस्टर काउंटी में डॉक्टर है। इन्होंने, "गर्लस् ऑन्द ऐज ऐन्ड बॉइस् ऐडरीफ्ट" नामक किताब लिखी है। इनके अनुसार," माता पिता अपने बच्चों को बेहतरीन कॉलेज में प्रवेश करते देखना चाहते हैं, और उन्हें किसी तरह की निराशा का आभास नहीं होने देना चाहते। वे उन्हें बहुत ही सुरक्षित वातावरण में रखना चाहते हैं, पर इसे अच्छा यह होगा कि वे उन्हें उनके जीवन के हर एक अनुभव से रुबरु कराएँ"।

नीचे दिये गए 5 कारणों से आपको पता चलेगा कि किस तरह माता पिता अपने बच्चों को जरुरत से ज्यादा आजादी दे देते हैं, और कैसे वे अपना रवैया बदलें।
1) किसी दिनचर्या का पालन ना करना - बच्चों को अनुशासित रखना बहुत मुश्किल काम है। जब माता पिता भी इस में अपनी हार मान लें, तो उस परिवार की कोई दिनचर्या नहीं रहती। अतः, उनके बच्चे बहुत आलसी, गैर-जिम्मेदार और बिगडे हुए होते हैं।
2) झगडों को टालना - कई माता पिता अपने बच्चों के साथ उनकी जरुरतों को लेकर कोई बहस नहीं करना चाहते। जिसके कारण माता पिता बहुत आराम से अपने बच्चों की बात मान लेते हैं। जिन माता पिता को अपने बचपन में कठोर अनुशासन का पालन करना पडा, वे इस तरह का रवैया अपने बच्चों के लिए अपनाते हैं।
3) पढाई का बहाना बनाना - कई बच्चे, घर की जिम्मेदारियों से छुटकारा पाने के लिए पढाई का बहाना बनाते हैं। क्योंकि, माता पिता हमेशा पढाई पर जोर देते हैं और बच्चे सही समय पर इस बात का फायदा उठाते हैं।
4) अपने बच्चों के मित्र- जो माता पिता अपने बच्चों को बहुत आजादी देते हैं, वे चाहते है कि उनके बच्चे उन्हें एक दोस्त की तरह देखें ना की किसी अनुशासनकारी की तरह।
5) तकनीकी चीजों को भेंट ना करें- कई बच्चे स्मार्टफॉन जैसी तकनीकी चाजों को पाने के लिए अपने माता पिता के सामने बहुत गिडगिडाते हैं। ऐसी चीजों को उपहार के तौर पर ना दें, भले ही आपको लगे कि जरुरत पडने पर वे आपको फोन कर सकती है।



Click it and Unblock the Notifications
